हस्तरेखा शास्त्र में हथेलियों की रेखाओं और निशानों का अध्ययन करके व्यक्ति के भविष्य, स्वभाव और जीवन में आने वाली घटनाओं का आकलन किया जाता है। आमतौर पर हथेली पर क्रॉस का निशान बनना नकारात्मक और अशुभ फल देने वाला माना जाता है। ऐसे कई संकेत मिलते हैं कि व्यक्ति को जीवन में संघर्ष, निराशा, दुर्घटना या अपनों से धोखा मिल सकता है। हालांकि, हथेली पर कई ऐसे पर्वत भी होते हैं जहां क्रॉस का चिह्न होना बेहद शुभ फल देता है और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है। आइए जानते हैं कि हाथ के विभिन्न पर्वतों पर क्रॉस का निशान होने से क्या खास संकेत मिलते हैं।
शुक्र पर्वत पर क्रॉस का प्रभाव
हथेली में शुक्र पर्वत पर क्रॉस का निशान होना आमतौर पर अनुकूल नहीं माना जाता है। इस स्थान पर यह चिह्न होने पर प्रेम संबंधों में असफलता या किसी प्रकार के कष्ट मिलने की आशंका बढ़ जाती है। हालांकि, यदि यह निशान जीवन रेखा के बहुत नजदीक स्थित हो, तो व्यक्ति को कठिन समय में अपने प्रियजनों और करीबियों का पूरा समर्थन प्राप्त होता है।
गुरु पर्वत पर क्रॉस का महत्व
हथेली के गुरु पर्वत पर क्रॉस का चिह्न होना बहुत ही शुभ और सकारात्मक परिणाम लेकर आता है। इस तरह का निशान यह दर्शाता है कि जातक के मन में हमेशा नई जानकारियां हासिल करने और ज्ञान पाने की ललक बनी रहती है। ऐसे लोग स्वभाव से बहुत बुद्धिमान और विवेकशील माने जाते हैं। समाज में इन लोगों को विशिष्ट मान-सम्मान और प्रतिष्ठा मिलती है। इसके अलावा, ये अपने परिवार के प्रति पूरी तरह समर्पित और जिम्मेदार होते हैं तथा इनका स्वभाव बेहद दयालु और परोपकारी होता है.
शनि पर्वत पर क्रॉस का अर्थ
शनि पर्वत पर क्रॉस के निशान का पाया जाना अशुभ माना जाता है। हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार यह चिह्न जीवन में किसी गंभीर दुर्घटना या बड़े संकट के आने का संकेत देता है। हालांकि, यदि यह क्रॉस का निशान बिल्कुल शनि पर्वत के केंद्र बिंदु पर स्थित हो, तो यह जातक के भाग्य को मजबूत बनाने का काम करता है और विपरीत परिस्थितियों में भी रक्षा करता है।
सूर्य पर्वत पर क्रॉस का फल
सूर्य पर्वत पर क्रॉस का चिह्न होने का मतलब है कि व्यक्ति को जीवन में ख्याति और धन तो जरूर मिलेगा, लेकिन इसके लिए उसे कड़ा संघर्ष करना पड़ेगा। ऐसे जातकों के भीतर अपने हर काम को लेकर भारी उत्साह देखा जाता है। इसके विपरीत, इन लोगों का स्वभाव थोड़ा उग्र होता है और ये अपने ही गुस्से के कारण कई बार अपने बनते हुए कार्यों को बिगाड़ बैठते हैं।
बुध पर्वत पर क्रॉस का संकेत
बुध पर्वत पर क्रॉस का निशान होना व्यक्ति की अवसरवादी और कपटी प्रवृत्ति को उजागर करता है। ऐसे लोग काफी चतुर होते हैं और अपने निजी स्वार्थ को पूरा करने के लिए दूसरों का नुकसान करने से भी नहीं हिचकिचाते हैं। हालांकि, इनमें सामाजिक मेलजोल बढ़ाने और नए मित्र बनाने की अद्भुत कला होती है और ये अपनी मीठी बातों से तुरंत दूसरों को प्रभावित कर लेते हैं।
मंगल पर्वत पर क्रॉस का प्रभाव
मंगल पर्वत पर क्रॉस का चिह्न होना इस बात की ओर इशारा करता है कि व्यक्ति को अपने गुप्त शत्रुओं से हमेशा सतर्क रहने की जरूरत है। यहां यह निशान होने पर जीवन में किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ऐसे जातकों के स्वभाव में भी काफी आक्रामकता देखने को मिलती है, जिसके चलते वे कई बार आवेश में आकर अपना ही नुकसान कर बैठते हैं।
चंद्रमा पर्वत पर क्रॉस का फल
चंद्र पर्वत पर क्रॉस का निशान होने का अर्थ है कि जातक अक्सर अपनी ही काल्पनिक दुनिया में डूबा रहता है। ऐसे लोग अपनों के साथ धोखा करने से भी गुरेज नहीं करते हैं। इसके बावजूद, ये स्वभाव से अत्यधिक संवेदनशील और भावुक होते हैं तथा इनकी कुंडली में विदेश यात्रा करने के योग भी बनते हैं।


















