राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव 2026 के लिए नामांकन पत्रों की जांच और चुनावी तैयारियों के बीच राज्य भर के कई जिलों में अचानक राजनीतिक माहौल काफी गरमा गया है। विभिन्न नगर निकायों से आ रही खबरों के मुताबिक कई प्रमुख प्रत्याशियों के पर्चे निरस्त होने, राजनीतिक दलों में आंतरिक असंतोष उभरने तथा प्रशासनिक फैसलों पर उठे सवालों ने इस चुनावी दंगल को बेहद दिलचस्प और तनावपूर्ण बना दिया है। सिरोही से लेकर दौसा, अजमेर, अलवर और हनुमानगढ़ तक उम्मीदवारों की किस्मत के फैसले के साथ ही विरोध-प्रदर्शन और इस्तीफों का सिलसिला लगातार जारी है।
सिरोही के शिवगंज में भारतीय जनता पार्टी को लगा झटका
सिरोही जिले की शिवगंज नगर पालिका के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को एक बहुत बड़ा रणनीतिक झटका लगा है। वार्ड नंबर 25 में पार्टी का कोई भी अधिकृत उम्मीदवार अपना नामांकन पत्र समय पर दाखिल नहीं कर सका। भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने इस गंभीर स्थिति के लिए जिलाध्यक्ष रक्षा भंडारी की कार्यशैली और घोर लापरवाही को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। इस प्रशासनिक चूक के कारण सिरोही की राजनीति में भाजपा की भारी किरकिरी हो रही है।
वार्ड नंबर 25 से किसी भी प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार का नामांकन दाखिल न हो पाने के कारण कांग्रेस प्रत्याशी की निर्विरोध जीत लगभग तय मानी जा रही है। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम से स्थानीय विधायक ओटाराम देवासी के नगर पालिका बोर्ड बनाने के राजनीतिक समीकरण पूरी तरह गड़बड़ा गए हैं। एक तरफ जहां इस सफलता से कांग्रेस खेमे में भारी उत्साह और जश्न का माहौल देखा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ भाजपा कार्यकर्ताओं में अपनी ही जिलाध्यक्ष रक्षा भंडारी के खिलाफ तीव्र आक्रोश व्याप्त है।
सिरोही जिले में शांतिपूर्ण मतदान हेतु सूखा दिवस के निर्देश
नगर निकाय चुनाव की संपूर्ण प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराने के लिए सिरोही के जिला निर्वाचन अधिकारी रोहिताश्व सिंह तोमर ने विशेष आदेश जारी किए हैं। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में दो चरणों में शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध यानी सूखा दिवस लागू करने का निर्णय लिया है।
चुनावी कार्यक्रम के अनुसार पहले चरण में शिवगंज, आबूरोड़ और मंडार क्षेत्रों में 7 सितंबर को शाम 6 बजे से लेकर 9 सितंबर को शाम 6 बजे तक शराब की दुकानें और वितरण पूरी तरह बंद रहेंगे। इसके बाद दूसरे चरण के तहत सिरोही शहर, पिण्डवाड़ा तथा आबू पर्वत क्षेत्र में 9 सितंबर की शाम 6 बजे से 11 सितंबर की शाम 6 बजे तक सूखा दिवस प्रभावी रहेगा। इसके अतिरिक्त, जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि 14 सितंबर को मतगणना के दिन भी पूरे सिरोही जिले में मदिरा के संग्रहण, बिक्री और वितरण पर पूर्ण प्रतिबंध लागू रहेगा।
हनुमानगढ़ नगर परिषद के वार्ड 52 में देर रात का हंगामा
हनुमानगढ़ नगर परिषद चुनाव 2026 के तहत वार्ड नंबर 52 का चुनावी माहौल उस समय अचानक अत्यधिक तनावपूर्ण हो गया, जब कांग्रेस प्रत्याशी बंशी खन्ना का नामांकन निरस्त होने की खबर सामने आई। इस सूचना के फैलते ही देर रात करीब 1 बजे क्षेत्र में भारी तादाद में समर्थक और स्थानीय नागरिक जमा हो गए तथा जमकर नारेबाजी करने लगे।
कांग्रेस प्रत्याशी बंशी खन्ना ने उपखंड अधिकारी हनुमानगढ़ पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासनिक अधिकारी उनका पक्ष सुनने के बजाय राजनीतिक दबाव में काम कर रहे हैं और उनका पर्चा खारिज करने का एकतरफा प्रयास किया जा रहा है। बंशी खन्ना और उनके साथ मौजूद वार्डवासियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उन्हें निष्पक्ष सुनवाई का अवसर नहीं मिला, तो वे जिला कलेक्ट्रेट के समक्ष उग्र आंदोलन और धरना शुरू करेंगे।
अजमेर नगर निगम के वार्ड 24 में भाजपा प्रत्याशी का पर्चा निरस्त
अजमेर नगर निगम चुनाव 2026 के वार्ड नंबर 24 से भारतीय जनता पार्टी को एक बड़ा रणनीतिक झटका झेलना पड़ा है। भाजपा के घोषित उम्मीदवार अनुज चौहान द्वारा अपने नामांकन दस्तावेज में पुलिस में दर्ज आपराधिक मामलों की जानकारी छुपाने की शिकायत दर्ज की गई थी। जांच के दौरान आपत्ति सही पाए जाने पर निर्वाचन अधिकारी ने अनुज चौहान का नामांकन पत्र खारिज कर दिया।
अनुज चौहान का पर्चा खारिज होने के बाद अब भारतीय जनता पार्टी के पास इस वार्ड से अपना कोई आधिकारिक प्रत्याशी नहीं बचा है, जिसके चलते पार्टी को किसी निर्दलीय या बागी उम्मीदवार को समर्थन देने की मजबूरी पैदा हो गई है। दूसरी तरफ, इस वार्ड से कांग्रेस पार्टी की वरिष्ठ उम्मीदवार रश्मि हिंगोरानी अपनी मजबूत दावेदारी के साथ मैदान में डटी हुई हैं, जिससे कांग्रेस का पलड़ा भारी नजर आ रहा है।
अलवर के मिनी सचिवालय पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उग्र धरना
अलवर नगर निगम चुनाव के दौरान वार्ड नंबर 58 से कांग्रेस के प्रत्याशी हेमंत कुमार अग्रवाल का नामांकन पत्र निरस्त किए जाने के बाद देर रात भारी बवाल हो गया। नामांकन खारिज होने से नाराज कांग्रेस के जिलाध्यक्ष प्रकाश गंगावत की अगुवाई में दर्जनों पार्टी कार्यकर्ता और प्रत्याशी के समर्थक मिनी सचिवालय भवन के मुख्य गेट पर एकत्र हो गए और धरना शुरू कर दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए तहसीलदार सुदीप सिंह भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारी नेताओं से वार्ता की। तहसीलदार सुदीप सिंह ने स्पष्ट किया कि नामांकन पत्रों की बारीकी से जांच दो वरिष्ठ आरएएस अधिकारियों की प्रत्यक्ष मौजूदगी में पूरी तरह पारदर्शी और नियमानुसार की गई है। जांच में प्रत्याशी के खिलाफ दर्ज पुलिस प्रकरणों से जुड़े साक्ष्यों के आधार पर ही निरस्तीकरण का निर्णय लिया गया है। देर रात 1 बजे कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रकाश गंगावत ने तहसीलदार को अपना ज्ञापन सौंपा, जिसके बाद धरना समाप्त किया गया।
बूंदी जिले की लाखेरी नगर पालिका से कांग्रेस को झटका
बूंदी जिले की लाखेरी नगर पालिका चुनाव से भी कांग्रेस पार्टी के लिए एक निराश करने वाली खबर सामने आई है। वार्ड नंबर 5 से कांग्रेस के घोषित प्रत्याशी सत्यनारायण सैनी के दस्तावेजों की जब निर्वाचन अधिकारियों द्वारा समीक्षा की गई, तो उसमें कमियां पाई गईं। इसके परिणामस्वरूप सत्यनारायण सैनी का नामांकन पत्र जांच प्रक्रिया के दौरान निरस्त कर दिया गया, जिससे वार्ड 5 में चुनावी समीकरण बदल गए हैं।
दौसा जिले की 11 निकायों में 538 नामांकन निरस्त
दौसा जिले में मंगलवार की देर शाम तक सभी निकायों के नामांकन पत्रों की विस्तृत जांच प्रक्रिया पूरी कर ली गई, जिसके बाद जिला प्रशासन ने अधिकृत सूचियों का प्रकाशन किया है। दौसा जिले की कुल 11 नगर निकायों में जांच के दौरान रिकॉर्ड 538 नामांकन पत्र खारिज किए गए हैं। इनमें प्रमुख रूप से बांदीकुई निकाय में 143, लालसोट में 87 और दौसा शहर में 84 प्रत्याशियों के पर्चे निरस्त हुए हैं।
नामांकन निरस्तीकरण के इस बड़े आंकड़े के बाद अब दौसा नगर निकाय में 312, महुआ में 269 और बांदीकुई में 268 उम्मीदवार मैदान में बचे हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार प्रत्याशी 3 सितंबर तक अपनी उम्मीदवारी वापस ले सकते हैं, जबकि 4 सितंबर को सभी वैध उम्मीदवारों को उनके चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे।
नापासर में पूर्व चेयरमैन प्रतिनिधि का पर्चा खारिज, पुलिस तैनात
नापासर नगर पालिका चुनाव के वार्ड नंबर 23 से कांग्रेस प्रत्याशी तथा पूर्व चेयरमैन प्रतिनिधि रतिराम तावनिया का नामांकन पत्र निरस्त होते ही वहां का माहौल गरमा गया। पर्चा खारिज होने की खबर मिलते ही रतिराम तावनिया के समर्थन में सैकड़ों कार्यकर्ता नगर पालिका कार्यालय के बाहर इकट्ठा हो गए और प्रशासनिक मशीनरी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों पर साठगांठ का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की।
रतिराम तावनिया ने खुले तौर पर आरोप लगाया कि राजनीतिक दुर्भावना के तहत उनका नामांकन खारिज किया गया है। उन्होंने ऐलान किया कि वे इस अन्याय के खिलाफ कानूनी और लोकतांत्रिक लड़ाई लड़ेंगे तथा जरूरत पड़ने पर कलेक्ट्रेट पर भूख हड़ताल भी करेंगे। बिगड़ते माहौल को संभालने के लिए थानाधिकारी कविता पूनिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। प्रदर्शनकारियों ने जिला निर्वाचन अधिकारी के नाम का एक विस्तृत मांग पत्र रिटर्निंग अधिकारी सुमन शर्मा को सौंपा। क्षेत्र में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
आबूराज कांग्रेस में टिकट वितरण पर सामूहिक इस्तीफे
आबूराज नगर पालिका चुनाव 2026 के लिए नामांकन प्रक्रिया के अंतिम समय में कांग्रेस पार्टी के भीतर जारी अंदरूनी कलह सार्वजनिक रूप से सतह पर आ गई है। पार्टी द्वारा टिकट वितरण में अपनाए गए मापदंडों से असंतुष्ट होकर 16 वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने एक साथ अपने पदों से सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। इन कार्यकर्ताओं ने अपना त्यागपत्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी जयपुर के अध्यक्ष को भेजा है।
इस्तीफा पत्र में कार्यकर्ताओं ने नगर कांग्रेस अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वर्षों से पार्टी की सेवा कर रहे निष्ठावान और धरातली कार्यकर्ताओं को पूरी तरह नजरअंदाज कर बाहरी और नए दावेदारों को अनुचित प्राथमिकता दी गई है, जिससे संगठन को भारी नुकसान पहुंचेगा।
आबूरोड़ में ब्राह्मण समाज का भाजपा के खिलाफ मोर्चा
सिरोही जिले के आबूरोड़ क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के पार पारंपरिक वोट बैंक माने जाने वाले ब्राह्मण समाज ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया है। क्षेत्र के लगभग 10 हजार ब्राह्मण मतदाताओं की राजनीतिक उपेक्षा किए जाने से समाज में भारी रोष व्याप्त है। समाज के लोगों का गुस्सा मुख्य रूप से भाजपा जिलाध्यक्ष रक्षा भंडारी के निर्णयों के खिलाफ फूट पड़ा है।
ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर स्पष्ट नारा दिया है कि 'भाजपा तुझसे बैर नहीं, रक्षा तेरी खैर नहीं'। परशुराम भवन में आयोजित एक बड़ी बैठक के दौरान समाज के प्रबुद्ध जनों ने इसे ऐलान-ए-जंग करार देते हुए जिलाध्यक्ष का पुतला दहन करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया है। निकाय चुनाव में टिकट न मिलने से उपजा यह आक्रोश अब आबूरोड़ की सड़कों पर प्रत्यक्ष विरोध के रूप में दिखाई देने लगा है।
सिरोही नगर परिषद चुनाव में सैन समाज ने पारित किया निंदा प्रस्ताव
सिरोही नगर परिषद चुनाव के संदर्भ में सैन समाज ने भी भारतीय जनता पार्टी की कार्यप्रणाली पर कड़ा एतराज जताते हुए एक सार्वजनिक निंदा प्रस्ताव पारित किया है। समाज के प्रमुख पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि निकाय चुनाव में लगातार समर्थन देने के बावजूद पार्टी ने सैन समाज को एक भी टिकट नहीं देकर उनका घोर राजनीतिक अनादर किया है।
पार्टी द्वारा दिए गए इस झटके के बाद सैन समाज ने स्थानीय भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ खुलकर विरोध दर्ज कराया है। सैन समाज के प्रतिनिधियों ने औपचारिक निर्णय लिया है कि वे इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों का समर्थन करने के बजाय अन्य योग्य और निर्दलीय प्रत्याशियों को स्वतंत्र रूप से अपना समर्थन प्रदान करेंगे।




















