राजस्थान में जब भी भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होने की बात होती है, तो सुरेश ढाका का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। वह प्रदेश की अनेक बड़ी सरकारी भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक करने के मामलों में मुख्य संदिग्ध है। पिछले करीब चार वर्षों से वह कानून की पकड़ से दूर है और एसओजी (SOG) सहित तमाम जांच एजेंसियां उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही हैं। वर्तमान में वह तब फिर से खबरों में आया जब उसके पिता की कंपनी को 20.05 करोड़ रुपये की बजरी खनन की लीज आवंटित हुई। आइए समझते हैं कि सुरेश ढाका कौन है और उसका आपराधिक रिकॉर्ड क्या रहा है।
कौन है सुरेश ढाका और उसकी पृष्ठभूमि
सुरेश ढाका का मूल निवास जालौर जिले के सांचौर क्षेत्र का अचलपुर गांव है। जयपुर में रहने के दौरान वह “उमंग क्लासेज” नाम से एक कोचिंग सेंटर का संचालन करता था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उसकी जबरदस्त पकड़ रही है। उसके सोशल मीडिया प्रोफाइल्स पर करीब 15 लाख फॉलोअर्स होने का दावा किया जाता है और उसके कई अकाउंट्स वेरिफाइड भी हैं, जिससे उसका प्रभाव समझा जा सकता है।
पिता को मिला बड़ा सरकारी ठेका और विवाद
ढाका के पिता मांगीलाल ढाका अचलपुर गांव के वर्तमान सरपंच हैं। हाल ही में उनकी फर्म, जिसका नाम “ढाका कंस्ट्रक्शन” है, को ब्यावर जिले के रायपुर क्षेत्र के मैसिया गांव में लगभग 100 हेक्टेयर जमीन पर बजरी खनन का काम मिला है। यह लीज 20.05 करोड़ रुपये की है। इस ठेके के मिलने के बाद राज्य की राजनीति में बहस छिड़ गई है और सुरेश ढाका के रसूख पर सवाल उठ रहे हैं।
राजनीतिक पहुंच और संपर्कों की चर्चा
लंबे समय से यह आरोप लगते रहे हैं कि सुरेश ढाका की राजनीतिक पकड़ बेहद मजबूत है। इंटरनेट पर उसके साथ कई प्रभावशाली राजनेताओं की तस्वीरें मौजूद हैं, जिन्हें देखकर उसकी पहुंच का अंदाजा लगाया जाता है। यह दावा भी किया गया कि वह समय-समय पर कुछ बड़े नेताओं के लिए सोशल मीडिया मैनेजमेंट का काम संभालता था, हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
पेपर लीक के 10 बड़े मामलों में नाम
जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड के अनुसार, सुरेश ढाका का नाम सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा और सेकेंड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण एग्जाम्स समेत राजस्थान की कुल 10 भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक करने में आया है। सेकेंड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के दौरान उदयपुर में जब एक चलती बस से पेपर बरामद हुए थे, तब यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में छा गया था।
फरारी और इनाम की राशि
सुरेश ढाका वर्ष 2023 से कानून से छिपकर रह रहा है। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) उसे पकड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उस पर 5 लाख रुपये का इनाम रखा गया है। उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर भी जारी हो चुका है, लेकिन वह अब तक पुलिस की पहुंच से बाहर है।
ईडी और एसओजी की कार्रवाई
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पहले ही जयपुर में उसके फ्लैट और अन्य संपत्तियों को निशाना बनाते हुए कार्रवाई की है। वहीं, एसओजी लगातार उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। हाल ही में एसओजी ने उसके परिवार के ठिकानों और बजरी खनन लीज से जुड़ी जगहों पर भी छानबीन की है। इस पूरे प्रकरण में उसके साले सुरेश बिश्नोई को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, भूपी सरन और डॉ. भजनलाल जैसे व्यक्तियों के नाम भी जांच के दौरान सामने आए हैं। फिलहाल, सुरेश ढाका राजस्थान के सबसे कुख्यात फरार आरोपियों में से एक बना हुआ है और संबंधित एजेंसियां उसके नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं।











