उत्तराखंड के चकराता इलाके में छुट्टियां मनाने निकले पर्यटकों का सफर एक भयानक हादसे में बदल गया। साहिया-क्वानू मोटर मार्ग पर तेज रफ्तार से जा रही एक कार अचानक बेकाबू होकर सैकड़ों फीट गहरी खाई में जा गिरी, जिसमें दो पर्यटकों की मौके पर ही मौत हो गई और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
कलेथा के पास हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक शाम करीब 5 बजे यह कार क्वानू होते हुए चकराता की ओर बढ़ रही थी। जैसे ही गाड़ी कलेथा गांव के नजदीक पहुंची, संकरे मोड़ और तेज ढलान वाले हिस्से में चालक का वाहन पर से नियंत्रण छूट गया। कार लहराते हुए सड़क किनारे बनी गहरी खाई की तरफ बढ़ी और पलक झपकते ही नीचे जा गिरी। खाई में गिरते वक्त कार पहाड़ियों और चट्टानों से बार-बार टकराई, जिससे गाड़ी के परखच्चे उड़ गए और चारों तरफ चीख-पुकार मच गई।
बिजनौर से घूमने निकला था परिवार
हादसे का शिकार हुए ये सभी पर्यटक उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। ये लोग पहाड़ों की खूबसूरत वादियों में छुट्टियां बिताने और घूमने-फिरने के मकसद से निकले थे। सफर के दौरान गाड़ी में बैठे लोग आपस में हंसी-मजाक और बातचीत कर रहे थे, लेकिन उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर बाद उनके सामने इतना बड़ा हादसा आ खड़ा होगा।
ग्रामीणों और पुलिस ने संभाला मोर्चा
हादसे की जोरदार आवाज सुनकर आसपास के गांवों के लोग तुरंत मौके की तरफ दौड़ पड़े। खाई काफी गहरी और दुर्गम होने के चलते नीचे उतरना आसान नहीं था, फिर भी ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए तुरंत रेस्क्यू शुरू कर दिया। इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन, पुलिस और 108 एम्बुलेंस सेवा को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम और रेस्क्यू दल राहत सामग्री लेकर घटनास्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ मिलकर एक बड़ा संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाया।
दो की मौके पर मौत, तीन का इलाज जारी
बचाव दल ने भारी मशक्कत और सूझबूझ के साथ खाई में उतरकर क्षतिग्रस्त कार से लोगों को बाहर निकालना शुरू किया। दो पर्यटकों की चोटें इतनी गंभीर थीं कि उन्हें बचाया नहीं जा सका और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। रेस्क्यू टीम ने बाकी तीन गंभीर रूप से घायल पर्यटकों को किसी तरह खाई से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जहां फिलहाल उनका इलाज चल रहा है।
खूबसूरत लेकिन खतरनाक पहाड़ी रास्ता
चकराता उत्तराखंड का जाना-माना पर्यटन स्थल है और साहिया-क्वानू मार्ग होते हुए यहां पहुंचना पर्यटकों के बीच आम बात है। लेकिन इस रास्ते के संकरे मोड़ और तीखी ढलान इसे हादसों के लिहाज से बेहद संवेदनशील बनाते हैं। इस हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी सड़कों पर सफर के दौरान बरती जाने वाली सावधानी की जरूरत को सामने ला दिया है।













