उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में एक किसान की नई सोच ने यह साबित कर दिया है कि थोड़ी हिम्मत और सही फसल का चुनाव जिंदगी पूरी तरह बदल सकता है। प्रगतिशील किसान सुनील मौर्या ने जब गेहूं और धान की खेती को अलविदा कहकर गेंदे के फूल उगाने का रास्ता चुना, तो शायद किसी ने नहीं सोचा था कि यह फैसला उन्हें हर साल लाखों रुपये की कमाई देगा। आज 25 बीघा में गेंदे की फसल से वे इतना मुनाफा कमा रहे हैं कि आसपास के गांवों के किसान भी उनकी राह पर चलने को तैयार हो रहे हैं।
पुरानी खेती में लागत ज्यादा, कमाई कम
सुनील मौर्या बताते हैं कि पहले वे भी अपने खेतों में गेहूं, धान और दूसरी आम फसलें ही उगाते थे। इन फसलों में हर बार खूब मेहनत करनी पड़ती थी और लागत भी काफी लगती थी, लेकिन हाथ में आता था बेहद मामूली मुनाफा। बेहतर विकल्प की तलाश में उन्होंने काफी सोच-विचार किया और अंततः गेंदे की खेती को अपनाने का फैसला किया, जो उनके लिए पूरी तरह फायदे का सौदा बन गया।
गेंदे की मांग साल के बारह महीने बनी रहती है
सुनील मौर्या के अनुसार गेंदे के फूल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसकी बाजार में मांग कभी नहीं रुकती। शादी-विवाह, धार्मिक समारोह, बड़े त्योहार और सजावट के कार्यक्रम, हर जगह गेंदे के फूल चाहिए होते हैं। इसीलिए स्थानीय मंडियों में ये जल्दी और अच्छे दाम पर बिक जाते हैं। एक बार फसल तैयार हो जाए, तो कई महीनों तक पौधे लगातार फूल देते रहते हैं और किसान को हर हफ्ते नियमित कमाई होती रहती है।
5 हजार लगाओ, 30 से 50 हजार कमाओ
सुनील मौर्या इस वक्त 25 बीघा जमीन पर पूरे साल गेंदे की खेती करते हैं। वे बताते हैं कि प्रति बीघा खेती में करीब 5 हजार रुपये की लागत आती है। इस हिसाब से 25 बीघा के पूरे खेत में 1 लाख 20 हजार से 1 लाख 25 हजार रुपये तक की कुल लागत लगती है। कमाई की बात करें तो एक बीघे की फसल से ही 30 हजार से 50 हजार रुपये तक की शुद्ध आमदनी हो जाती है। यानी 25 बीघा से हर साल लाखों रुपये का बंपर मुनाफा उनकी जेब में आता है।
देखभाल में लापरवाही नहीं, विशेषज्ञ भी उत्साहित
सुनील का साफ कहना है कि गेंदे की अच्छी पैदावार के लिए समय पर सिंचाई, उचित खाद और पौधों की नियमित देखभाल बेहद जरूरी है। उनकी सफलता की चर्चा दूर-दूर तक फैल रही है और आसपास के गांवों के कई किसान अब पारंपरिक खेती छोड़कर फूलों की खेती में कदम रखने के बारे में गंभीरता से सोच रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों की भी यही राय है कि जो किसान बाजार की मांग को समझकर आधुनिक तरीकों से फूलों की खेती करें, उनकी आय कई गुना बढ़ाने का यह एक बेहतरीन जरिया बन सकती है।













