मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में मानसून की पहली बारिश एक परिवार के लिए गम की सौगात लेकर आई। घुवारा तहसील के सौरखी गांव में आकाशीय बिजली गिरने से दो सगे चचेरे भाइयों की मौके पर ही जान चली गई। इस दर्दनाक हादसे ने पीड़ित परिवार समेत पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है और ग्रामीणों के बीच खौफ का माहौल बन गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
मछली पकड़ने बांध पर पहुंचे थे पांच-छह लोग
मिली जानकारी के मुताबिक सौरखी गांव के पांच-छह लोग धसान नदी पर बने बान सुजारा बांध पर मछली पकड़ने के लिए निकले थे। इसी दौरान मौसम ने अचानक करवट ली और तेज बारिश शुरू हो गई। बिगड़ते मौसम को देखते हुए पूरी टोली बांध से अपने घर की ओर लौटने लगी। बारिश की रफ्तार लगातार बढ़ती जा रही थी और सभी लोग जल्द से जल्द सुरक्षित घर पहुंचना चाहते थे।
रास्ते में बंटी टोली, दो भाई अलग रास्ते से बढ़े
वापसी के रास्ते में पड़ने वाले एक नाले में पानी का तेज बहाव देखकर टोली के चार लोग दूसरे सुरक्षित रास्ते से निकल गए, जबकि दो अन्य भाई दूसरी दिशा से घर की ओर बढ़ चले। इसी बीच बारिश और तेज हो गई, जिससे बचने के लिए दोनों चचेरे भाई, कनई आदिवासी और चरन आदिवासी, रास्ते में पड़ने वाले एक पेड़ के नीचे शरण लेकर खड़े हो गए। उन्हें उम्मीद थी कि पेड़ की छांव में बारिश थोड़ी थमने तक रुका जा सकता है।
पेड़ पर गिरी बिजली, दोनों भाइयों की मौके पर मौत
इसी दौरान अचानक कड़कड़ाती आकाशीय बिजली सीधे उसी पेड़ पर आ गिरी, जिसकी चपेट में आने से कनई आदिवासी और चरन आदिवासी की मौके पर ही मौत हो गई। गनीमत रही कि उनके साथ चल रहे बाकी चार लोग एक अलग पेड़ के नीचे खड़े थे, जिससे वे इस वज्रपात की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। हादसे के तुरंत बाद वे बाकी चार लोग सन्न रह गए और मदद के लिए गांव की ओर दौड़े।
प्रशासन पहुंचा मौके पर, पोस्टमार्टम के लिए भेजे शव
हादसे की खबर आग की तरह फैल गई और कुछ ही देर में मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही घुवारा तहसीलदार प्रीतम सिंह गौड़ और स्थानीय पुलिस बल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों मृतकों के शवों का पंचनामा तैयार किया गया, जिसके बाद पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को नियमानुसार हर संभव सहायता राशि उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया है।













