सस्ते कबाड़ के झांसे में 9 लाख की डकैती, 12 जिलों में 1300 किमी पीछा कर दबोचे गए 7 बदमाशपितृ पक्ष में लोहे के बर्तनों और दान से क्यों बचना चाहिए, जानिए धार्मिक कारणसपोटरा के गज्जूपुरा में राज्य स्तरीय खो-खो टूर्नामेंट का आगाज, 86 टीमों की 1032 छात्राएं दिखाएंगी दमशारदीय नवरात्र से पूर्व उत्तराभाद्रपद में शनि का प्रवेश, सप्तम भाव के गोचर से साझेदारी और कारोबार पर असरउत्तर भारत से मानसून की विदाई तेज, पूर्वोत्तर और दक्षिण के राज्यों में भारी बारिश का अलर्टअजमेर में बस चालक से मारपीट पर रोडवेज कर्मियों का फूटा गुस्सा, अंबेडकर सर्किल पर बसें रोक लगाया जामबालाघाट में रहस्यमयी बीमारी के बाद हरकत में प्रशासन, 50 गांवों में 43 हजार से अधिक लोगों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षणवोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के नियमों में बदलाव, कई राज्यों में फॉर्म-6 से हटी एसआईआर घोषणापंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से अमरिंदर सिंह राजा वारिंग की हो सकती है छुट्टी, विजय इंदर सिंगला सबसे आगेदीपावली पर पटाखों पर नहीं लगेगा पूर्ण प्रतिबंध, सुप्रीम कोर्ट तलाशेगा आस्था और सेहत के बीच संतुलन
कजरी तीज 2026: इस दिन रखा जाएगा सुहागिनों का व्रत, नोट करें सही तारीख और पूजा के सभी शुभ मुहूर्तधर्म
23 अग॰ 2026, 6:19 pm (38 दिन पहले)· 2

कजरी तीज 2026: इस दिन रखा जाएगा सुहागिनों का व्रत, नोट करें सही तारीख और पूजा के सभी शुभ मुहूर्त

भाद्रपद कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि पर साल 2026 में कजरी तीज का व्रत रखा जाएगा। जानिए इस पवित्र पर्व की सही तिथि, चंद्रोदय का समय और पूजा के सभी महत्वपूर्ण मुहूर्त।

सनातन परंपरा में सुहागिन महिलाओं के लिए कजरी तीज के पर्व का विशेष और पवित्र महत्व माना जाता है। इस पावन अवसर पर विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और अखंड सौभाग्य की कामना के साथ कठोर उपवास रखती हैं। वहीं कुंवारी कन्याएं भी मनचाहा जीवनसाथी प्राप्त करने के लिए इस दिन व्रत का पालन करती हैं। पंचांग के अनुसार यह प्रमुख त्यौहार हर साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन देवों के देव महादेव यानी भगवान शिव और जगत जननी माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने का प्रावधान है। व्रत का समापन रात्रि के समय चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित करने के बाद ही किया जाता है।

कजरी तीज 2026 की सही तिथि और पंचांग

वैदिक पंचांग के हिसाब से इस वर्ष भाद्रपद कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि का प्रारंभ 30 अगस्त को सुबह 9 बजकर 36 मिनट पर होगा। इसके पश्चात इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 31 अगस्त को सुबह 8 बजकर 50 मिनट पर हो जाएगा। उदयातिथि की गणना और परंपराओं के अनुसार कजरी तीज का यह महान पर्व आगामी 31 अगस्त 2026 को ही मनाया जाएगा। इस दिन सुहागिन महिलाएं सुबह से ही निर्जला या फलाहार व्रत रखकर शिव-पार्वती की आराधना में लीन रहती हैं।

ये भी पढ़ें

पूजा के लिए शुभ मुहूर्त और ब्रह्म मुहूर्त

कजरी तीज के पावन दिन पर विधि-विधान से पूजा संपन्न करने के लिए कई शुभ मुहूर्त निर्धारित किए गए हैं। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 51 मिनट से शुरू होकर सुबह 5 बजकर 37 मिनट तक रहेगा जो साधना के लिए उत्तम माना जाता है। इसके अलावा दिन का अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 14 मिनट पर आरंभ होगा और दोपहर 1 बजकर 4 मिनट पर समाप्त हो जाएगा। शाम के समय पूजा करने के इच्छुक लोग संध्या काल मुहूर्त का लाभ उठा सकते हैं, जो शाम 6 बजकर 54 मिनट से शुरू होकर रात 8 बजकर 3 मिनट तक मान्य रहेगा।

चौघड़िया मुहूर्त की पूरी जानकारी

दिनभर के विभिन्न कार्यों और पूजा-पाठ के लिए कजरी तीज के दिन चौघड़िया मुहूर्त भी काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं। अमृत चौघड़िया सुबह 5:58 बजे से 7:34 बजे तक रहेगी। इसके बाद शुभ चौघड़िया सुबह 9:10 बजे से 10:45 बजे तक मिलेगी। दोपहर के समय लाभ चौघड़िया दोपहर 3:33 बजे से शाम 5:08 बजे तक रहेगी। अंत में मृत चौघड़िया शाम 5:08 बजे से शाम 6:44 बजे तक रहेगी और इसी समय यानी शाम 6:44 बजे सूर्यास्त होगा।

चंद्रोदय का समय और अर्घ्य देने की विधि

कजरी तीज के व्रत में चंद्रमा के दर्शन और पूजन का विशेष विधान है। इस दिन चंद्रोदय रात्रि 8 बजकर 25 मिनट पर होगा। आकाश में चंद्रमा के प्रकट होने के बाद सुहागिनें उन्हें अर्घ्य देती हैं। अर्घ्य देने के लिए जल में थोड़ा सा कच्चा दूध, रोली और अक्षत मिलाया जाता है, जिसके बाद चंद्र देव को जल अर्पित किया जाता है। चंद्र दर्शन के पश्चात कजरी तीज व्रत कथा का पाठ किया जाता है और कथा संपन्न होने के बाद ही महिलाएं अपना उपवास खोलती हैं।

पूजा सामग्री की पूरी सूची

कजरी तीज की पूजा की तैयारी के लिए सामग्री की एक लंबी सूची होती है जो पूजन स्थल पर रखनी आवश्यक है। इस सूची में दीपक, शुद्ध घी, तेल, कपूर, अगरबत्ती, पीला वस्त्र, हल्दी, चंदन, श्रीफल, गाय का दूध, पवित्र गंगाजल, दही, मिश्री, शहद, पंचामृत, कच्चा सूता, नए वस्त्र, केले के पत्ते, बेलपत्र, शमी के पत्ते, जनेऊ, जटा नारियल, सुपारी, कलश, भांग, धतूरा और दूर्वा घास आदि सामग्रियां शामिल हैं।

माता पार्वती के लिए श्रृंगार सामग्री

माता पार्वती को समर्पित पूजन में सुहाग की वस्तुओं का विशेष स्थान होता है। इनमें हरे रंग की साड़ी, चुनरी, बिंदी, चूडियां, कुमकुम, कंघी, बिछुआ, सिंदूर और मेहंदी जैसी सुहाग की संपूर्ण सामग्रियां अर्पित की जाती हैं। इन सभी वस्तुओं को माता को समर्पित कर महिलाएं अपने सुहाग की रक्षा की प्रार्थना करती हैं।

सवाल-जवाब

वर्ष 2026 में कजरी तीज कब मनाई जाएगी?
उदयातिथि के अनुसार कजरी तीज 31 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी।
कजरी तीज पर तृतीया तिथि कब से कब तक रहेगी?
तृतीया तिथि 30 अगस्त को सुबह 9:36 बजे शुरू होगी और 31 अगस्त को सुबह 8:50 बजे समाप्त होगी।
कजरी तीज के दिन चंद्रोदय का समय क्या रहेगा?
इस दिन चंद्रोदय रात्रि 8:25 बजे होगा जिसके बाद चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाएगा।
कजरी तीज का व्रत कौन रखता है?
यह व्रत सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य के लिए और कुंवारी कन्याएं मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए रखती हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp