प्रेडिक्शन मार्केट के नियमन को लेकर जारी व्यापक कानूनी लड़ाई में एक नया मोड़ आ गया है। गूगल के एक कर्मचारी, जिन्हें कंपनी ने वर्तमान में छुट्टी पर भेज दिया है, पर पॉलीमार्केट प्लेटफॉर्म के माध्यम से लाखों डॉलर की इनसाइडर ट्रेडिंग करने का आरोप लगा है। हालांकि, उनके वकीलों ने एक अनोखा बचाव पेश करते हुए दावा किया है कि उनके क्लाइंट की गतिविधियां वित्तीय उपकरणों का व्यापार नहीं, बल्कि केवल साधारण सट्टेबाजी थीं। स्पैनुओलो पर कमोडिटीज फ्रॉड, वायर फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर संघीय आरोप लगाए गए हैं। अभियोजकों का आरोप है कि उन्होंने छद्म नाम 'AlphaRaccoon' का उपयोग करके व्यापार किया और कुल मिलाकर $1.2 मिलियन से अधिक का मुनाफा कमाया।
'AlphaRaccoon' उपनाम और सर्च ट्रेंड्स पर दांव
आपराधिक शिकायत के अनुसार, 'AlphaRaccoon' उपनाम से काम कर रहे स्पैनुओलो ने पॉलीमार्केट के मुख्य प्लेटफॉर्म पर कई सफल दांव लगाए। इनमें से सबसे प्रमुख दांव गायक D4vd से जुड़ा था। गायक D4vd, जो एक भीषण हत्याकांड से संदिग्ध संबंधों के कारण चर्चा में आए थे और जिन पर बाद में हत्या का आरोप लगा (उन्होंने खुद को निर्दोष बताया था), को लेकर दांव लगाया गया था। 'AlphaRaccoon' ने यह सही अनुमान लगाया कि D4vd वर्ष 2025 में गूगल पर सबसे ज्यादा खोजे जाने वाले व्यक्ति होंगे। अभियोजकों का मानना है कि इस दांव को जीतने के लिए गूगल के आंतरिक खोज डेटा का सहारा लिया गया था। हालांकि, स्पैनुओलो की कानूनी टीम का तर्क है कि जिस आंतरिक जानकारी का उपयोग करने का दावा किया गया है, उसका गूगल के लिए कोई व्यावसायिक मूल्य नहीं था।
स्वैप बनाम सट्टेबाजी: कमोडिटीज कानून पर कानूनी बहस
यह मामला केवल एक व्यक्ति पर लगे आरोपों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रेडिक्शन मार्केट के अस्तित्व पर चल रही एक बड़ी कानूनी बहस का हिस्सा बन गया है। अमेरिका भर में विभिन्न राज्यों के अटॉर्नी जनरल और नियामक संस्थाएं संघीय सरकार तथा प्रेडिक्शन मार्केट्स के साथ इस बात पर कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं कि इवेंट कॉन्ट्रैक्ट्स को वित्तीय 'स्वैप' माना जाए या फिर राज्य स्तर पर विनियमित 'सट्टेबाजी'। यदि इन्हें स्वैप माना जाता है, तो इन्हें कमोडिटीज एक्सचेंज एक्ट के कड़े नियमों का पालन करना होगा। स्पैनुओलो के वकीलों का तर्क है कि गूगल की सबसे ज्यादा खोजी जाने वाली हस्तियों जैसे विषयों पर लगाए गए दांवों को स्वैप के रूप में वर्गीकृत करना कानून के मूल उद्देश्य और इतिहास के विपरीत है तथा इसके हास्यास्पद परिणाम होंगे। उनका कहना है कि इस तर्क से तो किसी चैरिटी लॉटरी या स्थानीय पिंग-पोंग मैच पर लगाए गए दांव को भी वित्तीय साधन माना जाने लगेगा। वित्तीय सेवा नियमन विशेषज्ञ टॉड फिलिप्स के अनुसार, स्पैनुओलो वास्तव में वही तर्क दे रहे हैं जो प्रेडिक्शन मार्केट्स पर मुकदमा चलाने वाले राज्य दे रहे हैं, और यह मामला अंततः अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच सकता है।
क्षेत्राधिकार और विदेशी प्लेटफॉर्म का मुद्दा
स्पैनुओलो के वकीलों ने अमेरिकी सरकार के क्षेत्राधिकार (ज्यूरिस्डिक्शन) को भी चुनौती दी है। उनका कहना है कि जब स्पैनुओलो ने गूगल से जुड़े व्यापार किए, तब वे स्विट्जरलैंड के ज़्यूरिख शहर में रह रहे थे। इसके अलावा, वे एक गैर-अमेरिकी नागरिक हैं जिन्होंने एक गैर-अमेरिकी प्लेटफॉर्म पर दांव लगाया था। हालांकि पॉलीमार्केट का मुख्यालय न्यूयॉर्क में स्थित है, लेकिन इसका प्रमुख प्रेडिक्शन मार्केट अमेरिका में प्रतिबंधित है और तकनीकी रूप से इसका संचालन पनामा स्थित संस्था 'एडवेंचर वन QSS' द्वारा किया जाता है। टॉड फिलिप्स ने इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्राधिकार का यह तर्क अत्यंत महत्वपूर्ण है और यह सवाल उठाता है कि क्या अमेरिका को पूरी दुनिया के प्रेडिक्शन मार्केट का पुलिसकर्मी बनना चाहिए। दूसरी ओर, कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन (CFTC) के अध्यक्ष माइकल सेलिग ने पहले कहा था कि एजेंसी के पास असाधारण परिस्थितियों में विदेशी प्लेटफॉर्मों से जुड़े मामलों में क्षेत्राधिकार लागू करने की क्षमता है।
वेनेजुएला रेड केस का पूर्व उदाहरण
स्पैनुओलो अमेरिका में पॉलीमार्केट पर इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोपों का सामना करने वाले दूसरे सार्वजनिक व्यक्ति हैं। उनसे ठीक एक महीने पहले, विशेष बल के सैनिक (Special Forces soldier) गैनन केन वैन डाइक पर भी ऐसे ही आरोप लगाए गए थे। वैन डाइक पर वेनेजुएला के पूर्व नेता निकोलस मादुरो पर हुई छापेमारी से जुड़े पॉलीमार्केट दांवों से $400,000 से अधिक कमाने का आरोप है। वैन डाइक की कानूनी टीम भी यही तर्क दे रही है कि उनके द्वारा की गई गतिविधियां सट्टेबाजी के दायरे में आती हैं और इसलिए वे संघीय कमोडिटीज कानूनों के तहत नहीं आतीं। CFTC ने वैन डाइक के खिलाफ एक अलग सिविल मुकदमा दायर किया है और आपराधिक मामले में एक एमिकस ब्रीफ प्रस्तुत करते हुए बार-बार इस बात पर बल दिया है कि उनके इवेंट कॉन्ट्रैक्ट्स वास्तव में स्वैप ही थे। संभावना जताई जा रही है कि CFTC स्पैनुओलो के मामले में भी ऐसा ही रुख अपनाएगी।
उद्योग पर प्रभाव और चुप्पी
खुद को साधारण सट्टेबाज बताकर अपना बचाव कर रहे इन आरोपी इनसाइडर ट्रेडर्स ने अनजाने में खुद को प्रेडिक्शन मार्केट्स के नियमन की एक बहुत बड़ी वैधानिक जंग के केंद्र में ला खड़ा किया है। इस पूरे घटनाक्रम और चल रहे मुकदमों के संबंध में गूगल, CFTC और स्पैनुओलो की कानूनी टीम में से किसी ने भी टिप्पणी करने के अनुरोध का कोई जवाब नहीं दिया है।



















