राजस्थान में आगामी नगरीय निकाय चुनाव 2026 की प्रशासनिक तैयारियां अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। जयपुर जिले की 19 नगरीय निकायों में शामिल कुल 690 वार्डों के लिए दाखिल किए गए नामांकन पत्रों की संवीक्षा (स्क्रूटनी) का कार्य आधिकारिक रूप से संपन्न कर लिया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी (म्यूनिसिपल) के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित इस प्रक्रिया में प्राप्त कुल 4,868 आवेदनों की सूक्ष्मता से जांच की गई। तकनीकी गड़बड़ियों, अधूरे दस्तावेजों और संवैधानिक कसौटियों पर खरे न उतरने के कारण 1,380 नामांकन पत्र निरस्त कर दिए गए। संवीक्षा के बाद कुल 3,488 पर्चे वैध पाए गए हैं, जिनके आधार पर 3,366 उम्मीदवार चुनावी दौड़ में बने हुए हैं।
जयपुर नगर निगम की स्थिति और संवीक्षा का असर
राजधानी के मुख्य जयपुर नगर निगम क्षेत्र में चुनावी हलचल बेहद तेज हो गई है। यहां के कुल 150 वार्डों के लिए पेश किए गए नामांकन पत्रों में से जांच के दौरान 338 आवेदन निरस्त कर दिए गए। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, स्क्रूटनी के बाद नगर निगम क्षेत्र से 1,040 पर्चे वैध पाए गए, जिसके चलते अंतिम रूप से 1,007 प्रत्याशी चुनाव लड़ने के योग्य घोषित किए गए हैं। एक साथ 338 पर्चे खारिज होने से कई प्रमुख राजनीतिक दलों के साथ-साथ निर्दलीय दावेदारों के समीकरण भी पूरी तरह बदल गए हैं और कई सीटों पर मुकाबला अब नए सिरे से तय हो रहा है।
विभिन्न नगरपालिकाओं का विस्तृत ब्योरा और खारिज पर्चे
जिले की अन्य नगर परिषदों और नगरपालिकाओं में भी संवीक्षा के बाद प्रत्याशियों की तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। शाहपुरा नगर परिषद क्षेत्र में सबसे अधिक 194 नामांकन पत्र निरस्त किए गए, जबकि 339 पर्चे सही पाए जाने पर 326 अभ्यर्थियों का नामांकन वैध माना गया है। चाकसू नगरपालिका में 129 पर्चे निरस्त होने के बाद 213 उम्मीदवार मैदान में शेष बचे हैं। इसी प्रकार, चौमूं में 89, मनोहरपुर में 69, फागी में 68, नारायणा में 62, बगरू में 61, सांभर में 59, खेजरोली में 54, जमवारामगढ़ में 50, दूदू में 48, वाटिका में 37, कालाडेरा में 33, बस्सी में 32 और किशनगढ़-रेनवाल में 29 नामांकन पत्र खारिज हुए हैं। इसके अतिरिक्त, जोबनेर में 12, फुलेरा में 11 और कानोता में 5 पर्चे तकनीकी आधार पर खारिज किए गए हैं।
नाम वापसी और चुनाव चिह्न आवंटन का चुनावी कार्यक्रम
नामांकन संवीक्षा का चरण समाप्त होने के साथ ही प्रशासनिक मशीनरी अब नाम वापसी की प्रक्रिया पर केंद्रित हो गई है। चुनाव मैदान में उतरे अभ्यर्थियों को 3 सितंबर दोपहर 3 बजे तक अपनी उम्मीदवारी वापस लेने की मोहलत दी गई है। 3 सितंबर को तय समयसीमा खत्म होते ही अंतिम रूप से चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की सूची पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी। इसके तुरंत बाद, 4 सितंबर को जिला निर्वाचन विभाग द्वारा सभी पात्र उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न (सिंबल) आवंटित कर दिए जाएंगे। प्रतीक चिन्ह मिलते ही प्रत्याशी और राजनीतिक दल अपने चुनावी प्रचार को पूरे शबाब पर ले जाएंगे।



















