एशियन पैरा गेम्स 2026 के पहले ही दिन भारतीय एथलीटों ने अपने शानदार खेल से प्रतियोगिता में जोरदार उपस्थिति दर्ज कराई। भारतीय दल ने शुरुआती दिन कुल 11 पदक अपनी झोली में डाले, जिनमें 4 गोल्ड, 5 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहे। इस बेहतरीन शुरुआत के दम पर भारत पदक तालिका में सीधे चौथे पायदान पर पहुंच गया है। प्रतियोगिता की ओवरऑल तालिका पर नजर डालें तो चीन 26 गोल्ड और कुल 62 पदकों के साथ शीर्ष पर काबिज है, जबकि 8 गोल्ड मेडल जीतकर जापान दूसरे और 6 गोल्ड मेडल के साथ उज्बेकिस्तान तीसरे स्थान पर बना हुआ है।
निशानेबाजी में मोना अग्रवाल ने बनाया नया रिकॉर्ड
भारत के लिए पदक जीतने का सिलसिला शूटिंग रेंज से शुरू हुआ, जहां महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में बेहद कड़ा मुकाबला देखने को मिला। पेरिस पैरालंपिक 2024 की कांस्य पदक विजेता मोना अग्रवाल ने एक समय छठे स्थान पर फिसलने के बाद जबरदस्त वापसी की। मोना ने 250.0 का शानदार स्कोर बनाकर न केवल स्वर्ण पदक जीता, बल्कि एशियन पैरा गेम्स का नया रिकॉर्ड भी स्थापित कर दिया। इस स्पर्धा में दो बार की पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता अवनि लेखरा 249.6 अंकों के साथ दूसरे पायदान पर रहीं। दोनों भारतीय निशानेबाजों के बीच अंतिम पलों तक रोमांचक जंग चलती रही, जहां मोना ने महज 0.4 अंक के अंतर से बाजी अपने नाम की।
निषाद कुमार का लंबी कूद में ऐतिहासिक स्वर्णिम पदार्पण
पैरा एथलेटिक्स ट्रैक और फील्ड पर भी भारतीय सितारों का दबदबा देखने को मिला। दो बार के पैरालंपिक रजत पदक विजेता निषाद कुमार ने पुरुषों की लॉन्ग जंप T47 श्रेणी में 7.11 मीटर की दूरी नापकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। निषाद के लिए यह जीत इसलिए भी ऐतिहासिक बन गई क्योंकि वह पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय स्तर की लॉन्ग जंप प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे थे। बचपन में घास काटने वाली मशीन से हुए एक दर्दनाक हादसे में अपना दाहिना हाथ गंवाने वाले निषाद ने अपनी अद्वितीय मेहनत और संकल्प की मिसाल पेश की है।
ट्रैक और फील्ड में पदकों की दोहरी सफलता
दौड़ स्पर्धा में भी भारतीय एथलीटों ने अपना जलवा बिखेरा। महिलाओं की 1500 मीटर T12/T13 दौड़ में दृष्टिबाधित धाविका सौम्या ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिया। सौम्या ने 5 मिनट 12.39 सेकंड का समय निकालकर गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। इसी रेस में भारत की वेंकटेश राधा ने 5 मिनट 30.90 सेकंड का समय लेकर सिल्वर मेडल जीतकर देश को डबल पोडियम फिनिश दिलाई। इसके बाद पुरुषों के जैवलिन थ्रो F46 इवेंट में भी भारत का दबदबा पूरी तरह कायम रहा। भाला फेंक के इस मुकाबले में रिंकू ने 65.11 मीटर की दूरी तक भाला फेंककर गोल्ड मेडल जीता, जबकि अजीत सिंह 65.02 मीटर के थ्रो के साथ दूसरे स्थान पर रहकर सिल्वर मेडल जीतने में सफल रहे। दोनों ही एथलीटों ने इस मुकाबले में सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत प्रदर्शन दर्ज किया।
तीरंदाजी में शीतल देवी का विश्व कीर्तिमान
तीरंदाजी के मैदान से भी भारतीय खेमे के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई। युवा तीरंदाज शीतल देवी ने अपने सटीक निशानों से व्यक्तिगत वर्ग में विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की। इसके बाद उन्होंने राकेश कुमार के साथ जोड़ी बनाकर मिक्स्ड टीम इवेंट में असाधारण प्रदर्शन करते हुए एक नया विश्व रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज करा लिया। पहले ही दिन अलग-अलग खेलों में मिले इन पदकों ने भारतीय दल का हौसला काफी ऊंचा कर दिया है।


















