नोटबुकएलएम गूगल का वह रिसर्च-केंद्रित टूल है जो जेमिनी के मुकाबले कम चर्चा में रहता है, लेकिन अब इसे एक बड़ा अपडेट मिला है जो इसे पहले से कहीं ज्यादा काम का बना देता है। अगर आपको किसी विषय पर गहरी रिसर्च, पढ़ाई, रिपोर्टिंग या विश्लेषण करना है, तो फिलहाल यह उपलब्ध सबसे बेहतरीन टूल्स में से एक है।
इस ताजा अपडेट में सबसे बड़ी बात यह है कि नोटबुकएलएम अब कोड भी लिख सकता है। यह काम गूगल के एंटीग्रैविटी डेवलपमेंट प्लेटफॉर्म के जरिए होता है। इसके अलावा यह कई तरह के फाइल फॉर्मेट में आउटपुट दे सकता है, जिनमें PDF, PNG या SVG चार्ट, एक्सेल स्प्रेडशीट और पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन शामिल हैं। और तो और, फाइल बन जाने के बाद आप फॉलो-अप प्रॉम्प्ट देकर उनमें बदलाव भी करवा सकते हैं।
बिना सोर्स के भी कर सकते हैं शुरुआत
अब तक नोटबुकएलएम इस्तेमाल करने का तरीका यह था कि पहले आप इसमें सोर्स लोड करते थे, जैसे PDF, वेब लिंक या यूट्यूब वीडियो, और फिर जमा की गई जानकारी पर सवाल पूछते थे। अब आपको शुरू करने के लिए कोई सोर्स तैयार रखने की जरूरत नहीं है। आप सीधे इस AI बॉट से बातचीत शुरू कर सकते हैं और बातचीत के दौरान ही यह आपके लिए वेब से उपयुक्त सोर्स ढूंढ लेगा। अगर आप किसी विषय पर बिल्कुल शून्य से शुरू कर रहे हैं, तो यह तरीका कहीं ज्यादा स्वाभाविक लगता है।
उदाहरण के तौर पर क्रिस्टोफर नोलन की फिल्मों के बारे में पूछने पर इस टूल ने न सिर्फ ढेरों प्रासंगिक जानकारी इंटरनेट से जुटाई, बल्कि उसे एक काम के ओवरव्यू में पिरो भी दिया। इस ओवरव्यू के आखिर में एक इंपोर्ट बटन मिलता है, जिससे जिन सोर्स का यह हवाला दे रहा था, उन्हें तुरंत जोड़ा जा सकता है। खास बात यह कि पहला जवाब भी अपने आप एक सोर्स के रूप में जुड़ जाता है।
वेब से सोर्स जोड़ना अब आसान
पहले भी नोटबुकएलएम आपके लिए वेब पर सोर्स खोज सकता था, लेकिन यह प्रक्रिया इंटरफेस के कई अलग-अलग पैनल में बंटी रहती थी और सब कुछ इंपोर्ट करने के लिए कई बार क्लिक करना पड़ता था। अब यह सुविधा मुख्य चैट बॉक्स में ही बड़े साफ-सुथरे ढंग से जुड़ गई है, जिससे रिसर्च और विश्लेषण का काम तेजी से होता है।
हाथ से सोर्स जोड़ने का पुराना तरीका भी बना हुआ है, जो बाईं तरफ के पैनल में मौजूद है, और हमेशा की तरह नोटबुकएलएम अपने जवाबों में इन्हीं सोर्स का हवाला देता है। अगर आपको कभी जानना हो कि किसी जानकारी या विचार को इसने कहां से उठाया है, तो आप साइटेशन बटन पर क्लिक करके देख सकते हैं। नोलन वाले उदाहरण में ज्यादातर भारी-भरकम काम विकिपीडिया से हुआ।
AI अब दिखाता है अपनी सोच
यह AI काम करते समय अपनी सोच का तरीका भी दिखाता है, यानी आपको लगातार पता चलता रहता है कि यह क्या कर रहा है या किस बारे में सोच रहा है, न कि बस घूमते डॉट्स वाले आइकन नजर आते हैं। दरअसल अब यह काफी हद तक आम जेमिनी ऐप जैसा हो गया है, फिर भी रिसर्च और पढ़ाई पर अपना फोकस बनाए रखता है।
हालांकि एक अजीब बात भी सामने आई। नोलन की फिल्मों के "प्रमुख" कलाकारों की जानकारी मांगने पर इसने उनकी 12 फिल्मों में से ढेर सारे पुरुष कलाकार तो गिना दिए, लेकिन सिर्फ दो महिलाएं बताईं, मेरियन कोटिलार्ड और ऐनी हैथवे। इस सूची में कैरी-ऐन मॉस, हिलेरी स्वैंक, केटी होम्स, स्कारलेट जोहानसन, रेबेका हॉल, एलिजाबेथ डेबिकी और ऑस्कर के लिए नामांकित रहीं एमिली ब्लंट छूट गईं। ऐसा शायद इसलिए हुआ क्योंकि टूल विकिपीडिया पर नोलन के नियमित सहयोगियों की एक सूची पर अटक गया, लेकिन इससे भी पूरी बात साफ नहीं होती। रिसर्च के लिए AI पर भरोसा करने वालों के लिए यह याद रखने लायक है कि भले ही सीधी गलतियां कम हों, फिर भी ये टूल जो सारांश और जानकारी जोड़ते हैं, उसकी जांच जरूरी है।
फाइलें बनाने में सबसे आगे
नोलन की फिल्मों वाले इसी प्रोजेक्ट में महिला कलाकारों को ठीक से जोड़ने के लिए कुछ और प्रॉम्प्ट देने के बाद एक और फीचर सामने आता है, एडिट की जा सकने वाली फाइलें बनाने की क्षमता। आप माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस की फाइलें, PDF और PNG या SVG फॉर्मेट में चार्ट मांग सकते हैं, और एक डाउनलोड फाइल पा सकते हैं जिसे खोलकर इस्तेमाल किया जा सके।
नोलन की सभी फिल्मों को कवर करने वाली पावरपॉइंट स्लाइड बनाने को कहने पर नोटबुकएलएम ने बखूबी काम किया। नतीजे में एक अच्छी तरह सजी, बिना किसी टाइपो वाली प्रस्तुति मिली, जिसमें हर फिल्म की कहानी का मूल विचार, उसके थीम और प्रमुख कलाकार शामिल थे। एक काम जो यह अब भी नहीं कर सकता, वह है तस्वीरें बनाना या उन्हें वेब से उठाना, यानी यह काम आपको खुद करना होगा।
नोटबुकएलएम में अब आप बनी हुई फाइलों में बदलाव भी करवा सकते हैं, ठीक नैनो बनाना जैसे अंदाज में। पावरपॉइंट में फॉन्ट और बैकग्राउंड के रंग बदलने को कहने पर इसने निर्देशों का हूबहू पालन किया। इस तरह 10 से 15 मिनट की मेहनत में एक ऐसी शेयर करने लायक प्रस्तुति तैयार हो गई, जिसे हाथ से बनाने में कम से कम कुछ घंटे लग जाते।
PDF और लैंडस्केप फॉर्मेट भी संभाले
इसके बाद नोलन की फिल्मों पर एक PDF प्राइमर बनाने पर इसका डिजाइन भले ही कोई पुरस्कार न जीते, लेकिन यह साफ और एक जैसे अंदाज में ठीक-ठाक तरीके से सजा हुआ था। जानकारी सटीक रूप से विकिपीडिया और ब्रिटिश फिल्म इंस्टीट्यूट से ली गई थी। यह भी असल में समय बचाने वाला साबित हुआ, क्योंकि अब बहुत से कामों के लिए नोटबुकएलएम के जवाबों को कॉपी, पेस्ट और दोबारा फॉर्मेट करने के दिन बीत चुके लगते हैं।
PDF को पोर्ट्रेट से लैंडस्केप फॉर्मेट में बदलने का काम भी इसने बखूबी संभाला। हां, किसी लाइन को हटाना या नया टेक्स्ट बॉक्स जोड़ने जैसे छोटे बदलाव बिना विजुअल इंटरफेस के थोड़े मुश्किल जरूर हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर आप इन्हें हमेशा की तरह हाथ से भी कर सकते हैं। या फिर अगर आप कोई ऑफिस फाइल एडिट कर रहे हैं और पूरी तरह AI का सहारा लेना चाहते हैं, तो कोपायलट इसमें मदद के लिए मौजूद है।
एंटीग्रैविटी वाले नए कोडिंग फीचर्स यहां अलग ही विषय हैं, इसलिए उन्हें छोड़ दें तो बाकी नए फीचर्स के मामले में नोटबुकएलएम अब साफ तौर पर पहले से बेहतर और ज्यादा उपयोगी है, भले ही AI के जवाबों को दोबारा जांचने वाली पुरानी चेतावनी अब भी लागू रहती हो।













