भारतीय सिनेमा के इतिहास में 1990 का दशक कई ऐसे गीतों का गवाह बना जिन्होंने न सिर्फ संगीत प्रेमियों के दिलों पर राज किया, बल्कि तत्कालीन युवाओं की बोलचाल की भाषा को भी पूरी तरह बदल दिया। वर्ष 1991 में रिलीज हुई बॉलीवुड फिल्म 'सौदागर' का ऑल-टाइम हिट गाना 'इलू इलू' इसका एक बेहतरीन उदाहरण है। संगीतकार जोड़ी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के इस यादगार कंपोजिशन ने 'इलू' शब्द को 'आई लव यू' के नए और लोकप्रिय स्लैंग के रूप में स्थापित कर दिया था, जो देखते ही देखते देश के युवाओं के बीच एक बड़ा पॉप-कल्चर ट्रेंड बन गया।
चार दिग्गज गायकों और आनंद बख्शी के बोल का जादू
इस कल्ट सॉन्ग को खास बनाने में संगीत और गायकी का अद्भुत संगम रहा। गाने के खूबसूरत बोल मशहूर गीतकार आनंद बख्शी ने लिखे थे, जो सीधे युवाओं की भावनाओं से जुड़ते थे। इस ट्रैक को चार जाने-माने प्लेबैक सिंगर्स ने अपनी आवाज दी थी, जिनमें मनहर उधास, कविता कृष्णमूर्ति, उदित नारायण और सुखविंदर सिंह शामिल थे। इन चारों दिग्गजों की जुगलबंदी ने गाने में एक अलग ही ताजगी और ऊर्जा भर दी थी।
मनीषा कोइराला और विवेक मुशरान का करियर और 9 मिनट का ऑडियो
ऑन-स्क्रीन प्रस्तुति की बात करें तो इस गाने ने नवोदित कलाकारों मनीषा कोइराला और विवेक मुशरान को जबरदस्त पहचान दिलाई। स्क्रीन पर दोनों की मासूमियत और गाने के बोलों ने दर्शकों को काफी आकर्षित किया। इस गाने की एक और बड़ी खासियत इसका लंबा ऑडियो ट्रैक था। फिल्म का ओरिजिनल ऑडियो वर्जन 9 मिनट से भी अधिक समय का है, जो उस दौर के सामान्य गानों की तुलना में काफी लंबा था। इसके बावजूद यह गाना रेडियो और ऑडियो कैसेट पर सालों तक सबसे ज्यादा सुने जाने वाले गानों में शामिल रहा।



















