जमवारामगढ़ में अनियंत्रित होकर खाई में गिरी कार, 4 की जान गई और 2 गंभीर रूप से जख्मीराजस्थान में सरसों की भरपूर पैदावार के लिए 10 से 25 अक्टूबर का समय सबसे मुफीद, जानिए उन्नत बीज और कतार बुवाई के नियमबोकारो में मिर्च की बंपर पैदावार के लिए कृषि विशेषज्ञ ने बताए 3 बड़े रोगों से बचाव के तरीकेमूलांक 7 दैनिक अंकज्योतिष 23 अक्टूबर 2026: शांत रहने के बजाय अपनों से दिल की बात साझा करेंसऊदी तेल ठिकानों पर नए हमलों से ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर के पार, वैश्विक बाजारों में गहराया तनावब्रिटिश पाउंड के मुकाबले 0.8400 के स्तर पर अटका यूरो, तकनीकी सुधार के बीच फ्रांस का वित्तीय संकट बना रोड़ाअमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने जामनगर में रिलायंस रिफाइनरी का किया दौरा, ऊर्जा सुरक्षा और वेनेजुएला के कच्चे तेल पर टिकीं निगाहेंमधुश्रावणी में 15 दिनों तक अरवा अन्न का अनुष्ठान, चिकित्सक ने बताए स्वास्थ्य पर फायदे और खतरेमहिंद्रा ने बढ़ाई अपनी लोकप्रिय 7 सीटर एसयूवी की कीमतें, जानें कितने महंगे हुए वेरिएंट्सपूर्वी सऊदी अरब के हवाई अड्डे पर हमला, दो लोगों की मौत और आठ घायल
राजस्थान के शहरों में वायु प्रदूषण का स्तर मध्यम, जयपुर के सीतापुरा और भिवाड़ी में बिगड़ी आबोहवाराजस्थान
23 अक्तू॰ 2026, 11:10 am (25 मिनट पहले)· 0

राजस्थान के शहरों में वायु प्रदूषण का स्तर मध्यम, जयपुर के सीतापुरा और भिवाड़ी में बिगड़ी आबोहवा

राजस्थान के अधिकांश संभागों और शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम दायरे में दर्ज हुई है, जहां औद्योगिक गतिविधियों और वाहनों के धुएं के चलते सुबह-शाम प्रदूषण बढ़ रहा है।

प्रदेश के प्रमुख शहरी केंद्रों और सातों संभागों में इन दिनों वायु प्रदूषण का स्तर सामान्य से अधिक चिंताजनक बना हुआ है, जहां ज्यादातर निगरानी केंद्रों पर गुणवत्ता का पैमाना मध्यम दायरे में सिमटा हुआ है। वातावरण में नमी की कमी, लगातार उड़ती धूल और सड़कों पर दौड़ते वाहनों से निकलने वाला उत्सर्जन हवा को लगातार दूषित कर रहा है। पर्यावरण पर नजर रखने वाले जानकारों और मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि वातावरण एकदम शुष्क रहने के कारण प्रदूषक कण वायुमंडल के निचले हिस्से में ही टिके रह जाते हैं, जिसकी वजह से खासकर सुबह की शुरुआत और ढलती शाम के समय लोगों को सांस लेने में भारीपन महसूस होता है। हालांकि, जल्द सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ से वायुमंडल में हलचल बढ़ने और हवा साफ होने की आस बंधी है।

राजधानी के अलग-अलग इलाकों में दिखा भारी अंतर

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और स्थानीय केंद्रों के मापन में यह बात सामने आई है कि एक ही शहर के भीतर अलग-अलग क्षेत्रों की स्थिति काफी भिन्न है। राजधानी जयपुर की बात करें तो समूचे शहर का मिलाजुला सूचकांक 124 दर्ज हुआ, किंतु औद्योगिक क्लस्टर और रिहायशी कॉलोनियों के आंकड़ों में जमीन-आसमान का फर्क दिखा। शहर के रीको सीतापुरा स्थित कारखानों वाले क्षेत्र में प्रदूषण का ग्राफ सबसे ऊपर रहा, जहां यह आंकड़ा लगभग 170 तक जा पहुंचा। इसके ठीक उलट, हरियाली और सुनियोजित बसावट वाले आदर्श नगर क्षेत्र में हवा की शुद्धता काफी संतोषजनक रही और वहां का स्तर केवल 76 के आंकड़े पर दर्ज किया गया।

ये भी पढ़ें

औद्योगिक नगरों और भारी वाहनों का असर

राजधानी के अलावा राज्य के अन्य विनिर्माण केंद्रों और व्यस्त व्यापारिक मार्गों पर भी प्रदूषण का भारी दबाव देखा जा रहा है। भिवाड़ी के कारखानों, सीकर के व्यस्ततम इलाकों और भरतपुर के मुख्य मार्गों पर धुएं और धूल की घनी परत महसूस की जा रही है। इन क्षेत्रों में चौबीसों घंटे चलने वाली विनिर्माण इकाइयों, भारी ट्रकों की आवाजाही और सड़कों से उड़ने वाले गर्द-गुबार ने हवा में पार्टिकुलेट मैटर 10 और 2.5 के महीन कणों की मौजूदगी को काफी बढ़ा दिया है, जिससे संवेदनशील लोगों को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

सवाल-जवाब

राजस्थान के अधिकांश शहरों में आज वायु गुणवत्ता किस श्रेणी में दर्ज की गई?
राज्य के अधिकांश प्रमुख शहरों और संभाग मुख्यालयों में हवा की गुणवत्ता मध्यम यानी मॉडरेट श्रेणी में दर्ज की गई है।
राजधानी जयपुर में समग्र प्रदूषण सूचकांक कितना रहा?
जयपुर में कुल मिलाकर औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 124 दर्ज किया गया।
जयपुर का कौन सा क्षेत्र सबसे ज्यादा और कौन सा सबसे कम प्रदूषित रहा?
रीको सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र लगभग 170 एक्यूआई के साथ सबसे प्रदूषित रहा, जबकि आदर्श नगर में सूचकांक 76 दर्ज किया गया।
किन अन्य शहरों में औद्योगिक प्रदूषण का प्रभाव अधिक देखा गया?
भिवाड़ी, सीकर और भरतपुर जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयों और भारी वाहनों के आवागमन के कारण प्रदूषण का असर अधिक देखा गया।
आने वाले दिनों में हवा की स्थिति में सुधार की क्या उम्मीद है?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आगामी पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम बदलेगा, जिससे हवा की गुणवत्ता में थोड़ा सुधार आ सकता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp