डूंगरपुर जिले के निवासियों के लिए बीती रात आफत बनकर आई। जिले में हुई भारी और अनवरत बारिश ने न केवल जनजीवन को प्रभावित किया, बल्कि पुराने शहरी इलाकों की सड़कों को जलमग्न कर दिया। बीती रात करीब 10 बजे से शुरू हुई गर्जना और बिजली की कड़कड़ाहट के साथ मूसलाधार बारिश का दौर देर रात तक चलता रहा, जिसने स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बना दिया।
पुराने शहर में जलभराव की स्थिति
बारिश के वेग का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि डूंगरपुर के पुराने शहर के कई हिस्सों में सड़कों पर करीब 3 फीट तक पानी जमा हो गया। घाटी, कानेरा पोल, मोची बाजार और भोईवाड़ा जैसे इलाकों में जलभराव के कारण सड़कों ने नदी का रूप ले लिया, जिससे स्थानीय लोगों का घरों से बाहर निकलना तक दूभर हो गया। रातभर रुक-रुक कर हुई इस बारिश के कारण क्षेत्र के नदी-नालों में पानी का स्तर काफी बढ़ गया है।
जिले में बारिश के आंकड़े
बुधवार सुबह 8 बजे तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पूरे जिले में मानसून की सक्रियता साफ देखी जा सकती है। जिले में औसत 2 इंच बारिश दर्ज की गई, जिसमें सबसे अधिक 95 एमएम बारिश निठाउवा क्षेत्र में हुई। अन्य स्थानों पर बारिश की स्थिति इस प्रकार रही: वेंजा में 85 एमएम, डूंगरपुर शहर में 73 एमएम, धंबोला और सागवाड़ा में 70-70 एमएम, आसपुर में 67 एमएम, गणेशपुर में 56 एमएम, कनबा में 53 एमएम, गलियाकोट में 51 एमएम, देवल में 45 एमएम, सोम-कमला-अम्बा बांध क्षेत्र में 40 एमएम, साबला में 24 एमएम और चिखली में 23 एमएम वर्षा मापी गई।
मौसम और किसानों की उम्मीदें
बुधवार की सुबह भी आसमान में घने बादलों ने डेरा जमाए रखा। मौसम विभाग ने स्थिति को देखते हुए जिले के लिए येलो अलर्ट घोषित किया है और दिनभर रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना जताई है। हालांकि इस जलभराव से शहरवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन लंबे समय से गर्मी की मार झेल रहे किसानों के चेहरों पर इस वर्षा ने मुस्कान बिखेर दी है। किसान अब खेतों में बुवाई के काम को गति देने की तैयारी में जुट गए हैं। प्रशासन ने जलभराव वाले क्षेत्रों और नदी-नालों के पास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।











