वैदिक ज्योतिष गणना के अनुसार चंद्रमा 23 सितंबर की रात 9 बजकर 57 मिनट पर मकर राशि की अपनी यात्रा समाप्त करके शनिदेव के आधिपत्य वाली कुंभ राशि में प्रवेश कर रहे हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं में चंद्रमा और शनि के मध्य नैसर्गिक शत्रुता का संबंध माना जाता है। ऐसे में जब मन और भावनाओं के कारक चंद्रमा अपने शत्रु ग्रह की राशि में संचरण करते हैं, तो कई राशियों के दैनिक जीवन, आर्थिक स्थिति और मानसिक शांति पर इसका प्रत्यक्ष प्रभाव दिखाई देता है। इस बदलाव से मुख्य रूप से तीन राशियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
कर्क राशि पर आठवें भाव का असर
कर्क राशि के अधिपति स्वयं चंद्रदेव हैं, और इस गोचर के दौरान वे कर्क राशि से अष्टम यानी आठवें भाव में विराजमान होंगे। ज्योतिष शास्त्र में कुंडली का आठवां भाव अचानक आने वाली बाधाओं और परिवर्तनों से जुड़ा माना जाता है, इसलिए यहां चंद्रमा का संचरण अनुकूल फल नहीं देता। इस दौरान जातकों को अपनी वित्तीय स्थिति को लेकर बेहद सजग रहना पड़ेगा। बेवजह की खरीदारी और अनचाहे खर्चों पर तुरंत अंकुश लगाना जरूरी है, अन्यथा धन हानि का सामना करना पड़ सकता है।
इसके अलावा पारिवारिक मामलों में बातचीत के दौरान अपनी वाणी पर संयम रखें, क्योंकि थोड़ी सी भी तीखी प्रतिक्रिया अपनों के मन को गहरी ठेस पहुंचा सकती है। अपने कार्यक्षेत्र में किसी भी तरह की लापरवाही न दिखाएं और पूरी सक्रियता बनाए रखें। सेहत को लेकर किसी भी छोटी समस्या को नजरअंदाज न करें। इस नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए नियमित रूप से भगवान शिव के पंचाक्षरी अथवा अन्य मंत्रों का जप करना लाभकारी रहेगा।
धनु राशि के लिए तीसरे भाव की हलचल
धनु राशि के जातकों के लिए चंद्रमा का यह भ्रमण कुंडली के तृतीय यानी तीसरे भाव में हो रहा है। तीसरे भाव में चंद्रमा की उपस्थिति से पेशेवर जीवन और आजीविका के क्षेत्र में कुछ अनिश्चितता या उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। दफ्तर में वरिष्ठ अधिकारियों या सीनियर्स के साथ मतभेद उभरने की संभावना है, इसलिए संवाद में विनम्रता बनाए रखना ही बुद्धिमानी होगी।
पारिवारिक मोर्चे पर छोटे भाई-बहनों के साथ संबंधों में गलतफहमी या तालमेल की कमी आ सकती है। पैसों के लेनदेन को लेकर धनु राशि वालों को अत्यधिक सतर्कता की जरूरत है। यदि किसी बड़ी रकम का आदान-प्रदान करना हो, तो किसी भरोसेमंद व्यक्ति की मौजूदगी में ही करें। 40 वर्ष की आयु सीमा पार कर चुके लोगों को अपनी शारीरिक सेहत और दिनचर्या पर विशेष ध्यान देना चाहिए। ज्योतिषीय उपाय के अनुसार चंद्र ग्रह से जुड़े वैदिक या बीज मंत्रों का नियमित पाठ करना शांति प्रदान करेगा।
मीन राशि के द्वादश भाव और खर्चों की चिंता
मीन राशि के लिए चंद्रमा का प्रवेश बारहवें यानी द्वादश भाव में हो रहा है। ज्योतिषीय सिद्धांतों के मुताबिक बारहवां भाव त्रिक भावों में गिना जाता है और इसे मुख्य रूप से व्यय अथवा हानि का भाव कहा जाता है। इस स्थान पर चंद्रमा की स्थिति बनने से आर्थिक मोर्चे पर दबाव बढ़ सकता है और अप्रत्याशित खर्चे सामने आ सकते हैं। सफर या यात्रा के दौरान अपने जरूरी दस्तावेजों और कीमती सामान की सुरक्षा को लेकर कोई ढिलाई न बरतें।
दांपत्य जीवन में भी यह समय संवेदनशील रह सकता है। जीवनसाथी के विचारों का सम्मान करें और अपनी राय या फैसले उन पर थोपने का प्रयास बिल्कुल न करें। यदि करियर या नौकरी में कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेना हो, तो अनुभवी लोगों से विचार-विमर्श किए बिना कोई कदम न उठाएं। इस अवधि में दुष्प्रभावों से सुरक्षा के लिए दूध, दही, चावल जैसी श्वेत वस्तुओं का दान करना कल्याणकारी माना गया है।



















