उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027: अखिलेश यादव ने क्यों बदली पीडीए की परिभाषा?शिलांग के आरआर कॉलोनी पहुंचे मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा, प्रतिमाओं की मरम्मत के लिए दिए पांच लाख रुपयेत्रिपुरा के एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों पर 3 सितंबर से शुरू होगी ऑनलाइन कैब सेवाडूंगरपुर के सागवाड़ा में एक ही रात में सात सूने घरों के ताले टूटे, लाखों की चोरी से दहशतसतना में भारी बारिश से तबाही, चित्रकूट में उफान पर मंदाकिनी नदी और रामघाट का पुल बहाकांग्रेस वॉर रूम के बाहर रोके गए बाबूलाल नागर, टिकट मंथन के बीच पूर्व मंत्री को नहीं मिली एंट्रीगूगल के एआई मोड से अब आसान होगी ट्रैवल प्लानिंग, फ्लाइट प्राइस ट्रैकिंग से लेकर होटल बुकिंग तक सब एक जगहजन्माष्टमी 2026: लड्डू गोपाल की पुरानी पोशाकों से बनाएं सुंदर आसन और तकिया, बिना सिलाई के ऐसे सजाएं दरबारकीवी क्षेत्र में ड्रोन हमले से 27 लोगों की मौत, सैकड़ों सुरक्षित निकाले गएहनुमान अंश रिव्यू (2025): बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ने मचाया तहलका, पहले दिन 8 लाख से शुरू होकर 18 करोड़ पार
सतना में भारी बारिश से तबाही, चित्रकूट में उफान पर मंदाकिनी नदी और रामघाट का पुल बहामध्य प्रदेश
29 अग॰ 2026, 3:12 pm (51 मिनट पहले)· 3

सतना में भारी बारिश से तबाही, चित्रकूट में उफान पर मंदाकिनी नदी और रामघाट का पुल बहा

सतना जिले में लगातार मूसलाधार बारिश के चलते हालात गंभीर हो गए हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के उफान पर आने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, रामघाट का बड़ा पुल बह गया है और मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश का सड़क संपर्क टूट गया है।

मध्य प्रदेश के सतना जिले में शुक्रवार की रात से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। सतना से लेकर पहाड़ी और सीमावर्ती इलाकों तक पानी का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे हर तरफ जलभराव और तबाही का मंजर देखने को मिल रहा है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक नदी और नाले उफान पर हैं, जबकि निचले इलाकों में पानी का दबाव लगातार खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।

चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का रौद्र रूप

धर्मनगरी चित्रकूट में स्थिति सबसे अधिक गंभीर बनी हुई है, जहां मंदाकिनी नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। नदी के जलस्तर में शनिवार की सुबह अचानक भारी वृद्धि दर्ज की गई, जिसके चलते रामघाट समेत आसपास का पूरा इलाका पानी में डूब गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार रामघाट पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब दस मीटर ऊपर पहुंच गया है। घाट के आसपास की लगभग डेढ़ सौ दुकानें पूरी तरह जलमग्न हो चुकी हैं, जबकि स्थानीय लोगों के घरों के भीतर भी पानी घुस गया है।

ये भी पढ़ें

मंदाकिनी के इस भयंकर उफान ने केवल दुकानों और घरों को ही नहीं, बल्कि तुलसी चबूतरा और मुख्य आरती स्थल को भी पूरी तरह अपने आगोश में ले लिया है। पानी के बढ़ते दबाव के कारण ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल भी जलमग्न हो चुके हैं। कर्वी क्षेत्र में पुलघाट के पास स्थित मंदिर परिसर भी पानी में डूब गए हैं। नदी के इस विकराल रूप को देखकर स्थानीय निवासियों में भारी दहशत का माहौल है और लोग अपना घरेलू सामान छोड़कर सुरक्षित ठिकानों की तलाश में पलायन करने को विवश हैं।

सड़कों पर दौड़ रही हैं नावें और ठप हुआ आवागमन

बाढ़ का मंजर इतना भयावह हो चुका है कि जिन प्रमुख मार्गों पर रोजाना भारी संख्या में वाहनों की आवाजाही हुआ करती थी, वहां अब नावों का संचालन किया जा रहा है। रामघाट की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर पानी का तेज बहाव बना हुआ है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने कई जगहों पर बैरिकेडिंग कर लोगों के आने-जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। बेड़ी पुलिया से रामघाट जाने वाले मार्ग और उससे जुड़ी बस्तियां पूरी तरह पानी की चपेट में आ चुकी हैं।

निर्मोही अखाड़े से लेकर पुरानी लंका तक जाने वाला मुख्य मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो चुका है, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। कई रिहायशी मकानों के अंदर पानी भर जाने के कारण लोगों के सामने अब गृहस्थी बचाने की बजाय अपने और अपने परिवार की जान बचाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। हालात की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोग प्रशासन की मदद से सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं।

मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश का टूटा संपर्क

इस भीषण बाढ़ का असर केवल चित्रकूट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके कारण मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच का सीधा संपर्क भी बाधित हो गया है। राजोला बाईपास के पास हनुमान धारा जाने वाले मार्ग पर बना हुआ पुल बाढ़ के पानी में पूरी तरह डूब चुका है, जिसके चलते चित्रकूट और सतना के बीच का मुख्य सड़क मार्ग बंद हो गया है। इस पुल के डूबने से सतना और आसपास के अन्य क्षेत्रों के साथ चित्रकूट का सड़क संपर्क कट गया है।

रामघाट के बड़े पुल के बह जाने के बाद स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमावर्ती प्रशासनिक टीमें लगातार इस पूरी स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं। बाढ़ की चपेट में आए नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाए जा रहे हैं। पानी के बीच फंसे लोगों तक मदद पहुंचाने के लिए प्रशासन द्वारा नावों का उपयोग किया जा रहा है।

पाठा क्षेत्र में बरदहा नदी का कहर और बांध की स्थिति

चित्रकूट के पाठा क्षेत्र में भी मौसम की मार से हालात सामान्य नहीं हैं। यहां बरदहा नदी पूरी तरह उफान पर है और आसपास के इलाकों में तबाही मचा रही है। डोडामाफी के पास बने बांध का पानी खतरे के निशान को पार करते हुए फाटकों के ऊपर से बहने लगा है, जिससे आसपास के गांवों में हड़कंप मच गया है। बांध के ओवरफ्लो होने की स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों में भारी डर है और उन्हें तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है। कई ग्रामीण मार्गों पर भारी जलभराव के कारण यातायात को एहतियातन रोकना पड़ा है।

प्रशासन का अलर्ट और मौसम विभाग की चेतावनी

लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ चुका है। प्रभावित और निचले इलाकों में मुनादी कराकर लोगों को लगातार चेतावनी दी जा रही है कि वे सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर चले जाएं। पुलिस, प्रशासन और राहत दल की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में डटी हुई हैं। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी स्थिति में नदी, घाटों और जलभराव वाले खतरनाक क्षेत्रों के नजदीक न जाएं।

मौसम विभाग ने पहले ही मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है, जिसके तहत राज्य के विभिन्न हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर लगातार जारी है। सतना और चित्रकूट में बने इन बाढ़ जैसे हालातों के बीच प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।

सवाल-जवाब

सतना और चित्रकूट में बाढ़ के क्या हालात हैं?
लगातार मूसलाधार बारिश के कारण सतना और चित्रकूट में नदियां उफान पर हैं, निचले इलाकों में पानी भर गया है और कई रास्ते बंद हो गए हैं।
मंदाकिनी नदी का जलस्तर कितना बढ़ गया है?
रामघाट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब दस मीटर ऊपर पहुंच गया है, जिससे घाट की करीब डेढ़ सौ दुकानें डूब गई हैं।
क्या मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश का संपर्क टूट गया है?
हां, राजोला बाईपास के पास हनुमान धारा मार्ग पर पुल डूबने और रामघाट का पुल प्रभावित होने से सतना और उत्तर प्रदेश के बीच सड़क संपर्क टूट गया है।
प्रशासन द्वारा क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है, निचले इलाकों में मुनादी कराई जा रही है तथा पुलिस और बचाव दल नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित निकाल रहे हैं।
पाठा क्षेत्र में स्थिति कैसी है?
पाठा क्षेत्र में बरदहा नदी उफान पर है और डोडामाफी के पास बांध का पानी फाटकों के ऊपर से बहने लगा है, जिससे आसपास के लोगों में दहशत है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·25 मिनट पहले

चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के उफान और रामघाट के पुल के बहने से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश का सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है। यह सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि आपातकालीन प्रतिक्रिया और जिला प्रशासन के आपदा प्रबंधन तंत्र के लिए एक बड़ी परीक्षा है। यदि बाढ़ का पानी और बढ़ा, तो राहत सामग्री पहुँचाना और फँसे हुए नागरिकों को निकालना स्थानीय सुरक्षा बलों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन जाएगा, जिस पर अब प्रशासन को तुरंत ध्यान देना होगा।

Rohan Verma@rohan-verma·25 मिनट पहले

मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से दस मीटर ऊपर जाना और रामघाट के मुख्य मार्गों का जलमग्न होना इस बात का प्रमाण है कि अंतर-राज्यीय समन्वय और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को तुरंत और अधिक सक्रिय करना होगा। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच सड़क संपर्क टूटने से न केवल आवागमन ठप हुआ है, बल्कि राहत और बचाव कार्यों के लिए प्रशासनिक अमले को दोनों राज्यों की सीमा पर संयुक्त रूप से तुरंत फील्ड ऑपरेशन तेज करने की आवश्यकता है, ताकि प्रभावित बस्तियों तक समय पर सहायता पहुँच सके।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR