वैश्विक विमानन के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए एयरबस के A350-1000ULR परीक्षण विमान ने दुनिया की सबसे लंबी नॉन-स्टॉप उड़ान सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। यह विमान 28 जुलाई 2026 को फ्रांस के टूलूज हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतरा। ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न से उड़ान भरकर बिना एक भी स्टॉप लिए टूलूज पहुंचने में इस एयरक्राफ्ट को 24 घंटे और 24 मिनट का समय लगा। इस दौरान विमान ने कुल 23,075 किलोमीटर (लगभग 12,460 नॉटिकल मील) की दूरी तय की, जो व्यावसायिक विमानन के इतिहास में किसी भी जेट द्वारा तय की गई सबसे लंबी पॉइंट-टू-पॉइंट दूरी है।
इस ऐतिहासिक सफर के साथ एयरबस ने वर्ष 2005 में बोइंग 777-200LR विमान द्वारा बनाए गए 21,601.7 किलोमीटर की लंबी दूरी के पिछले विश्व रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। इस परीक्षण उड़ान का पहला चरण 23 जुलाई को शुरू हुआ था, जब MSN707 पंजीकरण वाले इस पहले A350-1000ULR फ्लाइट टेस्ट एयरक्राफ्ट ने टूलूज से मेलबर्न के लिए अपनी लंबी दूरी की यात्रा भरी थी। इसके बाद 28 जुलाई को वापसी की यात्रा के दौरान इस विमान ने दूरी और समय दोनों के मामलों में विमानन उद्योग के नए मानक तय किए।
कई महाद्वीपों और महासागरों को पार करने वाला मार्ग
मेलबर्न से फ्रांस वापसी के दौरान इस परीक्षण विमान ने बेहद खास हवाई मार्ग का चयन किया। उड़ान भरने के बाद विमान ने सबसे पहले प्रशांत महासागर को पार किया और अमेरिका के पश्चिमी हिस्से में स्थित लॉस एंजिलिस की दिशा में आगे बढ़ा। इसके बाद अमेरिकी मुख्य भूमि और पूर्वी कनाडा के हवाई क्षेत्र से गुजरते हुए विमान ने अटलांटिक महासागर में प्रवेश किया और ग्रीनलैंड के दक्षिणी सिरे के पास से गुजरते हुए यूनाइटेड किंगडम के ऊपर से उड़ान भरी। अंततः यह विमान दक्षिणी फ्रांस में स्थित टूलूज पहुंचा।
एयरबस के अधिकारियों के अनुसार, इस विशिष्ट मार्ग का चुनाव किसी भी संभावित एयर ट्रैफिक कंट्रोल संबंधी जटिलताओं से बचने और अलग-अलग मौसम स्थितियों का सुचारू मूल्यांकन करने के लिए किया गया था। इस अभूतपूर्व 24 घंटे से अधिक की लगातार उड़ान के दौरान विमान के चालक दल को अपनी यात्रा में दो बार सूर्योदय और दो बार सूर्यास्त देखने का दुर्लभ दृश्य प्राप्त हुआ, जो लंबी दूरी के विमानन में एक अनूठा अनुभव माना जाता है।
प्रोजेक्ट सनराइज और ब्लॉक टाइम का व्यापक मूल्यांकन
यह ऐतिहासिक उड़ान ऑस्ट्रेलियाई एयरलाइन कंटास की महत्वाकांक्षी योजना प्रोजेक्ट सनराइज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थी। इस परियोजना का मुख्य लक्ष्य वर्ष 2027 से सिडनी और लंदन के बीच दुनिया की सबसे लंबी नियमित कमर्शियल नॉन-स्टॉप उड़ानें शुरू करना है। हालांकि, एयरबस का स्पष्ट कहना है कि यह विशेष उड़ान किसी औपचारिक प्रमाणन (सर्टिफिकेशन) प्रक्रिया के तहत आयोजित नहीं की गई थी, बल्कि यह कंपनी के आंतरिक विकास और परीक्षण अभियानों का हिस्सा थी।
इस मिशन का प्राथमिक उद्देश्य यह साबित करना था कि A350-1000ULR लगातार 23 घंटे के ब्लॉक टाइम वाले मिशन को आसानी से और सुरक्षित रूप से पूरा कर सकता है। ब्लॉक टाइम का तात्पर्य उस पूरी अवधि से होता है जब विमान प्रस्थान स्थल पर पार्किंग ब्रेक हटाता है और गंतव्य पर पहुंचकर दोबारा पार्किंग ब्रेक लगाता है। कंटास एयरवेज की भविष्य की सीधी उड़ानों की परिचालन व्यवहार्यता सुनिश्चित करने के लिए यह क्षमता परीक्षण बेहद अहम माना जा रहा है।
उन्नत इंजन तकनीक और अतिरिक्त ईंधन क्षमता
लंबी दूरी तक बिना रुके उड़ान भरने के लिए A350-1000ULR में कई आधुनिक तकनीकी बदलाव किए गए हैं। इस विमान को शक्ति देने के लिए दो रोल्स-रॉयस ट्रेंट XWB-97 इंजन लगाए गए हैं, जो उच्च ईंधन दक्षता और न्यूनतम उत्सर्जन के लिए जाने जाते हैं। इसके अलावा विमान में 20,900 लीटर क्षमता वाला एक विशेष रियर सेंटर फ्यूल टैंक (RCT) जोड़ा गया है। इस अतिरिक्त ईंधन टैंक की मदद से यह अल्ट्रा-लॉन्ग रेंज एयरक्राफ्ट लगभग 10,000 नॉटिकल मील की दूरी तक नॉन-स्टॉप उड़ान भरने में सक्षम हो जाता है।
मेलबर्न से टूलूज की यात्रा के दौरान फ्लाइट टेस्ट इंजीनियरों ने विमान की ईंधन प्रबंधन प्रणाली, एयर कंडीशनिंग यूनिट और केबिन के भीतर यात्रियों व चालक दल के लिए आरामदायक माहौल बनाए रखने की क्षमताओं का लगातार सूक्ष्म मूल्यांकन किया। उड़ान के दौरान अलग-अलग ऊंचाई और तापमान पर ईंधन की खपत का विस्तृत डेटा भी एकत्र किया गया।
कॉरिडोर में चालक दल और क्रू रेस्ट कंपार्टमेंट की परीक्षा
इस मिशन में कॉकपिट क्रू और फ्लाइट इंजीनियरों की एक अनुभवी टीम शामिल थी। टूलूज से मेलबर्न जाने वाली शुरुआती उड़ान की कमान टेस्ट पायलट विन्सेंट सिबेल ने संभाली थी, जबकि मेलबर्न से टूलूज की रिकॉर्ड-तोड़ वापसी उड़ान का नेतृत्व एयरबस के वरिष्ठ टेस्ट पायलट जेवियर पेपिन ने किया। वापसी की इस उड़ान में कंटास एयरलाइन के दो वरिष्ठ पायलट भी शामिल हुए। हालांकि इन ऑस्ट्रेलियाई पायलटों को A350 का व्यापक अनुभव था, लेकिन ULR संस्करण पर यह उनका पहला सीधा परिचालन अनुभव था। इसके अलावा दो टेस्ट फ्लाइट इंजीनियर और तीन फ्लाइट टेस्ट इंजीनियर पूरे सफर के दौरान विमान के तकनीकी उपकरणों की निगरानी करते रहे।
इस परीक्षण का एक और महत्वपूर्ण उद्देश्य विमान में बने नए ट्विन फ्लाइट क्रू रेस्ट कंपार्टमेंट (FCRC) की कार्यप्रणाली को परखना था। इसे विशेष रूप से लंबी दूरी की उड़ानों में पायलटों के लिए डिजाइन किया गया है, ताकि एक पायलट के आने-जाने से दूसरे के विश्राम में खलल न पड़े। इस विशेष उड़ान के दौरान FCRC कक्षों के भीतर वेंटिलेशन और दबाव मापने वाले विभिन्न उपकरण इंस्टॉल किए गए थे, इसलिए उड़ान के दौरान चालक दल ने विमान के पिछले हिस्से में मौजूद 8 बर्थ वाले केबिन क्रू रेस्ट एरिया का इस्तेमाल विश्राम के लिए किया।



















