फिनलैंड के वांता शहर में आयोजित आर्कटिक ओपन सुपर 500 बैडमिंटन चैंपियनशिप में भारतीय स्टार पीवी सिंधु ने अपने अभियान का प्रभावशाली आगाज किया है. महिला एकल वर्ग के पहले दौर में दो बार की ओलंपिक पदक विजेता और पूर्व विश्व चैंपियन शटलर ने प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी को संभलने का कोई मौका नहीं दिया. जुलाई के महीने में जापान ओपन की ट्रॉफी अपने नाम करने वाली 31 वर्षीय सिंधु ने यह मुकाबला केवल 28 मिनट के भीतर 21-8, 21-11 के स्कोर से अपने नाम कर लिया. दूसरे दौर के मैच में अब उनका मुकाबला चीनी ताइपे की लिन हियांग टी अथवा जापान की रिको गुनजी में से किसी एक खिलाड़ी के साथ तय होगा.
पुरुष एकल क्वालीफायर में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा
पुरुष एकल वर्ग के क्वालीफाइंग राउंड में युवा भारतीय खिलाड़ियों ने जुझारू प्रदर्शन पेश किया. थारुन मन्नेपल्ली ने कड़े संघर्ष के बाद दूसरी वरीयता हासिल बेल्जियम के खिलाड़ी जूलियन कैरागी को तीन गेम चले मुकाबले में 21-12, 19-21, 21-13 से मात देकर मुख्य ड्रॉ का टिकट हासिल किया. मुख्य ड्रॉ के आगामी मुकाबले में थारुन का सामना डेनमार्क के मैग्नस जोहानसन से होगा. इसी तरह रौनक चौहान ने भी इजराइल के डेनियल दुबोवेंको के खिलाफ पिछड़ने के बाद शानदार वापसी की और 18-21, 21-17, 21-19 से जीत दर्ज करके मुख्य प्रतियोगिता में जगह बना ली. अगले मुकाबले में रौनक की टक्कर चीन के वेंग होंग यांग से होने वाली है.
महिला एकल में अन्य भारतीय शटलरों को मिली निराशा
सिंधु की एकतरफा जीत के बीच अन्य भारतीय महिला खिलाड़ियों के लिए दिन मिला-जुला और चुनौतीपूर्ण साबित हुआ. मालविका बंसोड़ ने क्वालीफाइंग मुकाबले में ताइवान की सुंग शुओ यून को 21-15, 14-21, 21-14 से पराजित कर मुख्य ड्रॉ में कदम रखा था, मगर अंतिम 32 के राउंड में वह स्कॉटलैंड की अनुभवी खिलाड़ी कर्स्टी गिल्मर की चुनौती को पार नहीं कर सकीं. लगभग 40 मिनट तक खिंचे इस मुकाबले में मालविका को 18-21, 13-21 के अंतर से पराजय झेलनी पड़ी.
उन्नति, अस्मिता और रक्षिता करीबी मुकाबले हारकर बाहर
एशियाई खेलों में अंतिम आठ तक का सफर तय करने वाली युवा शटलर उन्नति हुड्डा को चीन की हान कियान शी के खिलाफ बेहद रोमांचक मुकाबले में 16-21, 21-15, 24-22 से शिकस्त का सामना करना पड़ा. इसके अलावा अस्मिता चालिहा ने डेनमार्क की सातवीं वरीय लाइन क्रिस्टोफरसन को कड़ी टक्कर दी, लेकिन निर्णायक पलों में वह 21-7, 14-21, 26-24 से मैच गंवा बैठीं. वहीं भारत की रक्षिता श्री संतोष रामराज भी अपनी लय कायम नहीं रख सकीं और जर्मनी की यवोन ली के हाथों 21-11, 16-21, 21-9 से हारकर प्रतियोगिता की दौड़ से बाहर हो गईं.



















