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मंचरियाल के महाकाली मंदिर में उभरा अद्भुत दृश्य, पानी के भीतर शयन मुद्रा में दर्शन दे रही हैं देवीधर्म
18 अग॰ 2026, 1:38 pm (43 दिन पहले)· 5

मंचरियाल के महाकाली मंदिर में उभरा अद्भुत दृश्य, पानी के भीतर शयन मुद्रा में दर्शन दे रही हैं देवी

तेलंगाना के मंचरियाल स्थित महाकाली मंदिर के गर्भगृह में अचानक जल रिसाव से देवी गंगा भवानी की शयन मुद्रा वाली प्रतिमा जलमग्न हो गई है, जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है।

तेलंगाना राज्य के मंचरियाल जिले में स्थित रेब्बेना क्षेत्र का महाकाली मंदिर इन दिनों आस्था के एक अनोखे केंद्र के रूप में उभरकर सामने आया है। मंदिर के गर्भगृह में स्थापित मुख्य तल से काफी नीचे बने एक कुंडनुमा हिस्से में स्थापित देवी की प्रतिमा पूरी तरह से पानी में डूबी हुई है। इस दुर्लभ और मनमोहक दृश्य को देखने के लिए स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज के इलाकों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं। जलमग्न मूर्ति के आसपास भरे जल को लोग अत्यंत पवित्र मान रहे हैं और उसे अपने साथ घरों को ले जाने के लिए बोतलों का इंतजाम कर रहे हैं।

गुलाबी कमल कुंड और जल में विराजीं देवी

मंदिर के मुख्य परिसर में बने इस छोटे कुएं का ऊपरी बनावट बेहद कलात्मक है, जिसे गुलाबी रंग की कमल पंखुड़ियों का सुंदर आकार दिया गया है। जब दर्शनार्थी इस कमल कुंड के भीतर गहराई में झांकते हैं, तो उन्हें साफ और पारदर्शी पानी के नीचे साड़ी तथा भव्य आभूषणों से सुसज्जित देवी गंगा भवानी की मूर्ति लेटी हुई शयन मुद्रा में स्पष्ट दिखाई देती है। शांत जल की परतों के बीच देवी की इस निद्रालीन प्रतिमा का दर्शन हर किसी को आंतरिक शांति और आध्यात्मिक आनंद का अनुभव कराता है। इस दृश्य की दिव्यता भक्तों को गहराई से प्रभावित कर रही है।

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भक्त खुद निकाल रहे हैं पावन जल

इस कुंड की एक और खास बात यह है कि यहां आने वाले श्रद्धालु स्वयं भक्तिभाव से पानी बाहर निकालते हैं। कुएं पर एक रस्सी और छोटे लोटे का प्रबंध किया गया है, जिसकी सहायता से भक्त स्वयं पावन जल को खींचते हैं। इस पानी को पवित्र तीर्थ मानकर लोग थोड़ा सा ग्रहण करते हैं और अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए इसे अपने सिर पर छिड़ककर देवी से खुशहाली का आशीर्वाद मांगते हैं। इसके बाद श्रद्धालु अपने साथ लाए बर्तनों और बोतलों में यह पावन जल भरकर अपने परिजनों के लिए घर ले जा रहे हैं।

फर्श और दीवारों से अचानक शुरू हुआ जल रिसाव

मंदिर के गर्भगृह के निचले तल में इस नजारे की शुरुआत अचानक ही हुई। हाल ही में कुंड के निचले हिस्से की फर्श और दीवारों के माध्यम से पानी का तेज रिसाव शुरू हो गया। देखते ही देखते कुछ ही समय के भीतर पूरा कुंड स्वच्छ पानी से भर गया और उसमें विराजी देवी की प्रतिमा चारों ओर से जल से घिर गई। स्थानीय निवासी इस घटना को किसी चमत्कार और देवी मां की असीम अनुकंपा से जोड़कर देख रहे हैं। यही वजह है कि घटना के बाद से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं।

तेलंगाना और पड़ोसी इलाकों से उमड़ रही भीड़

जलमग्न देवी प्रतिमा की खबर जैसे-जैसे फैली, वैसे-वैसे मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ने लगी। अब केवल मंचरियाल जिला ही नहीं, बल्कि पूरे तेलंगाना और आसपास के पड़ोसी क्षेत्रों से भी लोग भारी तादाद में यहां पहुंच रहे हैं। रोजाना सैकड़ों श्रद्धालु इस प्रसिद्ध कमल कुंड के पास एकत्रित होकर जलमग्न अवस्था में विराजमान देवी गंगा भवानी के दर्शन कर रहे हैं। मंदिर प्रशासन और स्थानीय लोग व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ आने वाले हर भक्त के लिए सुगम दर्शन सुनिश्चित करने में लगे हुए हैं।

सवाल-जवाब

यह महाकाली मंदिर कहां स्थित है?
यह मंदिर तेलंगाना के मंचरियाल जिले के रेब्बेना क्षेत्र में स्थित है।
पानी में किस देवी की प्रतिमा डूबी हुई दिखाई दे रही है?
मंदिर के निचले गर्भगृह में साड़ी और गहनों से सजी देवी गंगा भवानी की प्रतिमा शयन मुद्रा में पानी के भीतर दिखाई दे रही है।
गर्भगृह के कुंड में पानी कहां से आया?
निचले तल की फर्श और दीवारों के माध्यम से अचानक तेजी से पानी का रिसाव शुरू हुआ, जिससे पूरा कुंड पानी से भर गया।
मंदिर परिसर के कुएं की बनावट कैसी है?
मंदिर परिसर में बने इस छोटे कुएं के ऊपरी हिस्से को गुलाबी कमल के फूल की पंखुड़ियों का आकार दिया गया है।
श्रद्धालु इस पानी का उपयोग किस तरह कर रहे हैं?
लोग लोटे और रस्सी से पानी निकालकर पी रहे हैं, अपने सिर पर छिड़क रहे हैं और बोतलों में भरकर घर ले जा रहे हैं।
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