महाराष्ट्र के आदिवासी छात्रों की भूख हड़ताल पर राहुल गांधी ने देवेंद्र फडणवीस को घेराबिटडिफेंडर वीपीएन रिव्यू (2026): तेज स्पीड और कम कीमत वाला एक आसान विकल्पराजीव कपूर की वो अधूरी कहानी, जिन्हें भाई ऋषि ने बताया था सबसे ज्यादा प्रतिभाशाली लेकिन फिल्मों में नहीं चला सिक्काबिना पकाए अंडों से साल्मोनेला बैक्टीरिया कैसे खत्म करें? घर पर ऐसे करें पाश्चराइजेशनशशि थरूर ने सोशल मीडिया पर शेयर की खास जानकारी, श्री योगी की किताबों को लेकर कही यह बातपाउंड स्टर्लिंग में पांच महीने का उच्च स्तर, घरेलू मोर्चे पर नहीं है कोई खास डेटाअमेरिकी डॉलर में जोरदार वापसी, ईरान प्रतिबंधों के चलते सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ीअमेरिका की सख्ती से ईरान के वित्त और वैश्विक शिपिंग पर मंडराया संकट, भारत पर भी असर की आशंकासिंगापुर के नेशनल डे रैली 2026 में लॉरेंस वोंग के भाषण पर डीबीएस की रिपोर्ट के मुख्य बिंदुफ्रांस और सऊदी अरब के बीच 6 अरब यूरो का बड़ा समझौता, पेरिस के पास बनेंगे तीन नए थीम पार्क
उदयपुर का खेरवाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बना मौत का जाल, गिरी छत की पपड़ीराजस्थान
10 जुल॰ 2026, 4:58 pm (45 दिन पहले)· 5

उदयपुर का खेरवाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बना मौत का जाल, गिरी छत की पपड़ी

मानसून की दस्तक के साथ ही उदयपुर के खेरवाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जर्जर इमारत के चलते एक बड़ा हादसा टल गया। अस्पताल की लेखा शाखा की छत का प्लास्टर अचानक गिरने से वहां हड़कंप मच गया।

हर साल मानसून की शुरुआत के साथ ही सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना एक सामान्य बात हो गई है। सरकारी स्कूलों से लेकर अस्पतालों तक, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और उनके रखरखाव की पोल पहली बारिश के साथ ही खुल जाती है। उदयपुर जिले के खेरवाड़ा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की ताजा घटना ने इन दावों को पूरी तरह से खोखला साबित कर दिया है। यहां मरीज और डॉक्टर खुद अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि अस्पताल की इमारत अब जर्जर हो चुकी है।

लेखा शाखा में बाल-बाल बची जान

खेरवाड़ा सीएचसी के भीतर स्थित लेखा शाखा के कमरे में एक भयावह घटनाक्रम देखने को मिला। कमरे की छत का प्लास्टर अचानक भरभराकर नीचे आ गिरा। गनीमत यह रही कि उस समय वहां कोई मौजूद नहीं था। शाखा में कार्यरत कर्मचारी कुछ पल पहले ही अपने काम के सिलसिले में दूसरे कमरे में गए थे। यदि वे अपनी डेस्क पर बैठे रहते, तो एक बड़ी जनहानि की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता था। प्लास्टर के भारी टुकड़ों के गिरने से वहां रखा सीलिंग फैन पूरी तरह टूट गया और कुर्सियां व अन्य फर्नीचर भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।

ये भी पढ़ें

सुरक्षा पर सवाल और डर का साया

इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक दहशत का माहौल रहा। कर्मचारियों ने तुरंत उस हिस्से को खाली करवा दिया और किसी को भी वहां जाने से रोक दिया। अस्पताल प्रशासन के सामने इस घटना के बाद कई गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं। कुछ समय पहले ही उदयपुर शहर के एक अन्य सरकारी अस्पताल में भी छत का हिस्सा गिरने से एक डॉक्टर के घायल होने की खबर सामने आई थी। ऐसी घटनाएं यह स्पष्ट करती हैं कि अस्पतालों के भवनों का रख-रखाव और समय पर मरम्मत करने की दिशा में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है।

मानसून में बढ़ जाता है खतरा

मानसून के दौरान मरीजों की भीड़ अस्पतालों में बढ़ जाती है, लेकिन ऐसी बदहाल इमारतें इलाज के लिए आने वाले लोगों के लिए किसी जोखिम से कम नहीं हैं। अस्पताल के कर्मचारियों के अनुसार, भवन की छतों में पहले से ही कई दरारें देखी जा रही हैं और बारिश के दिनों में छत से पानी का रिसाव होना आम बात है। नियमित रखरखाव के अभाव में ये दरारें गहरी होती जा रही हैं, जो बड़े हादसों को न्योता दे रही हैं। स्थानीय नागरिकों की मांग है कि प्रशासन को केवल दावों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि हर सरकारी स्वास्थ्य केंद्र का भौतिक निरीक्षण कर तत्काल मरम्मत का कार्य शुरू करना चाहिए ताकि मरीजों, डॉक्टरों और कर्मचारियों की जान सुरक्षित रह सके।

सवाल-जवाब

उदयपुर के खेरवाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में क्या हुआ?
अस्पताल की लेखा शाखा में अचानक छत का प्लास्टर भरभराकर गिर गया, जिससे वहां लगा पंखा और अन्य सामान टूट गया।
क्या इस घटना में कोई घायल हुआ?
नहीं, कोई घायल नहीं हुआ क्योंकि घटना से कुछ सेकंड पहले ही कर्मचारी कमरे से बाहर चले गए थे।
क्या पहले भी ऐसी कोई घटना हुई है?
हां, कुछ समय पहले उदयपुर शहर के एक अन्य सरकारी अस्पताल में भी छत का हिस्सा गिरने से एक डॉक्टर घायल हो गए थे।
अस्पताल में किस तरह की अन्य समस्याएं बताई गई हैं?
कर्मचारियों के अनुसार, छत में कई जगह दरारें हैं और बारिश के दौरान पानी का रिसाव भी होता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR