स्मार्टफोन की दुनिया में एक नए युग की शुरुआत करते हुए ऐपल ने अपना पहला फोल्डेबल डिवाइस आईफोन डुओ लॉन्च कर दिया है। इस नए लॉन्च के बाद से ही प्रीमियम स्मार्टफोन यूजर्स के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या यह नया आईफोन बाजार में पहले से मौजूद सैमसंग के सबसे दमदार फोल्डेबल फोन गैलेक्सी Z फोल्ड 8 अल्ट्रा को टक्कर दे पाएगा। सैमसंग का यह फोन अपनी शानदार स्क्रीन और प्रीमियम बिल्ड क्वालिटी के लिए जाना जाता है, लेकिन इसकी कीमत भी काफी ज्यादा है। ऐसे में दोनों में से कौन सा फोन आपके लिए ज्यादा बेहतर साबित होगा, इसे समझने के लिए हमने दोनों डिवाइस की बारीकी से तुलना की है।
डिजाइन, लुक और वजन के मामले में दोनों कितने अलग?
ऐपल आईफोन डुओ को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि बंद होने पर यह पूरी तरह से एक सामान्य स्मार्टफोन जैसा महसूस होता है। हालांकि, जब आप इसे खोलते हैं, तो आपको एक बड़ी स्क्रीन मिलती है। यह फोन स्टार व्हाइट और नाइट स्काई जैसे शानदार रंगों में उपलब्ध है। वजन की बात करें तो यह थोड़ा भारी महसूस हो सकता है क्योंकि इसका कुल वजन लगभग 254 ग्राम है।
दूसरी तरफ, सैमसंग गैलेक्सी Z फोल्ड 8 अल्ट्रा वजन के मामले में ऐपल से काफी हल्का है, जिसका कुल वजन सिर्फ 215 ग्राम है। यह फोन खुला होने पर बेहद स्लिम हो जाता है और इसकी मोटाई केवल 4.1 मिमी रह जाती है। रंगों के मामले में सैमसंग यूजर्स को ज्यादा विकल्प देता है, जिसमें ग्रेफाइट, क्रीम, वायलेट शैडो और ग्रीन शैडो जैसे खूबसूरत शेड्स शामिल हैं। अगर आपको एक पतला और हल्का फोन पसंद है, तो सैमसंग का डिजाइन बेहतर लग सकता है, जबकि ऐपल अपनी बेहतरीन प्रीमियम फिनिश और क्लीन लुक से आकर्षित करता है।
डिस्प्ले साइज और क्वालिटी की तुलना
आईफोन डुओ में बाहर की तरफ एक छोटा 5.4 इंच का डिस्प्ले दिया गया है, जबकि इसके अंदर की तरफ 7.6 इंच की सुपर रेटिना XDR स्क्रीन मिलती है। यह स्क्रीन 3000 निट्स की जबर्दस्त ब्राइटनेस और प्रोमोशन सपोर्ट के साथ आती है, जो तेज धूप में भी बेहतरीन विजुअल्स देती है।
इसके मुकाबले, सैमसंग गैलेक्सी Z फोल्ड 8 अल्ट्रा की बाहरी स्क्रीन बड़ी है, जो 6.5 इंच की है। अंदर की तरफ इसमें 8 इंच का बड़ा डायनामिक AMOLED डिस्प्ले दिया गया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। आकार के मामले में सैमसंग की स्क्रीन बड़ी है, जो वीडियो देखने और गेमिंग के लिए बेहतरीन है। लेकिन अगर आप स्क्रीन की क्वालिटी और सटीक रंगों (कलर साइंस) को प्राथमिकता देते हैं, तो ऐपल की स्क्रीन बाजी मार लेती है।
प्रोसेसर की ताकत और परफॉर्मेंस
आईफोन डुओ को ताकत देने के लिए ऐपल ने इसमें अपनी सबसे आधुनिक A20 प्रो चिप दी है, जो दुनिया की पहली 2 नैनोमीटर प्रोसेस पर आधारित है। यह चिप न सिर्फ बहुत पावरफुल है बल्कि बैटरी की भी काफी बचत करती है।
सैमसंग गैलेक्सी Z फोल्ड 8 अल्ट्रा में स्नैपड्रैगन 8 एलीट Gen 5 प्रोसेसर दिया गया है। ये दोनों ही चिप्स हैवी गेमिंग, मल्टीटास्किंग और AI आधारित कामों को बेहद आसानी से संभालने की क्षमता रखते हैं। हालांकि, ऐपल का खुद का सॉफ्टवेयर ऑप्टिमाइजेशन बहुत मजबूत होता है, जिससे फोन लंबे समय तक स्मूथ चलता है। दूसरी तरफ, सैमसंग यूजर्स को एंड्रॉयड की कस्टमाइजेशन की आजादी और कई शानदार फीचर्स देता है।
कैमरा सेटअप: कौन खींचेगा बेहतर तस्वीरें?
सैमसंग इस मोर्चे पर ऐपल से काफी आगे दिखाई देता है। गैलेक्सी Z फोल्ड 8 अल्ट्रा में पीछे की तरफ ट्रिपल कैमरा सेटअप है, जिसमें 200 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा, 50 मेगापिक्सल का अल्ट्रा-वाइड कैमरा और 10 मेगापिक्सल का टेलीफोटो लेंस शामिल है। यह सेटअप कम रोशनी में बेहतरीन तस्वीरें लेने और शानदार जूम क्षमता के लिए जाना जाता है।
इसके विपरीत, आईफोन डुओ में पीछे की तरफ केवल दो कैमरे दिए गए हैं, जो दोनों ही 48 मेगापिक्सल के हैं। ऐपल की फोटो प्रोसेसिंग अपनी प्राकृतिक टोन और डिटेलिंग के लिए मशहूर है। सेल्फी के शौकीनों के लिए दोनों ही फोन में बेहतरीन फ्रंट कैमरे दिए गए हैं, और वीडियो रिकॉर्डिंग के मामले में भी दोनों डिवाइस टक्कर के हैं।
बैटरी लाइफ, चार्जिंग और टिकाऊपन
सैमसंग गैलेक्सी Z फोल्ड 8 अल्ट्रा में 5000mAh की बड़ी बैटरी दी गई है, जो 45W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। वहीं, ऐपल ने आईफोन डुओ की सटीक बैटरी क्षमता का खुलासा तो नहीं किया है, लेकिन दावा किया है कि यह अंदर की स्क्रीन पर 31 घंटे और बाहर की स्क्रीन पर 44 घंटे तक का वीडियो प्लेबैक दे सकती है। वायरलेस चार्जिंग की सुविधा दोनों में है, लेकिन आईफोन में मिलने वाला मैगसेफ सपोर्ट चार्जिंग को ज्यादा आसान बना देता है।
टिकाऊपन की बात करें तो आईफोन डुओ IP68 वाटर एंड डस्ट रेजिस्टेंस रेटिंग के साथ आता है, जो सैमसंग की IP48 रेटिंग से काफी बेहतर है। इसके अलावा, ऐपल के इस फोन में भविष्य में ऐपल पेंसिल का सपोर्ट भी मिलने वाला है। सैमसंग पहले से ही एस पेन सपोर्ट, शानदार मल्टीटास्किंग विंडोज और गैलेक्सी AI फीचर्स के साथ आता है, जो प्रोडक्टिविटी को कई गुना बढ़ा देते हैं।
कीमत और स्टोरेज के मामले में कौन है बेहतर?
भारतीय बाजार में आईफोन डुओ की शुरुआती कीमत 2,99,900 रुपये है। इसके मुकाबले, सैमसंग गैलेक्सी Z फोल्ड 8 अल्ट्रा की शुरुआती कीमत 1,99,999 रुपये है। इस तरह सैमसंग का फोन ऐपल से पूरे 1 लाख रुपये सस्ता है।
स्टोरेज के मामले में ऐपल के पास 2TB तक का बहुत बड़ा विकल्प मौजूद है, जबकि सैमसंग के पास 2TB स्टोरेज का कोई विकल्प नहीं है। अगर आप पूरी तरह से ऐपल के इकोसिस्टम में हैं, बेहतरीन बिल्ड क्वालिटी और लंबे समय तक सॉफ्टवेयर अपडेट चाहते हैं, तो आईफोन डुओ आपके लिए है। लेकिन अगर आपका बजट थोड़ा कम है, आपको बड़ी स्क्रीन, शानदार कैमरा और एंड्रॉयड का खुलापन पसंद है, तो सैमसंग गैलेक्सी Z फोल्ड 8 अल्ट्रा सबसे बेहतरीन विकल्प साबित होगा।


















