सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत के सबसे बड़े शहर दम्माम स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बुधवार शाम को एक घातक हमला हुआ। देश के जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन के अनुसार, इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में दो लोगों की जान चली गई और आठ अन्य लोग घायल हो गए। मारे जाने वालों में एक सऊदी नागरिक और एक भारतीय निवासी शामिल थे। इसके अलावा, घायलों में सऊदी, भारतीय, यमनी, बांग्लादेशी और नेपाली नागरिक भी शामिल हैं। हालांकि विमानन प्राधिकरण ने यह स्पष्ट नहीं किया कि किस प्रकार के हथियार या हमले का इस्तेमाल किया गया था, लेकिन यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा पहले भी देश के हवाई अड्डों को ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाया जाता रहा है।
पूर्वी प्रांत में ड्रोन हमला और ऊर्जा सुविधाओं को निशाना
बुधवार सुबह को पूर्वी प्रांत के ऊपर एक ड्रोन को रोका गया था, जिसके मलबे की चपेट में आने से दो अन्य लोगों की मौत हो गई। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि यह ड्रोन शायबेह तेल क्षेत्र में स्थित अरामको की एक प्रोसेसिंग फैसिलिटी को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा था। इस दौरान वहां एक ठेकेदार के वाहन में आग लग गई थी। इस सुबह की घटना में मारे गए लोगों की पहचान फिलीपींस और नेपाल के निवासियों के रूप में की गई है। इसके अलावा, सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने बताया कि बुधवार रात को चार और ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया गया। यह गठबंधन यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन कर रहा है।
बढ़ता संघर्ष और नागरिक हताहतों के आंकड़े
हूती विद्रोहियों की ओर से इस ताजा हमले पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन उनका यह कहना रहा है कि वे पश्चिमी यमन में सऊदी के हवाई हमलों के जवाब में ऊर्जा प्रतिष्ठानों और सैन्य अड्डों को निशाना बना रहे हैं। सऊदी अधिकारियों के अनुसार, अक्टूबर की शुरुआत से अब तक हूती हमलों में कम से कम 21 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इससे पहले 10 अक्टूबर को रियाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक मिसाइल हमले में 13 लोगों की मौत हो गई थी और 308 लोग घायल हो गए थे। यह पिछले एक दशक से अधिक समय में सऊदी अरब की धरती पर हुआ सबसे घातक हमला था। दूसरी ओर, हूती सैन्य प्रवक्ता ने बुधवार को दावा किया कि उन्होंने अल-मुकल्ला शहर के एक हवाई अड्डे पर सैन्य उपकरणों को निशाना बनाया था।
यमन का गृहयुद्ध और क्षेत्रीय तनाव
यमन में चल रहे गृहयुद्ध के आंकड़े भी चिंताजनक स्थिति बयां करते हैं। हूती-संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय का दावा है कि पिछले तीन महीनों के दौरान संघर्ष में 155 नागरिक मारे गए हैं। वहीं सरकारी स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, इसी अवधि में कम से कम 1,574 लोग संघर्ष का शिकार हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इस हिंसा के कारण 256,000 से अधिक लोग अपने घरों से विस्थापित हो चुके हैं। वर्ष 2014 में जब हूतियों ने सना से सरकार को बेदखल किया था, तब से यह संघर्ष शुरू हुआ था। स्थिति तब और बिगड़ गई जब अगले साल सऊदी गठबंधन ने इसमें सैन्य हस्तक्षेप किया। जुलाई में चार साल पुराना अनौपचारिक संघर्ष विराम टूट गया जब हूतियों ने लाल सागर में नाकाबंदी और हमलों की घोषणा की। इस महीने की शुरुआत में बाब अल-मदब जलडमरूमध्य के पास भी भारी संघर्ष जारी रहा है।



















