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बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसमी तंत्र से मानसून तेज, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्टभारत
15 अग॰ 2026, 4:07 pm (57 मिनट पहले)· 3

बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसमी तंत्र से मानसून तेज, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

देशभर में मानसूनी गतिविधियों में तेजी आने से 16 अगस्त को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। समुद्र में 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के कारण मछुआरों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

देश के विशाल भूभाग में मानसूनी हवाएं एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो चुकी हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार 16 अगस्त को देश के उत्तरी, पूर्वी और मध्यवर्ती हिस्सों में व्यापक वर्षा का दौर देखने को मिलेगा। मौसम की इस हलचल से कई राज्यों में सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल और अरुणाचल प्रदेश के कई इलाकों में अत्यधिक तेज बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है। इसके अतिरिक्त मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव के कारण तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाएं भी दर्ज की जा सकती हैं।

मौसम प्रणालियों का चक्र और बंगाल की खाड़ी का प्रभाव

मौसम वैज्ञानिक चक्रवातीय हलचलों और हवा के कम दबाव वाले क्षेत्रों को इस व्यापक बारिश की मुख्य वजह मान रहे हैं। वर्तमान समय में दक्षिण-पूर्वी झारखंड और उसके पास के इलाकों के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। यद्यपि आने वाले कुछ घंटों में इसके धीरे-धीरे कमजोर पड़ने का अनुमान है, फिर भी इसका प्रभाव आसपास के राज्यों पर बना रहेगा। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है, जिसके प्रभाव से अगले 48 घंटों के दौरान उत्तर बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र आकार ले सकता है।

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दूसरी ओर मानसून ट्रफ लाइन देश के कई प्रमुख शहरों से होकर गुजर रही है। यह रेखा फिरोजपुर, रोहतक, उरई और सीधी से होते हुए दक्षिण-पूर्वी झारखंड में बने कम दबाव के केंद्र से गुजरकर सीधे बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इन सभी प्रणालियों के एक साथ सक्रिय होने से देश के विस्तृत हिस्सों में मानसूनी बादलों की आवाजाही और भारी बारिश की गतिविधियों को बल मिल रहा है।

समुद्री तटों पर अलर्ट और तेज हवाओं की चेतावनी

मौसम के इस रुख का असर तटीय इलाकों और खुले समुद्र में भी साफ दिखाई दे रहा है। 16 अगस्त को अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों ही क्षेत्रों में मौसम काफी उग्र रहने की संभावना व्यक्त की गई है। गुजरात, सोमालिया और ओमान के तटीय इलाकों के करीब 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने का अनुमान है, जो बीच-बीच में 65 किलोमीटर प्रति घंटे की तीव्र रफ्तार तक पहुंच सकती हैं।

इसी तरह बंगाल की खाड़ी के पास स्थित पश्चिम बंगाल, ओडिशा, उत्तरी आंध्र प्रदेश और बांग्लादेश के तटीय क्षेत्रों में भी समुद्र में उथल-पुथल बनी रहेगी। तेज रफ्तार हवाओं और लहरों के खतरे को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को 16 अगस्त के दिन समुद्र में न उतरने की सख्त हिदायत दी है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के मैदानी इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भारी तबाही की आशंका

उत्तर प्रदेश के लिए 16 अगस्त का दिन मौसम के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। राज्य के पूर्वी और पश्चिमी दोनों संभागों में अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार वर्षा का पूर्वानुमान लगाया गया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 16 और 17 अगस्त को अत्यंत भारी वर्षा हो सकती है, जबकि बारिश का यह सिलसिला 18 और 19 अगस्त तक जारी रहने के संकेत हैं। लगातार पानी बरसने के कारण शहरी इलाकों में सड़कों पर जलभराव और निचले स्थानों में पानी भरने की समस्याएं आ सकती हैं, जिससे यातायात व्यवस्था बाधित हो सकती है।

पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में भी स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है। 16 अगस्त को राज्य के कई हिस्सों में बादल गरजने और बिजली चमकने के साथ भारी से बहुत भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। पर्वतीय इलाकों में होने वाली इस तेज बारिश से भूस्खलन, पहाड़ियों से चट्टानें गिरने और स्थानीय नदी-नालों में अचानक बाढ़ आने का खतरा काफी बढ़ गया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार उत्तराखंड में 18 से 21 अगस्त के मध्य भी बारिश की यह उग्रता बनी रह सकती है। इसलिए पर्वतीय मार्गों पर यात्रा करने वाले यात्रियों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने का परामर्श दिया गया है।

बिहार और झारखंड में मौसम का रुख

झारखंड में 16 अगस्त को भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। कम दबाव का क्षेत्र मौजूद रहने के कारण राज्य में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग के मुताबिक झारखंड के कुछ इलाकों में 17 और 18 अगस्त को बहुत भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है, जिसके चलते निचले क्षेत्रों में पानी भरने की समस्या उत्पन्न हो सकती है।

बिहार में 16 अगस्त को मुख्य रूप से वज्रपात और गरज-चमक का जोखिम अधिक रहेगा। राज्य में 15 से 19 अगस्त के दौरान अलग-अलग जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका व्यक्त की गई है। हालांकि 16 अगस्त को बारिश का जोर थोड़ा कम रह सकता है, परंतु 17 अगस्त से राज्य में मानसूनी गतिविधियां तीव्र हो जाएंगी। 17 से 20 अगस्त के बीच बिहार के कई हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। खुले खेतों और ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को बिजली गिरने से बचने के लिए सतर्क रहने को कहा गया है।

दिल्ली-एनसीआर और अन्य राज्यों की स्थिति

राजधानी दिल्ली और उससे सटे एनसीआर के इलाकों में 16 अगस्त को दिनभर बादलों का डेरा रहेगा। सुबह से दोपहर के बीच एक-दो बार हल्की वर्षा होने का अनुमान है, जिसके बाद शाम या रात में भी बौछारें पड़ सकती हैं। दिल्ली में यद्यपि भारी बारिश का कोई औपचारिक अलर्ट नहीं है, लेकिन रुक-रुक कर होने वाली हल्की बारिश और लगातार छाए बादलों के कारण वातावरण में उमस बढ़ सकती है।

देश के अन्य भागों जैसे हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, गुजरात, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, असम-मेघालय और पूर्वोत्तर के कई अन्य राज्यों में भी 16 अगस्त को हल्की से भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर लगातार ध्यान देने का आग्रह किया है।

सवाल-जवाब

16 अगस्त को किन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है?
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
तटीय क्षेत्रों में हवा की गति कितनी रहने की संभावना है?
गुजरात, सोमालिया और ओमान के तटों के आसपास हवा की गति 45-55 किमी/घंटा रहेगी, जिसके झोंके 65 किमी/घंटा तक पहुंच सकते हैं।
उत्तर प्रदेश में बारिश का यह दौर कब तक जारी रह सकता है?
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 16-17 अगस्त को भारी बारिश के बाद 18 और 19 अगस्त को भी बारिश का जोर बने रहने की संभावना है।
उत्तराखंड में पहाड़ी यात्रा करने वालों को क्या चेतावनी दी गई है?
भारी बारिश के कारण भूस्खलन, चट्टानें गिरने और नालों में उफान के खतरे को देखते हुए यात्रियों को सतर्क रहने और मौसम अलर्ट की अनदेखी न करने की सलाह दी गई है।
बिहार में मूसलाधार बारिश का दौर कब से शुरू होगा?
बिहार में 15 से 19 अगस्त के बीच आकाशीय बिजली का खतरा है, जबकि भारी बारिश का मुख्य दौर 17 से 20 अगस्त के दौरान देखने को मिलेगा।
दिल्ली-एनसीआर में 16 अगस्त को कैसा मौसम रहेगा?
दिल्ली-एनसीआर में आसमान बादलों से घिरा रहेगा और सुबह से रात के बीच दो-तीन दौर में हल्की बारिश हो सकती है, हालांकि कोई भारी बारिश का अलर्ट नहीं है।
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टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·27 मिनट पहले

उत्तर प्रदेश में 16 अगस्त को भारी बारिश के अनुमान के बीच राज्य प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र की तैयारियों की ज़मीनी समीक्षा बेहद ज़रूरी हो गई है। खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में जलभराव, फसल नुकसान और बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका से निपटने के लिए जिलाधिकारियों को अभी से सतर्क रहना होगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·27 मिनट पहले

आपदा प्रबंधन की यह स्थिति केवल प्रशासनिक चुनौती नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के सुचारू संचालन की भी परीक्षा है। भारी जलभराव और आवागमन बाधित होने की स्थिति में पुलिस और राहत बलों को तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार रहना होगा ताकि किसी भी आपात स्थिति या दुर्घटना से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

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