अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े दान गड़बड़ी के मामले ने देशभर में चर्चा छेड़ रखी है, लेकिन इस पूरे विवाद का रामलला के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की तादाद पर कोई खास असर होता नहीं दिखा. मामले की जांच अभी चल रही है और इस सिलसिले में कई लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है. इसी सवाल का जवाब तलाशने के लिए राम जन्मभूमि परिसर, राम पथ, हनुमानगढ़ी और आसपास के प्रमुख रास्तों का जायजा लिया गया और वहां मौजूद स्थानीय लोगों, दुकानदारों और दर्शन करने आए श्रद्धालुओं से बातचीत की गई.
जमीनी हकीकत: कतारें अब भी उतनी ही लंबी
ग्राउंड लेवल पर हालात देखने से एक बात साफ हो जाती है कि दान गड़बड़ी की खबर से लोगों में नाराज़गी और बेचैनी तो है, मगर भगवान श्रीराम के प्रति उनका भरोसा जरा भी कम नहीं हुआ है. सुबह से देर शाम तक राम जन्मभूमि परिसर के बाहर श्रद्धालुओं की कतारें पहले जैसी ही लंबी नजर आईं. राम पथ पर दर्शनार्थियों की आवाजाही थमी नहीं, और हनुमानगढ़ी व कनक भवन जैसे प्रमुख मंदिरों में भी अच्छी खासी भीड़ जुटी रही.
श्रद्धालु बोले, जांच हो लेकिन दर्शन नहीं रुकेंगे
दर्शन के लिए पहुंचे कई श्रद्धालुओं ने साफ कहा कि अगर किसी स्तर पर पैसों की हेराफेरी हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच जरूर होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. लेकिन उनके मुताबिक इसका मतलब यह कतई नहीं कि वे भगवान राम के दर्शन करना बंद कर देंगे. उनका कहना था कि उनकी आस्था भगवान में है, न कि किसी व्यक्ति या व्यवस्था में, इसलिए मंदिर में दर्शन और पूजा पाठ का सिलसिला पहले की तरह ही चलता रहेगा.
पारदर्शी जांच की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी लोगों की भावनाओं को गहरी चोट पहुंचाती है. इसलिए वे चाहते हैं कि पूरे मामले की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ हो. उनका मानना है कि दोषियों को कानून के मुताबिक सजा मिलनी चाहिए, ताकि आगे चलकर ऐसी घटनाएं दोबारा न हों.
दान प्रणाली को और पारदर्शी बनाने की अपील
श्रद्धालुओं ने यह भी सुझाव दिया कि मंदिर की व्यवस्था और दान प्रणाली को और ज्यादा पारदर्शी बनाया जाना चाहिए, जिससे लोगों का भरोसा पहले से भी मजबूत हो सके. उनका कहना था कि जिसने भी मंदिर की पवित्रता और श्रद्धालुओं के विश्वास के साथ खिलवाड़ किया है, उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए.













