सरकारी गश्त वाहन के भीतर शराब का सेवन करने का मामला सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से प्रसारित हुआ था, जिसमें पुलिस की पीसीआर (पुलिस कंट्रोल रूम) वैन के अंदर दो कर्मचारी शराब की बोतलों के साथ नज़र आ रहे थे। इस मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए ड्यूटी पर तैनात दिल्ली पुलिस के एक हेड कॉन्स्टेबल को सेवा से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, पीसीआर वाहन से जुड़े दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के ड्राइवर को लाइन हाजिर करते हुए उसके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ी सतर्कता
यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब इंटरनेट पर पीसीआर वाहन के अंदर की एक क्लिप सार्वजनिक हुई। इस वीडियो में वाहन के भीतर मौजूद कर्मचारी हाथ में शराब की बोतल थामे दिखाई दे रहे थे। एक्स पर साझा किए गए वीडियो को देखते ही कई उपयोगकर्ताओं ने सुरक्षा बल की साख और कर्तव्य के प्रति लापरवाही पर सवाल उठाए थे। लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी और अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की जोरदार मांग उठाई थी।
जांच के बाद पुलिस कमिश्नर (पीसीआर) की आधिकारिक पुष्टि
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग ने तुरंत आंतरिक जांच के आदेश दिए। जांच अधिकारी ने पीसीआर वाहन की लोकेशन और उसमें मौजूद कर्मियों का सत्यापन कर दोनों आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की। इसके पश्चात पुलिस कमिश्नर (पीसीआर) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए बताया कि घटना की पूरी पड़ताल पूरी कर ली गई है। चिन्हित किए गए कर्मचारियों में से हेड कॉन्स्टेबल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि संविदा या संबद्ध डीटीसी चालक को लाइन हाजिर किया गया है।
डीटीसी की विभागीय कार्रवाई और पहचान गोपनीयता
पुलिस विभाग के अलावा दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) ने भी अपने चालक के इस दुर्व्यवहार को गंभीरता से लिया है। डीटीसी प्रबंधन की ओर से चालक के खिलाफ विस्तृत विभागीय जांच और अनुशासनात्मक प्रक्रिया की शुरुआत कर दी गई है। हालांकि, दिल्ली पुलिस द्वारा जारी किए गए आधिकारिक वक्तव्य में दोनों दोषी कर्मचारियों के व्यक्तिगत नामों या पहचान का खुलासा नहीं किया गया है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वर्दी और ऑन-ड्यूटी अनुशासन के उल्लंघन जैसे किसी भी कदाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी नियमों के तहत उचित कानूनी एवं प्रशासनिक कदम उठाए जा रहे हैं।




















