गर्मी और बारिश के महीनों में खेतों, बाग-बगीचों, गोदामों और रिहाइशी इलाकों के आसपास सांपों नजर आने की घटनाएं अचानक बढ़ जाती हैं। ऐसे मौसम में किसान और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग बिना किसी नुकसान के सांपों को अपने परिसरों से दूर रखने के सुरक्षित रास्ते ढूंढते रहते हैं। इसी सिलसिले में सौर ऊर्जा से चलने वाले स्नेक रिपेलेंट उपकरण काफी लोकप्रिय हो रहे हैं। जमीन में गाड़े जाने वाले ये छोटे डिवाइस बिना बिजली के खर्च के काम करते हैं और आसपास की मिट्टी में हल्की हलचल पैदा करके सांपों को दूर रखने का प्रयास करते हैं।
सोलर स्नेक रिपेलेंट की बनावट और ऑटोमैटिक चार्जिंग
यह एक छोटा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जिसे विशेष रूप से खुले खेतों और बगीचों में इस्तेमाल करने के लिए बनाया गया है। इसके सबसे ऊपरी हिस्से पर एक टिकाऊ सोलर पैनल लगा होता है, जबकि नीचे का हिस्सा नुकीला होता है जिसे आसानी से मिट्टी के अंदर धंसा दिया जाता है। दिन के समय जब सूरज की रोशनी इस पर पड़ती है, तो अंदर मौजूद रीचार्ज होने वाली बैटरी अपने आप चार्ज होती रहती है।
इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसे चलाने के लिए बाहरी बिजली कनेक्शन की जरूरत नहीं पड़ती और न ही बार-बार बैटरी बदलनी पड़ती है। खेत या बड़े बगीचे जैसे दूर-दराज के इलाकों में, जहां बिजली के तार ले जाना कठिन होता है, वहां यह सोलर सिस्टम बेहद सुविधाजनक साबित होता है।
जमीन में कंपन और बीप साउंड से सुरक्षा का सिद्धांत
यह उपकरण इस जैविक तथ्य पर आधारित है कि सांपों के बाहरी कान नहीं होते, लेकिन वे जमीन में होने वाले सूक्ष्म कंपन और हलचल को बहुत संवेदनशीलता से महसूस कर सकते हैं। सोलर रिपेलेंट उपकरण इसी सिद्धांत का उपयोग करते हैं। फुल चार्ज होने के बाद यह डिवाइस जमीन के भीतर हल्की बीप की आवाज और लगातार कंपन पैदा करता है।
इन उपकरणों के बारे में दावा किया जाता है कि इनका कंपन जमीन के अंदर लगभग 25 से 30 फीट के दायरे में फैल जाता है। जब कोई सांप इस दायरे में आता है, तो वह जमीन में होने वाली इस निरंतर हलचल को महसूस करता है। इस अजीब कंपन से असहज होकर सांप उस जगह की ओर बढ़ने के बजाय अपना रास्ता बदल लेता है।
क्या हर प्रजाति के सांप पर असरदार है यह उपकरण?
हालांकि यह डिवाइस कंपन पैदा करके सांपों को डायवर्ट करने का काम करता है, लेकिन इसे शत-प्रतिशत सुरक्षा का पक्का दावा नहीं माना जा सकता। जमीन में कंपन पैदा होना एक बात है और हर प्रजाति के सांप का निश्चित रूप से वहां से भाग जाना दूसरी बात है। अलग-अलग प्रजातियों के सांपों का व्यवहार और संवेदनशीलता भिन्न हो सकती है।
इसी वजह से खेतों और फार्म हाउसों के मालिक इस सोलर उपकरण को एक अतिरिक्त सावधानी के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं। यह उपकरण प्राथमिक सुरक्षा का विकल्प न होकर बचाव की एक पूरक प्रणाली के रूप में काम करता है।
खुले इलाकों और खेतों के लिए क्यों है मुफीद?
खेती-किसानी वाले क्षेत्रों, बगीचों और खाली पड़े प्लॉट्स में सांपों का दिखना काफी आम है। इन जगहों पर झाड़ियां, नमी और चूहों व मेंढकों की मौजूदगी सांपों को आकर्षित करती है। ऐसे स्थानों पर यह सोलर डिवाइस आसानी से स्थापित किया जा सकता है। दिन भर धूप से चार्ज होने के कारण यह बिना रखरखाव के काम करता रहता है और बिजली की बचत करता है।
सांपों के खतरे से बचने के बुनियादी और असरदार उपाय
केवल किसी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पर निर्भर रहने के बजाय अपने आसपास के वातावरण को साफ रखना ज्यादा जरूरी है। सांपों से बचाव के लिए इन बुनियादी बातों का ध्यान रखें
- सफाई और झाड़ियों का प्रबंधन: घर और खेत के पास लंबी घास, लकड़ी के ढेर, ईंट-पत्थर और कचरा न जमा होने दें, क्योंकि ये सांपों के छिपने के मुख्य ठिकाने बनते हैं।
- दरारों और सुराखों को बंद करना: मकानों की बाहरी दीवारों, दरवाजों के निचले हिस्से और पाइपों के आसपास बने छोटे छेदों को पक्के तरीके से बंद कर दें।
- चूहों की संख्या पर नियंत्रण: चूहे और मेंढक सांपों का मुख्य भोजन हैं। अपने परिसर में चूहों को नियंत्रित रखें ताकि उनके पीछे सांप घरों या खेतों तक न पहुंचे।



















