आज 13 जुलाई 2026, दिन सोमवार है। पंचांग के अनुसार, आज आषाढ़ महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है, जो शाम 06:49 पी एम तक रहेगी। इसके बाद अमावस्या तिथि का आरंभ होगा। सोमवार का दिन और चतुर्दशी तिथि का मिलन भगवान शिव की साधना के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन शिवजी का अभिषेक और पूजन करने से भक्तों के जीवन के संकट दूर होते हैं और मानसिक शांति प्राप्त होती है। इस दिन मृगशिरा नक्षत्र का प्रभाव सुबह 05:41 ए एम तक रहेगा, जिसके बाद आर्द्रा नक्षत्र 14 जुलाई की सुबह 02:51 ए एम तक बना रहेगा। चंद्रमा और सूर्य दोनों मिथुन राशि में गोचर कर रहे हैं।
धार्मिक महत्व और पूजा विधि
सोमवार को भगवान शिव को समर्पित माना गया है, जिससे कुंडली में चंद्र देव की स्थिति बलवान होती है और ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं। पूजा के लिए प्रातः काल स्नान करके शिवलिंग का जल, गंगाजल, दूध, दही, शहद और बेलपत्र के साथ अभिषेक करना चाहिए। अर्पित करने के लिए धतूरा, आक के फूल, भस्म और सफेद चंदन का उपयोग करना अत्यंत फलदायी बताया गया है। भक्ति भाव के साथ ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करना और शिव चालीसा या रुद्राष्टक का पाठ करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। शाम के समय घी का दीपक जलाकर आरती करना और अपनी क्षमता के अनुसार अन्न या वस्त्र का दान करना भी शुभ माना गया है। इस दिन नकारात्मक विचारों और क्रोध से दूरी बनाए रखना बेहतर रहता है।
शुभ और अशुभ समय की गणना
आज के पंचांग में शुभ कार्यों के लिए कई महत्वपूर्ण मुहूर्त दिए गए हैं। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:12 ए एम से 04:53 ए एम तक है। दिन के समय अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 पी एम से 12:55 पी एम तक, विजय मुहूर्त दोपहर 02:46 पी एम से 03:41 पी एम तक, और गोधूलि मुहूर्त शाम 07:21 पी एम से 07:41 पी एम तक रहेगा। रात्रि में निशिता मुहूर्त 12:07 ए एम से 12:48 ए एम (14 जुलाई) के बीच है। इसके अलावा अमृत काल शाम 06:02 पी एम से 07:27 पी एम तक रहेगा। सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग सुबह 05:33 ए एम से 05:41 ए एम तक सक्रिय हैं। वहीं, शिववास की स्थिति के अनुसार, शाम 06:49 पी एम तक शिवजी श्मशान में रहेंगे, जिसके बाद वे गौरी के साथ होंगे।
अशुभ काल से सावधानी
पंचांग के अनुसार कुछ समय ऐसे भी हैं जिन्हें शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना गया है। राहुकाल सुबह 07:17 ए एम से 09:00 ए एम तक है। यमगण्ड का समय सुबह 10:44 ए एम से दोपहर 12:28 पी एम तक रहेगा। गुलिक काल दोपहर 02:11 पी एम से 03:55 पी एम के बीच है। भद्रा का प्रभाव सुबह 05:33 ए एम से 08:39 ए एम तक बना रहेगा, जबकि दुर्मुहूर्त दोपहर 12:55 पी एम से 01:50 पी एम तक है। आडल योग और विडाल योग भी आज की कालावधि में प्रभावित रहेंगे।











