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यूरो और पाउंड में सीमित हलचल के आसार, वैश्विक मुद्राओं, सोने और क्रिप्टो में दिखा दबावबाज़ार
30 सित॰ 2026, 10:42 pm (35 मिनट पहले)· 1

यूरो और पाउंड में सीमित हलचल के आसार, वैश्विक मुद्राओं, सोने और क्रिप्टो में दिखा दबाव

यूरोपीय आर्थिक अनिश्चितताओं और ब्याज दरों की स्थिति के चलते यूरो-पाउंड एक सीमित दायरे में बने रहने की संभावना है। वहीं वैश्विक बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, येन, सोना और क्रिप्टोकरेंसी भी अहम स्तरों पर कारोबार कर रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा विनिमय बाजार में यूरोपीय साझा मुद्रा यूरो और ब्रिटिश पाउंड के बीच विनिमय दर आने वाले हफ्तों में एक सीमित दायरे में ही बने रहने के आसार नजर आ रहे हैं। मुद्रा विश्लेषकों का मानना है कि अल्पकालिक ब्याज दरों में वृद्धि सामान्य तौर पर किसी भी राष्ट्रीय मुद्रा के लिए सहारा बनती है, लेकिन पाउंड के मामले में इस मोर्चे से टिकाऊ बढ़त मिलने की गुंजाइश काफी कम है। इसका प्रमुख कारण यह है कि बारह महीने के दृष्टिकोण पर बाजार में पहले से ही 100 बेसिस पॉइंट से अधिक की नीतिगत सख्ती का असर शामिल किया जा चुका है। जैसे-जैसे ब्याज दर वृद्धि से जुड़े जोखिम नियंत्रित होंगे, ब्रिटिश पाउंड के रुख में कुछ नरमी आने की संभावना बढ़ जाती है।

यूरोपीय संघ और ब्रिटेन की आर्थिक चुनौतियां

यूरोपीय साझा मुद्रा के दृष्टिकोण पर गौर करें तो यूरोजोन में आर्थिक विकास की रफ्तार को लेकर खड़ी हो रही बाधाएं किसी से छिपी नहीं हैं। इसके साथ ही फ्रांस और जर्मनी दोनों ही प्रमुख देशों में राजनीतिक अनिश्चितताओं का साया मंडरा रहा है। यह राजनीतिक और आर्थिक माहौल नए साल में यूरो और पाउंड की विनिमय दर में किसी बड़ी एकतरफा तेजी की गुंजाइश को काफी सीमित कर देता है। इन्हीं सब कारणों के चलते आने वाले हफ्तों में यूरो-पाउंड का लेन-देन अपने मौजूदा दायरे में ही बने रहने की उम्मीद है, जबकि मध्यम अवधि के अनुमानों का आने वाले दिनों में नए सिरे से पुनर्मूल्यांकन किया जाना है।

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जर्मनी में मुद्रास्फीति के ताज़ा आंकड़े

यूरोप के सबसे बड़े आर्थिक इंजन जर्मनी से मुद्रास्फीति के मोर्चे पर नए आंकड़े सामने आए हैं। जर्मनी के संघीय सांख्यिकी कार्यालय डेस्टैटिस द्वारा बुधवार को साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में बदलाव से मापी जाने वाली मुद्रास्फीति दर सितंबर महीने में बढ़कर 3.3 प्रतिशत (प्रारंभिक) पर पहुंच गई। इससे पहले अगस्त महीने में यह आंकड़ा 2.9 प्रतिशत दर्ज किया गया था। महंगाई दर में यह उछाल क्षेत्रीय नीतिगत फैसलों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।

ऑस्ट्रेलियाई डॉलर दो महीने के निचले स्तर पर

एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले दबाव में नजर आया और 0.6950 के करीब दो महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया। इस कमजोरी के पीछे ऑस्ट्रेलिया में अगस्त महीने के अंतर्निहित उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़े रहे, जो बाजार की अपेक्षाओं से कमजोर साबित हुए। इन आंकड़ों ने रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया द्वारा आगे ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की उम्मीदों पर पूरी तरह पानी फेर दिया। इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर की तेजी में ठहराव आने के बावजूद चीन के कमजोर पीएमआई आंकड़े भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को कोई खास सहारा नहीं दे पाए।

येन को मिला सहारा और अमेरिकी डॉलर की स्थिति

एशियाई सत्र में बुधवार को अमेरिकी डॉलर और जापानी येन की विनिमय दर 157.00 के नीचे दबाव में बनी रही। बैंक ऑफ़ जापान की सख्त नीतिगत अपेक्षाओं और बाजार में संभावित हस्तक्षेप के जोखिमों ने जापानी येन को मजबूती प्रदान की। इस मजबूती ने जापान के कमजोर घरेलू औद्योगिक उत्पादन और खुदरा बिक्री के नकारात्मक आंकड़ों के असर को भी काफी हद तक संतुलित कर दिया। दूसरी ओर, व्यापक अमेरिकी डॉलर में आई समग्र गिरावट ने भी इस मुद्रा जोड़ी को नीचे की ओर बनाए रखने में भूमिका निभाई।

सोने में सुधार और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट

अमेरिकी सत्र की शुरुआत में सोने की कीमतों में अच्छी रिकवरी देखी गई और यह पीली धातु 4,200 डॉलर प्रति औंस के पार कारोबार करती दिखी। मंगलवार को दो महीने के उच्च स्तर को छूने के बाद अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट ने अमेरिकी डॉलर को नीचे धकेला, जिससे सोने के लिए अनुकूल माहौल तैयार हुआ। इसके साथ ही, पीसीई प्राइस इंडेक्स द्वारा मापी गई अमेरिकी महंगाई के आंकड़े उम्मीद से नरम रहे, जिसने अमेरिकी डॉलर की कमजोरी को और बढ़ा दिया।

क्रिप्टो बाजार में सुस्ती का माहौल

डिजिटल एसेट बाजार में बुधवार को कारोबार काफी सुस्त बना रहा। बिटकॉइन के खरीदार किसी तरह 83,000 डॉलर के तत्काल समर्थन स्तर का बचाव करने की जद्दोजहद में जुटे रहे। दूसरा सबसे बड़ा टोकन इथेरियम भी बिटकॉइन की तर्ज पर ही सीमित दायरे में फंसा रहा, जो ऊपर की तरफ 2,700 डॉलर और नीचे की तरफ 2,600 डॉलर के महत्वपूर्ण स्तरों के भीतर कारोबार करता नजर आया। वहीं रिपल की कीमत 1.50 डॉलर के आसपास मंडराती रही।

सवाल-जवाब

यूरो और पाउंड की विनिमय दर में आगे क्या रुख रहने की उम्मीद है?
विश्लेषकों के अनुसार यूरो और पाउंड आने वाले हफ्तों में अपने मौजूदा सीमित दायरे में ही बने रहने की संभावना है।
जर्मनी में सितंबर की मुद्रास्फीति दर कितनी रही?
जर्मनी के संघीय सांख्यिकी कार्यालय के अनुसार सितंबर में प्रारंभिक मुद्रास्फीति दर बढ़कर 3.3 प्रतिशत दर्ज की गई, जो अगस्त में 2.9 प्रतिशत थी।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में गिरावट क्यों आई?
अगस्त के ऑस्ट्रेलियाई अंतर्निहित उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आंकड़े अपेक्षा से कमजोर रहने और चीन के कमजोर पीएमआई के कारण यह दो महीने के निचले स्तर 0.6950 के करीब आ गया।
सोने की कीमत में तेजी का मुख्य कारण क्या रहा?
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और नरम पीसीई महंगाई आंकड़ों के चलते अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने से सोना 4,200 डॉलर के पार निकल गया।
क्रिप्टो बाजार में बिटकॉइन और इथेरियम किस स्तर पर कारोबार कर रहे हैं?
बिटकॉइन 83,000 डॉलर के समर्थन स्तर पर टिके रहने की कोशिश कर रहा है, जबकि इथेरियम 2,600 से 2,700 डॉलर के दायरे में फंसा हुआ है।
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