साइकिल, बाइक, नल, ट्यूबवेल या फिर किसी अन्य घरेलू मशीनरी के धातु वाले हिस्सों में जब लंबे समय तक पानी और नमी बनी रहती है, तो उन पर जंग जमना एक आम बात है. जब नट और बोल्ट पर जंग की मोटी परत जम जाती है, तो वे अपनी जगह पर इतने सख्त हो जाते हैं कि सामान्य स्पैनर या स्क्रूड्राइवर से भी नहीं हिलते. ऐसी स्थिति में कई लोग जल्दबाजी करते हुए नट-बोल्ट को काटने के लिए कटर मशीन का सहारा लेने लगते हैं. हालांकि, किसी भी उपकरण को काटने से पहले घर में ही मौजूद कुछ बेहद आसान और प्रभावी चीजों की मदद से जाम हुए नट और बोल्ट को ढीला करने का प्रयास किया जा सकता है.
जंग लगने का मुख्य कारण और शुरुआती परेशानियां
जब भी कोई लोहे या धातु का पुर्जा नमी, बारिश या पानी के सीधे संपर्क में आता है, तो उसमें रासायनिक प्रतिक्रिया के कारण ऑक्सीकरण होने लगता है, जिससे जंग बनती है. यह जंग नट और बोल्ट की चूड़ियों के बीच जाकर जमा हो जाती है, जिससे दोनों के बीच घर्षण अत्यधिक बढ़ जाता है. इंजन मिस्त्री योगेश कुमार के अनुसार, घरेलू स्तर पर इस्तेमाल होने वाली चीजों से इस जंग को काफी हद तक ढीला किया जा सकता है. इनमें रसोई में मिलने वाला बेकिंग सोडा, साधारण तेल और केरोसीन यानी मिट्टी का तेल प्रमुख हैं. लेकिन ध्यान रखने वाली बात यह भी है कि हर नट-बोल्ट की स्थिति एक जैसी नहीं होती, इसलिए यदि धातु बहुत ज्यादा सड़ या गल चुकी हो, तो खुद जोखिम उठाने के बजाय पेशेवर मैकेनिक की मदद लेना ज्यादा समझदारी भरा कदम होता है.
बेकिंग सोडा के घोल का सही उपयोग
अगर किसी नट-बोल्ट पर जंग लग गई है और वह घूमने से मना कर रहा है, तो बेकिंग सोडा का घोल एक बेहतरीन शुरुआती विकल्प हो सकता है. इस घोल को तैयार करने के लिए एक कप साफ पानी लें और उसमें लगभग दो छोटे चम्मच बेकिंग सोडा मिला लें. इस मिश्रण को अच्छी तरह घोलने के बाद जंग लगे हुए हिस्से पर धीरे-धीरे डालें या फिर स्प्रे बोतल की मदद से छिड़कें. घोल डालने के बाद उसे कुछ समय के लिए वहीं लगा रहने दें ताकि तरल पदार्थ जंग की परतों के भीतर तक पहुंच सके.
जब कुछ समय बीत जाए, तब सही माप वाले स्पैनर या स्क्रूड्राइवर की मदद से नट-बोल्ट को बहुत धीरे-धीरे घुमाने की कोशिश करें. इस प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि औजार का आकार नट-बोल्ट के बिल्कुल अनुकूल होना चाहिए. यदि गलत आकार का औजार इस्तेमाल किया जाता है, तो नट के कोने या किनारे घिसकर गोल हो सकते हैं, जिससे उसे खोलना और भी ज्यादा जटिल हो जाएगा.
तेल से जंग की पकड़ कमजोर करने का तरीका
बेकिंग सोडा के अलावा जंग लगे नट और बोल्ट को ढीला करने में साधारण लुब्रिकेटिंग तेल या रिफाइंड तेल भी काफी काम आता है. मिस्त्री योगेश कुमार का कहना है कि जंग वाले हिस्से पर थोड़ा सा तेल टपकाकर कुछ देर का इंतजार करना चाहिए. तेल धीरे-धीरे नट और बोल्ट के बीच की सूक्ष्म दरारों और चूड़ियों के अंदर तक प्रवेश कर जाता है, जिससे उनके बीच का घर्षण कम होने लगता है.
जब तेल अंदर तक पहुंच जाए, तो सही औजार लगाकर हल्के हाथों से उसे घुमाने का प्रयास करें. यदि पहली बार में सफलता न मिले, तो थोड़ा और तेल डालकर इस प्रक्रिया को दोबारा दोहराया जा सकता है. हालांकि, यहां इस बात का विशेष ध्यान रखें कि नट-बोल्ट को खोलने के लिए कभी भी अत्यधिक बल या जबरदस्ती न करें. ज्यादा ताकत लगाने से नट का सिर टूट सकता है या उसकी पकड़ वाली चूड़ियां पूरी तरह नष्ट हो सकती हैं.
केरोसीन यानी मिट्टी के तेल का सावधानीपूर्वक इस्तेमाल
जंग की जिद्दी परत को छुड़ाने के लिए केरोसीन यानी मिट्टी के तेल का प्रयोग भी काफी पुराना और आजमाया हुआ तरीका है. जंग लगे धातु के पुर्जे पर थोड़ी मात्रा में मिट्टी का तेल डालकर कुछ समय के लिए छोड़ दें. मिट्टी के तेल में जंग को काटने और धातु के सूक्ष्म छिद्रों में समाने की जबरदस्त क्षमता होती है. इसके बाद उचित आकार के स्पैनर से बोल्ट को धीरे-धीरे खोलने का प्रयास करें.
हालांकि, केरोसीन का इस्तेमाल करते समय अत्यधिक सावधानी बरतना बेहद जरूरी है. चूंकि केरोसीन एक अत्यंत ज्वलनशील पदार्थ है, इसलिए इसका उपयोग किसी भी प्रकार की आग, गैस चूल्हे, चिंगारी या अत्यधिक गर्म सतहों के पास बिल्कुल न करें. इस काम को हमेशा किसी खुले या अच्छी तरह हवादार स्थान पर ही अंजाम देना चाहिए. साथ ही, इसे अपनी त्वचा और आंखों के संपर्क से पूरी तरह दूर रखें ताकि किसी भी प्रकार की जलन या दुर्घटना से बचा जा सके.
हथौड़ी से हल्की चोट देने की तकनीक
यदि तेल या केरोसीन लगाने के बाद भी नट-बोल्ट अपनी जगह से बिल्कुल नहीं हिल रहा है, तो एक और तरीका अपनाया जा सकता है. नट के बाहरी हिस्से पर हथौड़ी की मदद से बहुत ही हल्की-हल्की चोट मारें. ऐसा करने से जंग की जमी हुई ठोस परत में बारीक दरारें पड़ जाती हैं और नट-बोल्ट पर उसकी पकड़ ढीला पड़ने लगती है. इसके तुरंत बाद फिर से सही स्पैनर लगाकर बोल्ट को घुमाने का प्रयास करें.
लेकिन याद रखें कि हथौड़ी का इस्तेमाल बेहद संभलकर करना चाहिए. अगर हथौड़ी से बहुत तेज चोट मारी गई, तो नट, बोल्ट या उसके आसपास जुड़े हुए उपकरण के अन्य संवेदनशील पुर्जे टूट सकते हैं या मुड़ सकते हैं. सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह काम करते समय आंखों पर सेफ्टी ग्लास यानी सुरक्षा चश्मा और हाथों में मजबूत दस्ताने पहनना बहुत जरूरी है ताकि टूटकर गिरने वाले धातु के कणों या छीटों से बचाव हो सके.
सुरक्षा सावधानियां और मैकेनिक की सलाह कब लें
अगर नट-बोल्ट बहुत ज्यादा पुराना हो चुका है, पूरी तरह जाम है या उसकी धातु अत्यधिक गल चुकी है, तो उस पर जरूरत से ज्यादा दबाव डालना खतरनाक हो सकता है. खासतौर पर यदि वह नट-बोल्ट किसी कार, बाइक या भारी वाहन के मुख्य और संवेदनशील हिस्से से जुड़ा है, तो खुद ही कटर चलाने या गर्मी देने जैसे जोखिम भरे कदम नहीं उठाने चाहिए.
ऐसी जटिल स्थितियों में खुद काम करने के बजाय किसी पेशेवर मैकेनिक की सेवा लेना ही सबसे सुरक्षित रास्ता है. जंग लगे नट-बोल्ट के साथ काम करते समय सबसे महत्वपूर्ण सीख यही है कि हड़बड़ी में कोई काम न करें, अत्यधिक ताकत का प्रयोग करने से बचें, हमेशा सही साइज के उपकरणों का ही चुनाव करें और काम के दौरान अपनी आंखों व हाथों की सुरक्षा के लिए चश्मे और दस्ताने का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करें.



















