आधुनिक रिश्तों में वफादारी और बेवफाई की सीमाएं तय करना अक्सर जटिल बहस का कारण बनता है, क्योंकि जो व्यवहार एक साथी को सामान्य लग सकता है, उसे दूसरा साथी भरोसे का बड़ा उल्लंघन मान सकता है। इसी अंतर को समझने के लिए शोध संस्थान यूगोव ने अपना विस्तृत बिग सर्वे ऑन रिलेशनशिप्स जारी किया है। इस विस्तृत अध्ययन में ब्रिटिश जनता से यह जानने की कोशिश की गई कि वे शारीरिक, भावनात्मक और डिजिटल स्तर पर होने वाली किन गतिविधियों को धोखेबाज़ी मानते हैं। सर्वे के नतीजे बताते हैं कि बेवफाई को लेकर पुरुषों और महिलाओं के नजरिए में काफी बड़ा अंतर है। जहां कुछ शारीरिक कृत्यों को लगभग हर कोई स्पष्ट रूप से धोखा मानता है, वहीं ऑनलाइन मैसेजिंग, एडल्ट कंटेंट सब्सक्रिप्शन और भावनात्मक लगाव जैसे मामलों पर दोनों लिंगों की राय काफी अलग है।
स्पष्ट सीमाएं: 6 व्यवहार जिन्हें अधिकांश लोगों ने माना बेवफाई
अध्ययन में शामिल 12 अलग-अलग तरह के व्यवहारों में से 6 ऐसी गतिविधियां थीं जिन्हें बहुसंख्यक जनता ने सीधे तौर पर बेवफाई का दर्जा दिया। इन सभी मामलों में समाज की व्यापक सहमति देखने को मिली, हालांकि हर स्थिति में पुरुषों का प्रतिशत महिलाओं से थोड़ा कम रहा।
- किसी अन्य व्यक्ति के साथ शारीरिक संबंध बनाना: सर्वे में शामिल 94% लोगों ने रिश्ते से बाहर यौन संबंध बनाने को स्पष्ट रूप से धोखा माना, जो इसे शारीरिक बेवफाई का सबसे बड़ा और सर्वमान्य रूप बनाता है।
- न्यूड फोटो भेजना: लगभग 82% प्रतिभागियों ने माना कि किसी अन्य व्यक्ति को अपनी नग्न या आपत्तिजनक तस्वीरें भेजना बेवफाई के दायरे में आता है।
- रिश्ते में रहते हुए डेटिंग ऐप का इस्तेमाल: पार्टनर के होते हुए किसी डेटिंग प्लेटफॉर्म पर एक्टिव प्रोफाइल रखना या उसका उपयोग करना 80% लोगों की नजर में धोखाधड़ी है।
- किसी और को किस करना: किसी अन्य व्यक्ति को किस करने को 73% जनता ने धोखा माना, हालांकि इस मुद्दे पर पुरुषों और महिलाओं की राय में बड़ा अंतर देखने को मिला।
- पूर्व पार्टनर से गुप्त रूप से मिलना या बात करना: अपने एक्स-पार्टनर से छिपकर मैसेज करना या मुलाकात करना 69% लोगों के लिए बेवफाई की श्रेणी में आता है।
- गहरा भावनात्मक लगाव बनाना: पार्टनर के अलावा किसी अन्य व्यक्ति से गहरा रोमांटिक या भावनात्मक रिश्ता बनाना 52% लोगों के अनुसार धोखा है।
इन सभी 6 परिस्थितियों में महिलाओं का रुख पुरुषों की तुलना में अधिक सख्त रहा। सबसे बड़ा अंतर किस करने (80% महिलाएं बनाम 65% पुरुष, यानी 15% का अंतर) और गहरा भावनात्मक लगाव बनाने (60% महिलाएं बनाम 43% पुरुष, यानी 17% का अंतर) के मामले में दर्ज किया गया।
ग्रे ज़ोन: ओनलीफैंस, AI चैटबॉट और अनदेखी भावनाएं
रिश्तों में बेवफाई पर यूगोव के शोध से यह भी सामने आया कि 6 अन्य व्यवहार ऐसे थे जिन्हें बहुसंख्यक लोगों ने धोखा मानने से इनकार कर दिया, हालांकि वे बहस का विषय बने हुए हैं।
- एडल्ट कंटेंट क्रिएटर्स से सीधा संपर्क: ओनलीफैंस या इसी तरह की वेबसाइटों पर कंटेंट क्रिएटर्स से सीधे बातचीत या संपर्क को 47% लोगों ने बेवफाई माना, जो इस ग्रे ज़ोन की सबसे बड़ी गतिविधि रही।
- रोमांटिक भावनाएं विकसित होना: शारीरिक रूप से कुछ न होने पर भी किसी अन्य के लिए दिल में रोमांटिक भावनाएं लाने को 40% प्रतिभागियों ने धोखा माना।
- रोमांटिक बातचीत के लिए AI चैटबॉट का उपयोग: वर्चुअल साथियों या AI चैटबॉट्स के साथ रोमांटिक या यौन बातचीत करने को 30% लोगों ने बेवफाई कहा।
- किसी अन्य व्यक्ति से फ्लर्ट करना: किसी के साथ सामान्य फ्लर्टिंग करने को केवल 26% लोगों ने धोखाधड़ी माना।
- यौन कल्पनाएं करना: मन में किसी अन्य व्यक्ति के साथ शारीरिक संबंध की कल्पना करने को 16% लोगों ने ही बेवफाई का दर्जा दिया।
- क्रश होना: किसी पर क्रश होने और उस पर कोई कदम न उठाने को महज 15% जनता ने धोखा माना।
इस श्रेणी में भी महिलाओं की सोच पुरुषों से ज्यादा सख्त थी। सबसे बड़ा अंतर ओनलीफैंस जैसी साइटों से जुड़ा था, जहां 57% महिलाओं ने इसे बेवफाई माना, जबकि केवल 37% पुरुष ही इससे सहमत थे, जिससे दोनों के बीच 20 प्रतिशत अंक का अंतर सामने आया।
बेवफाई की वजहें, भावनात्मक दूरियां और प्राथमिकताएं
सर्वे में यह भी जांचा गया कि क्या बेवफाई को कभी जायज ठहराया जा सकता है। नतीजों के मुताबिक 76% लोगों का मानना है कि धोखेबाज़ी का कोई बहाना नहीं हो सकता, भले ही रिश्ते में शारीरिक संबंध खत्म हो चुके हों। वहीं 11% लोग (लगभग नौ में से एक) मानते हैं कि कुछ विशेष परिस्थितियों में साथी को धोखा देना सामाजिक रूप से स्वीकार्य हो सकता है।
जब शारीरिक और भावनात्मक मामलों की तुलना की गई, तो 40% लोगों ने कहा कि बिना किसी रोमांटिक भावना के केवल शारीरिक संबंध बनाना उन्हें ज्यादा दुखी करेगा। हालांकि, पुरुषों में 46% लोग शारीरिक संबंध से अधिक आहत होते हैं और केवल 20% भावनात्मक जुड़ाव से परेशान होते हैं। इसके विपरीत, 35% महिलाएं शारीरिक संबंध से और 29% महिलाएं भावनात्मक जुड़ाव से ज्यादा आहत होती हैं।
वास्तविक आंकड़े: कितने लोगों ने स्वीकार की बेवफाई?
इस अध्ययन में लोगों के पिछले रिश्तों के अनुभवों और उनकी स्वीकारोक्ति को भी शामिल किया गया। आंकड़ों से पता चलता है कि पहले कभी रिश्ते में रह चुके 23% लोगों (लगभग चार में से एक) ने स्वीकार किया कि वे अतीत में बेवफा रहे हैं।
- शारीरिक बेवफाई: 17% लोगों ने माना कि उन्होंने अपने साथी के अलावा किसी अन्य व्यक्ति के साथ शारीरिक संबंध बनाए।
- भावनात्मक बेवफाई: 18% लोगों ने स्वीकार किया कि वे भावनात्मक स्तर पर अपने पार्टनर के प्रति अविश्वासी रहे।
- दोनों तरह का धोखा: 12% प्रतिभागियों ने माना कि उन्होंने शारीरिक और भावनात्मक दोनों स्तरों पर अपने पार्टनर का भरोसा तोड़ा।
ये आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि आधुनिक युग में तकनीक, सोशल मीडिया और बदलते सामाजिक मूल्यों के साथ रिश्तों में वफादारी की परिभाषाएं लगातार बदल रही हैं।



















