विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने महिला एकल वर्ग के पहले दौर के मुकाबले में आयरलैंड की सोफिया नोबल को सीधे गेमों में शिकस्त देकर अपने अभियान की शानदार शुरुआत की है। टूर्नामेंट में नौवीं वरीयता प्राप्त भारतीय स्टार खिलाड़ी ने सोफिया के खिलाफ मुकाबले में आसानी से जीत हासिल करते हुए 21-7, 21-11 के अंतर से मुकाबला अपने नाम किया और दूसरे दौर में प्रवेश पक्का किया।
महज 29 मिनट में हासिल की आसान जीत
पांच बार की विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता पीवी सिंधु ने इस मुकाबले को महज 29 मिनट में ही अपने नाम कर लिया। मैच की शुरुआत से ही उन्होंने अपनी प्रतिद्वंद्वी पर पूरी तरह दबदबा बनाए रखा और अपने खेल के लंबे अनुभव तथा संयम का परिचय देते हुए सोफिया को लगातार दबाव में रखा। पहले गेम के शुरुआती दौर में ही सिंधु ने शानदार खेल दिखाते हुए ब्रेक तक 11-2 की मजबूत बढ़त हासिल कर ली थी, जिसे उन्होंने अंत तक कायम रखते हुए आसानी से पहला गेम जीत लिया।
दूसरे गेम में भी दिखाया अपना दबदबा
दूसरे गेम में आयरिश खिलाड़ी सोफिया नोबल ने कुछ हद तक बेहतर खेल का प्रदर्शन किया और एक समय ऐसा लगा कि वह भारतीय खिलाड़ी को कड़ी टक्कर दे रही हैं। हालांकि, अनुभवी पीवी सिंधु ने स्थिति को भली-भांति संभालते हुए अपनी रणनीति के तहत खेल जारी रखा और ब्रेक तक 11-8 की बढ़त अपने नाम कर ली। इसके बाद उन्होंने सोफिया को मुकाबले में वापसी करने का कोई भी मौका नहीं दिया।
शानदार शॉट्स के दम पर दर्ज की जीत
मैच के दौरान पीवी सिंधु ने बेहतरीन ड्रॉप शॉट्स और ताकतवर स्मैश का बेहतरीन प्रदर्शन किया, जिसकी बदौलत उन्होंने खेल पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए रखा। अंत में नेट के पास एक शानदार बैकहैंड ड्रॉप शॉट खेलते हुए उन्होंने मैच का विजयी अंत किया। अब तक विश्व चैंपियनशिप के इतिहास में एक स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक अपने नाम कर चुकीं सिंधु ने साल 2019 में स्वर्ण पदक जीता था। इस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल चरण में पहुंचते ही उनका कम से कम एक कांस्य पदक पक्का हो जाएगा और वह विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के इतिहास में कुल छह पदक जीतने वाली दुनिया की पहली खिलाड़ी बन जाएंगी। अब तक दुनिया के केवल दो अन्य शटलर्स ने विश्व चैंपियनशिप में पांच पदक जीतने का कारनामा किया है।
अगले दौर में कनाडा की खिलाड़ी से मुकाबला
चीन के महान पुरुष खिलाड़ी लिन डैन ने अपने पांचों पदक स्वर्ण पदक के रूप में जीते हैं, जबकि उनकी हमवतन झाओ युनलेई ने मिश्रित युगल स्पर्धा में तीन और महिला युगल में दो खिताब हासिल किए हैं। अपने इस सफर को आगे बढ़ाते हुए पीवी सिंधु अब अगले दौर में कनाडा की वेन यू झांग के खिलाफ कोर्ट पर उतरेंगी। कनाडाई खिलाड़ी झांग ने अपने पहले दौर के मुकाबले में बुल्गारिया की स्टेफानी स्टोएवा को 21-7, 21-19 से हराकर बाहर का रास्ता दिखाया था।
अन्य मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन
महिला युगल वर्ग में राष्ट्रमंडल खेलों की कांस्य पदक विजेता जोड़ी त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने भी अपने अभियान की शानदार शुरुआत करते हुए स्पेन की पाउला लोपेज और लुसिया रोड्रिगेज की जोड़ी को 21-9, 21-13 के सीधे अंतर से पराजित किया। अब इस भारतीय जोड़ी का सामना अगले दौर में अमेरिका की 16वीं वरीय जोड़ी लॉरेम लैम और एलिसन क्विन्ह से होगा। इसके अलावा, टूर्नामेंट में भारत की ओर से पहला मैच खेलने उतरे हरिहरन अम्साकरुणन और एमआर अर्जुन की पुरुष युगल जोड़ी ने भी दूसरे दौर में अपनी जगह सुरक्षित कर ली है।
कोरियन और अन्य जोड़ियों की चुनौतियां
हरिहरन और अर्जुन के खिलाफ पहले दौर के मुकाबले में स्कॉटलैंड के स्कॉट गिल्डिया और पॉल रेनॉल्ड्स की जोड़ी 16-21, 4-6 से पिछड़ने के बाद बीच में ही मैच छोड़कर हट गई। अब हरिहरन और अर्जुन की भिड़ंत कोरिया की 15वीं वरीय मिन ह्युक कांग और डोंग जू की की मजबूत जोड़ी से होगी, जिन्हें पहले दौर में बाई मिली थी। इसके अलावा भारत की पांचवीं वरीय स्टार पुरुष युगल जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी को भी पहले दौर में बाई मिली थी, जो अब दूसरे दौर में स्कॉटलैंड के एलेक्जेंडर डन और एडम प्रिंगल की जोड़ी के खिलाफ अपना मुकाबला खेलेंगे।



















