ऐप्पल ने अपनी डिजिटल भुगतान सेवा ऐप्पल पे को बुधवार, 30 सितंबर को भारतीय बाजार में आधिकारिक तौर पर उपलब्ध करा दिया है। अमेरिका में पहली बार पेश किए जाने के करीब 12 साल बाद यह सेवा भारत पहुंची है। देश में शुरुआत के समय कंपनी ने इसके लिए केवल एक बैंकिंग पार्टनर एक्सिस बैंक के साथ हाथ मिलाया है। इसके साथ ही यह सुविधा फिलहाल केवल एक्सिस बैंक द्वारा जारी किए गए वीज़ा और मास्टरकार्ड नेटवर्क वाले क्रेडिट कार्ड्स तक ही सीमित रखी गई है।
शुरुआती चरण में किन कार्ड्स को मिली जगह
लॉन्च के पहले दिन से ऐप्पल पे का इस्तेमाल वही उपभोक्ता कर पाएंगे जिनके पास एक्सिस बैंक का योग्य वीज़ा या मास्टरकार्ड क्रेडिट कार्ड मौजूद है। अगर किसी ग्राहक के पास एक्सिस बैंक का ऐसा कार्ड है जो किसी अन्य नेटवर्क पर संचालित होता है, तो वह ऐप्पल वॉलेट में दिखाई नहीं देगा। इसका मतलब यह है कि केवल एक्सिस बैंक द्वारा जारी होना ही काफी नहीं है, बल्कि कार्ड का नेटवर्क भी वीज़ा या मास्टरकार्ड होना अनिवार्य है। यह सेवा आईफोन, आईपैड और ऐप्पल वॉच पर पूरी तरह काम करती है, जबकि मैक कंप्यूटरों के लिए इसका सपोर्ट इसी वर्ष बाद में जोड़े जाने की संभावना है।
कार्ड जोड़ने और सेटअप करने की आसान प्रक्रिया
उपभोक्ताओं के लिए अपने कार्ड को इस डिजिटल वॉलेट से जोड़ना बेहद सरल बनाया गया है। योग्य कार्डधारक एक्सिस बैंक ऐप के नवीनतम संस्करण के जरिए कार्ड जोड़ सकते हैं या फिर सीधे अपने आईफोन में मौजूद वॉलेट ऐप के जरिए इसे दर्ज कर सकते हैं। आईफोन में कार्ड जुड़ जाने के बाद उसे ऐप्पल वॉच के साथ भी आसानी से सिंक किया जा सकता है। कंपनी का कहना है कि वह आने वाले समय में और अधिक कार्ड जारीकर्ता बैंकों तथा मर्चेंट्स को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ने की योजना बना रही है। हालांकि अन्य बैंकों के जुड़ने को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक समय सीमा घोषित नहीं की गई है।
दुकानों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कैसे करें भुगतान
खुदरा दुकानों या स्टोर पर इन-स्टोर भुगतान के लिए उपयोगकर्ताओं को अपने डिवाइस का साइड बटन या होम बटन दो बार दबाना होगा। इसके बाद फेस आईडी, टच आईडी या पासकोड के जरिए प्रमाणीकरण पूरा करना होता है। प्रमाणीकरण होते ही आईफोन या ऐप्पल वॉच को किसी भी कॉन्टैक्टलेस कार्ड रीडर के पास ले जाकर भुगतान पूरा किया जा सकता है। इसके अलावा, विभिन्न ऐप और वेबसाइट्स पर चेकआउट करते समय भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है, जहाँ ग्राहकों को बार-बार कार्ड नंबर, पिन या ओटीपी दर्ज करने की झंझट से मुक्ति मिल जाती है।
शुरुआत में किन प्रमुख मर्चेंट्स पर मिलेगी सुविधा
लॉन्च के समय से ही देश भर के कई जाने-माने स्टोर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर इस सेवा को स्वीकार किया जा रहा है। कंपनी के अनुसार, ऐप्पल स्टोर लोकेशन्स के अलावा ब्लिंकिट, चायोस, कॉमेट, क्रोमा, इंटरफ्लोरा, इक्सिगो, ले15 पैटिसरी, रिलायंस के विभिन्न ब्रांड्स, टाटा 1एमजी और ज़ोमैटो जैसे प्लेटफॉर्म्स पर ऐप्पल पे के जरिए तुरंत पेमेंट की जा सकती है। इससे ऑनलाइन ऑर्डरिंग और रिटेल शॉपिंग दोनों जगहों पर ग्राहकों को त्वरित चेकआउट की सुविधा मिल रही है।
यूपीआई और रूपे का सपोर्ट न होना बनी बड़ी कमी
इस सेवा के आने के बावजूद देश के अधिकांश आईफोन उपयोगकर्ताओं के लिए पहले दिन इसका दायरा सीमित ही रहने वाला है, क्योंकि इसमें अभी यूपीआई का कोई सपोर्ट नहीं दिया गया है और न ही रूपे कार्ड्स को शामिल किया गया है। एनपीसीआई के आंकड़ों के अनुसार, भारत में कुल डिजिटल भुगतानों का करीब 84 प्रतिशत हिस्सा यूपीआई के जरिए होता है। ऐसे में किराना दुकानों, रेहड़ी-पटरी वालों या ऑटो-रिक्शा चालकों को भुगतान करने के लिए आईफोन उपयोगकर्ताओं को अभी भी अलग से यूपीआई ऐप पर ही निर्भर रहना होगा।
तकनीकी रूप से दोनों प्रणालियों का कार्य मॉडल बिल्कुल अलग है। भारत में ऐप्पल पे वर्तमान में बैंक द्वारा जारी योग्य क्रेडिट कार्ड्स और टैप-टू-पे के लिए एनएफसी तकनीक पर काम करता है, जिससे ऐप्पल उपकरणों के जरिए समर्थित कार्ड्स का डिजिटल इस्तेमाल संभव होता है। दूसरी ओर, यूपीआई सीधे बैंक खातों से भुगतान करने की सुविधा देता है। लॉन्च के समय यूपीआई को क्यों शामिल नहीं किया गया, इस पर न तो ऐप्पल और न ही एक्सिस बैंक ने सार्वजनिक रूप से कोई स्पष्टीकरण दिया है। ऐसे में फिलहाल ऐप्पल पे बड़े पैमाने पर क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने वालों के लिए एक डिजिटल कार्ड वॉलेट की तरह है, न कि देश में लोकप्रिय यूपीआई का कोई विकल्प।

















