उदयपुर के महाराणा प्रताप खेल गांव में आयोजित हुई राज्य स्तरीय जूनियर तैराकी प्रतियोगिता में भीलवाड़ा जिले के तैराकों ने अपने शानदार खेल से इतिहास रच दिया है। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के विभिन्न मुकाबलों में भीलवाड़ा के बालक और बालिका वर्ग के खिलाड़ियों ने अपनी बेजोड़ प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए कई पदकों पर कब्जा जमाया। तैराकों की इस ऐतिहासिक और गौरवमयी सफलता के बाद पूरे भीलवाड़ा जिले के खेल प्रेमियों, खेल प्रशिक्षकों और खिलाड़ियों के परिवारों में जबरदस्त उत्साह और खुशी का माहौल है। स्थानीय खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रदर्शन से जिले में तैराकी को एक नया बढ़ावा मिलेगा।
बालिका वर्ग में मिष्ठी को स्वर्ण और अन्य बेटियों को मिले पदक
इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भीलवाड़ा के लिए पदकों का खाता खोलने का श्रेय स्वस्ति कंवर राणावत को जाता है। उन्होंने बेहद चुनौतीपूर्ण मानी जाने वाली 1500 मीटर फ्री स्टाइल स्पर्धा में अपनी रफ्तार और दम-खम का बेहतरीन नजारा पेश करते हुए रजत पदक हासिल किया। इस शानदार शुरुआत के बाद बालिका वर्ग-2 में मिष्ठी शर्मा ने पूल में अपनी खेल तकनीक का अद्भुत प्रदर्शन किया और स्वर्ण पदक जीतकर भीलवाड़ा का नाम पूरे राज्य में रोशन किया। उनकी इस सफलता पर खेल प्रेमियों ने खुशी जाहिर की है।
इसके बाद बालिका वर्ग-1 की 50 मीटर बैक स्ट्रोक स्पर्धा में भी भीलवाड़ा की बेटियों का पूरी तरह से दबदबा देखने को मिला। इस स्पर्धा में सुमन मीणा ने अपनी तेज गति के दम पर रजत पदक जीता, जबकि शानदार टक्कर देते हुए विद्या कुमारी मीणा ने कांस्य पदक अपने नाम किया। भीलवाड़ा की बेटियों का जलवा यहीं नहीं रुका, बालिका वर्ग-2 की 100 मीटर बटरफ्लाई स्पर्धा में रामघनी कहार ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रजत पदक जीता। इसके साथ ही उन्होंने 200 मीटर ब्रेस्ट स्ट्रोक स्पर्धा में भी अपनी मजबूत दावेदारी पेश करते हुए कांस्य पदक हासिल किया।
बालक वर्ग में दक्ष, आदित्य और लोकेंद्र ने दिखाया दम
बालिका वर्ग के खिलाड़ियों की तरह ही भीलवाड़ा के बालक तैराकों ने भी प्रतियोगिता के दौरान अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। बालक वर्ग-1 की बेहद कठिन मानी जाने वाली 400 मीटर व्यक्तिगत मेडले स्पर्धा में दक्ष ओझा ने अन्य जिलों के तैराकों के साथ कड़े मुकाबले के बीच खुद को साबित किया और कांस्य पदक अपने नाम किया। इसी वर्ग की 50 मीटर बैक स्ट्रोक स्पर्धा में आदित्य लक्षकार ने पानी में अपनी बेहतरीन तकनीक का प्रदर्शन कर रजत पदक जीता। इसके अलावा बालक वर्ग-2 में लोकेंद्र सिंह खंगारोत ने भी अपनी श्रेणी में शानदार प्रदर्शन करते हुए भीलवाड़ा की झोली में एक और रजत पदक डाला।
रिले मुकाबलों में भी भीलवाड़ा की टीमों ने बिखेरा जलवा
व्यक्तिगत स्पर्धाओं में पदक जीतने के साथ-साथ भीलवाड़ा के तैराकों ने टीम स्पर्धाओं यानी रिले रेस में भी शानदार तालमेल और एकता का प्रदर्शन किया। बालक वर्ग-2 की 4x100 मीटर फ्री स्टाइल रिले स्पर्धा में लोकेंद्र सिंह, शुभम, आदित्य और रिधम की चौकड़ी ने आपस में बेहतरीन समन्वय दिखाते हुए शानदार समय निकाला और रजत पदक पर कब्जा जमाया।
इसके साथ ही बालक वर्ग-1 की 4x100 मीटर मेडले रिले स्पर्धा में भी भीलवाड़ा की टीम ने अपनी तकनीकी श्रेष्ठता से सबको प्रभावित किया। इस टीम में शामिल आदित्य लक्षकार, शिव देव सिंह, श्रेयांस और दक्ष ओझा ने अपनी सूझबूझ और गति के दम पर शानदार प्रदर्शन किया और प्रतियोगिता में रजत पदक हासिल कर अपना लोहा मनवाया। खिलाड़ियों की इस बड़ी कामयाबी पर भीलवाड़ा तैराकी संघ, विभिन्न खेल प्रशिक्षकों और अभिभावकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।











