यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गूगल ने अपने सर्च के एआई मोड को अब और अधिक उन्नत बना दिया है। कंपनी ने इस प्लेटफॉर्म में कई अत्याधुनिक ट्रैवल फीचर्स जोड़े हैं, जिनकी सहायता से उपयोगकर्ताओं को अब अपनी यात्रा की योजना बनाने के लिए अलग-अलग वेबसाइटों या ढेरों ऐप्स के बीच बार-बार स्विच करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। ये नए टूल्स फ्लाइट के किराए पर नजर रखने से लेकर रिवॉर्ड पॉइंट्स की गणना करने और ठहरने के लिए बेहतरीन होटल तलाशने तक के सभी काम सीधे सर्च विंडो के भीतर ही आसान बना देते हैं। हालांकि, इन नई सुविधाओं में से कुछ की उपलब्धता फिलहाल स्थान और चुनिंदा भाषाओं के आधार पर ही सीमित रखी गई है।
एआई मोड के जरिए करें फ्लाइट की कीमतों की ट्रैकिंग
इस बड़े अपडेट के तहत गूगल ने अपने लोकप्रिय गूगल फ्लाइट्स प्राइस ट्रैकिंग फीचर को सीधे एआई मोड के अंदर एकीकृत कर दिया है। अब यात्रियों को किसी खास रूट या तय तारीख के लिए फ्लाइट के किराए पर नजर रखने के लिए अलग से किसी पोर्टल पर जाने की जरूरत नहीं है, बल्कि वे बातचीत के सामान्य अंदाज में ही एआई से यह काम करने का अनुरोध कर सकते हैं। इसके लिए बस यूजर को अपनी डिपार्चर और अराइवल की जगह, सफर की तारीख और अन्य जरूरी जानकारियां दर्ज करनी होंगी।
इसके बाद एआई मोड दुनिया भर की 300 से अधिक पार्टनर एयरलाइंस और ट्रैवल प्लेटफॉर्म्स से उपलब्ध विकल्पों और उनकी मौजूदा कीमतों का पूरा डेटा सामने ले आएगा। यदि उपयोगकर्ता इस प्रक्रिया में प्राइस ट्रैकिंग विकल्प को चुनता है, तो किराए में किसी भी प्रकार का उतार-चढ़ाव होने पर उसे सीधा ईमेल के जरिए अलर्ट प्राप्त हो जाएगा। गूगल के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक यह उपयोगी फीचर इस समय दुनिया भर के 180 से ज्यादा देशों और क्षेत्रों में उपयोगकर्ताओं के लिए पूरी तरह से सक्रिय है। हालांकि, अपनी पसंद की फ्लाइट मिल जाने के बाद टिकट बुक करने की प्रक्रिया संबंधित एयरलाइन या किसी अन्य पसंदीदा बुकिंग प्लेटफॉर्म पर जाकर ही पूरी करनी होगी।
लॉयल्टी प्रोग्राम के पॉइंट्स और माइल्स से खोजें विकल्प
अक्सर यात्रियों के पास विभिन्न एयरलाइंस या होटल्स के लॉयल्टी प्रोग्राम्स के तहत कलेक्ट किए गए पॉइंट्स और माइल्स होते हैं, जिनका सही उपयोग करना कई बार पेचीदा हो जाता है। अब एआई मोड इस समस्या को हल करते हुए यह गणना करने में भी मदद करता है कि किसी विशेष ट्रिप के लिए कितने पॉइंट्स या माइल्स की आवश्यकता पड़ेगी। इसके लिए यात्री को अपनी यात्रा के विवरण के साथ उस विशेष लॉयल्टी प्रोग्राम का नाम भी बताना होगा जिसका वह इस्तेमाल करना चाहता है।
यह सुविधा केवल उड़ानों तक ही सीमित नहीं है बल्कि होटल बुकिंग के मामले में भी समान रूप से काम करती है। उपयोगकर्ता पार्टनर वेबसाइट पर जाकर आसानी से अपने रिवॉर्ड्स को रिडीम कर सकते हैं। गूगल ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह पॉइंट्स और माइल्स वाला फीचर वैश्विक स्तर पर उपलब्ध है, जिसमें अलास्का एयरलाइन्स, हवाइ, अमेरिकन एयरलाइन्स, चॉइस होटल इंटरनेशनल और हिल्टन जैसे दिग्गज होटल रिसॉर्ट्स व पार्टनर्स पहले से शामिल हैं। इसके अलावा आने वाले समय में एकॉर, फ्लाइंग ब्लू, हयात, लैटम एयरलाइंस और लुफ्थांसा ग्रुप का सपोर्ट भी इसमें जल्द ही जोड़ दिया जाएगा।
होटल तलाशने और तुलना करने की प्रक्रिया हुई सरल
फ्लाइट्स के साथ-साथ गूगल ने एआई मोड के भीतर होटल बुकिंग की आधुनिक सुविधा भी शुरू कर दी है, जिससे छुट्टियों या कामकाजी दौरों की योजना बनाना और भी आसान हो गया है। कोई भी यात्री अपनी डेस्टिनेशन, ट्रैवल डेट्स और होटल से जुड़ी खास प्राथमिकताओं को बताकर अपनी पसंद के मुताबिक विकल्प तलाश सकता है। यह स्मार्ट सिस्टम अलग-अलग होटल्स के साथ-साथ गेस्ट रिव्यूज और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्रदर्शित करता है, जिससे विभिन्न विकल्पों की आपस में तुलना करना बहुत सहज हो जाता है।
एक बार अपनी पसंद का होटल तय हो जाने के बाद यूजर एआई मोड से ही बुकिंग प्रक्रिया में आगे की सहायता मांगने के लिए कह सकता है। फिलहाल होटल बुकिंग से जुड़ी यह खास सुविधा अमेरिका में अंग्रेजी भाषा के माध्यम से ही उपलब्ध कराई गई है। इन तमाम नए ट्रैवल फीचर्स के जुड़ जाने के बाद गूगल सर्च अब केवल किसी सामान्य जानकारी को खोजने का माध्यम भर नहीं रह गया है, बल्कि यह एक ऐसा व्यापक प्लेटफॉर्म बन गया है जहां फ्लाइट के किराए पर नजर रखने से लेकर सही होटल चुनने और पूरे सफर की रूपरेखा तैयार करने तक के अधिकांश काम एक ही जगह पर आसानी से पूरे किए जा सकते हैं।


















