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शनि की साढ़ेसाती और शनि दोष का दान करने वालों के लिए शनिवार को सिर पर तेल लगाना क्यों है वर्जितधर्म
4 जुल॰ 2026, 12:59 am (45 दिन पहले)· 2

शनि की साढ़ेसाती और शनि दोष का दान करने वालों के लिए शनिवार को सिर पर तेल लगाना क्यों है वर्जित

ज्योतिष और धार्मिक शास्त्रों के मुताबिक शनिवार को शनि की साढ़ेसाती, सप्तमी तिथि में जन्मे और शनि दोष का दान करने वाले लोगों को अपने सिर पर तेल लगाने से बचना चाहिए।

हिंदू धर्म में शनिवार का दिन शनि देव की पूजा के लिए बेहद खास माना जाता है, लेकिन ज्योतिष और धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक इसी दिन कुछ खास लोगों को अपने सिर पर तेल लगाने से परहेज करने की सलाह दी जाती है। अक्सर लोग यह सोचकर शनिवार की रात बालों में तेल लगा लेते हैं कि अगले दिन यानी रविवार को बाल धो लिए जाएंगे, लेकिन शास्त्रों के मुताबिक यह आदत कुछ खास लोगों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। आइए जानते हैं इसके पीछे की धार्मिक वजह और किन लोगों को शनिवार के दिन बालों में तेल लगाने से बचना चाहिए।

शनि देव से क्यों जुड़ा है शनिवार का दिन

शनिवार का दिन शनि देव को समर्पित माना जाता है। इस दिन भक्त सरसों का तेल और काले तिल जैसी चीजें शनि देव को अर्पित करके उनकी विशेष आराधना करते हैं। शनि देव को न्याय और कर्मों का देवता कहा जाता है, इसलिए शनिवार के दिन लोग अपने बुरे कर्मों की माफी मांगने और शनि देव को प्रसन्न करने के मकसद से पूजा पाठ करते हैं। यही वजह है कि शनिवार को शनि देव से जुड़े नियमों का पालन करना खास माना जाता है।

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पद्म पुराण में मिलता है इसका जिक्र

शनि देव की पूजा से जुड़े नियम धार्मिक ग्रंथों में विस्तार से बताए गए हैं। पद्म पुराण के उत्तरखंड में अध्याय 33 और अध्याय 34 में शनि देव की उपासना के नियम दिए गए हैं। इन्हीं अध्यायों में यह भी बताया गया है कि शनि देव की भक्ति करने वालों को शनिवार के दिन अपने सिर पर तेल नहीं लगाना चाहिए। यानी जो लोग नियमित रूप से शनि देव की आराधना करते हैं, उनके लिए यह नियम खास तौर पर मायने रखता है।

इन तीन तरह के लोगों को शनिवार को नहीं लगाना चाहिए तेल

साढ़ेसाती से गुजर रहे लोग

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि की साढ़ेसाती चल रही हो, तो उसे शनिवार के दिन सिर पर तेल लगाने से बचना चाहिए। इस दौर में व्यक्ति पहले से ही शनि के प्रभाव में रहता है, ऐसे में शनिवार को तेल लगाने से मानसिक तनाव बढ़ने, कामकाज में रुकावटें आने और पैसों से जुड़ी दिक्कतें बढ़ने का डर बना रहता है।

सप्तमी तिथि में जन्म लेने वाले लोग

जिन लोगों का जन्म सप्तमी तिथि को हुआ है और साथ ही उन पर शनि की महादशा, साढ़ेसाती या ढैया भी चल रही है, उन्हें भी शनिवार को तेल लगाने से बचना चाहिए। सप्तमी तिथि के स्वामी सूर्य देव को माना जाता है, और सूर्य तथा शनि के बीच पुरानी अनबन मानी जाती है। यही वजह है कि ऐसे लोगों को खास सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है।

शनि दोष की शांति के लिए दान करने वाले लोग

जो लोग शनिवार के दिन शनि दोष को शांत करने के लिए तेल, काला तिल, उड़द की दाल या लोहे से बनी चीजें दान करते हैं, उन्हें भी उसी दिन खुद अपने सिर पर तेल लगाने से मना किया जाता है। मान्यता है कि जिस चीज का दान किया गया हो, उसे उसी दिन अपने इस्तेमाल में नहीं लाना चाहिए, वरना दान का पुण्य फल कम हो सकता है। यही वजह है कि दान करने वाले भक्तों को इस बात का खास ध्यान रखने को कहा जाता है।

सवाल-जवाब

शनिवार को तेल लगाने से किन्हें बचना चाहिए?
जिनकी कुंडली में शनि की साढ़ेसाती चल रही है, जिनका जन्म सप्तमी तिथि को हुआ है और साथ में शनि की दशा भी चल रही है, तथा जो लोग शनि दोष की शांति के लिए दान करते हैं, उन्हें शनिवार को तेल लगाने से बचना चाहिए।
यह नियम किस ग्रंथ में बताया गया है?
यह नियम पद्म पुराण के उत्तरखंड के अध्याय 33 और अध्याय 34 में बताया गया है।
शनिवार को शनि देव को क्या अर्पित किया जाता है?
शनिवार को शनि देव को सरसों का तेल और काले तिल जैसी चीजें अर्पित की जाती हैं।
सप्तमी तिथि में जन्मे लोगों के लिए यह नियम खास क्यों है?
सप्तमी तिथि के स्वामी सूर्य देव माने जाते हैं और सूर्य तथा शनि के बीच पुरानी अनबन मानी जाती है, इसलिए ऐसे लोगों को सतर्क रहने को कहा जाता है।
शनि दोष की शांति के लिए दान करने वालों को तेल लगाने से क्यों मना किया जाता है?
मान्यता है कि जिस चीज का दान किया गया हो, उसे उसी दिन खुद इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, वरना दान का पुण्य फल कम हो सकता है।
साढ़ेसाती के दौरान शनिवार को तेल लगाने से क्या नुकसान बताया गया है?
मान्यता है कि इससे मानसिक तनाव बढ़ सकता है, कामकाज में रुकावटें आ सकती हैं और आर्थिक समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।
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