शिक्षा नगरी कोटा में पारंपरिक कक्षाओं से आगे बढ़कर अब आधुनिक तकनीक और इनोवेशन के क्षेत्र में एक नई पहल की शुरुआत की गई है। शहर में पहली बार यूनिट्री कंपनी के जी-1 मॉडल ह्यूमनॉइड रोबोट को जनता और बच्चों के सामने पेश किया गया है। यह रोबोट केवल एक मशीन नहीं है, बल्कि यह बच्चों को डांस करने, फाइट जैसे शारीरिक मूवमेंट दिखाने और अपनी कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी देने में पूरी तरह सक्षम है। इस अनूठी पहल का मुख्य उद्देश्य कम उम्र के बच्चों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI और रोबोटिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों के प्रति जागरूक करना और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।
स्किल आधारित शिक्षा पर विशेष जोर
कोटा के एक निजी संस्थान द्वारा बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय स्किल आधारित शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इस शिक्षण केंद्र में रोबोटिक्स, 3D प्रिंटिंग, AI, ड्रोन टेक्नोलॉजी, इंटरनेट ऑफ थिंग्स यानी IoT, क्लाउड कंप्यूटिंग और कोडिंग जैसे आधुनिक विषयों की बच्चों को व्यावहारिक शिक्षा दी जाती है। यहां आने वाले छात्रों को थ्योरी रटाने के बजाय प्रैक्टिकल और हैंड्स-ऑन अनुभव के माध्यम से सिखाया जाता है, ताकि वे तकनीकी बारीकियों को गहराई से समझ सकें और खुद प्रोजेक्ट्स पर काम कर सकें।
छोटी उम्र से ही तकनीकी शिक्षा की शुरुआत
इस संस्थान की शुरुआत दिसंबर 2025 में की गई थी। संस्थान के फाउंडर प्रियम सक्सेना पहले विभिन्न स्कूलों को रोबोटिक्स के पार्ट्स और कंपोनेंट्स सप्लाई करने का काम करते थे। इसी अनुभव के दौरान उन्हें कोटा में बच्चों के लिए आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा शुरू करने का विचार आया। इस एकेडमी में पांच साल की उम्र से लेकर 12वीं कक्षा तक के छात्रों के लिए उनकी उम्र और बौद्धिक क्षमता के अनुसार विशेष पाठ्यक्रम तैयार किए गए हैं। पाठ्यक्रम की रूपरेखा इस तरह से बनाई गई है कि बच्चे बेहद आसान स्तर से शुरुआत करते हुए धीरे-धीरे जटिल तकनीकों को सीखते जाते हैं।
रोबोट ने दिखाई अपनी अद्भुत क्षमताएं
ओरिएंटेशन कार्यक्रम के दौरान इस ह्यूमनॉइड रोबोट ने बच्चों के सामने लाइव प्रदर्शन कर सभी को हैरान कर दिया। रोबोट ने शानदार डांस मूव्स और फाइट जैसे मूवमेंट करके दिखाए। संस्थान के डायरेक्टर ने जानकारी दी कि यह मशीन अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करने के साथ-साथ खुद अपने बारे में भी पूरी जानकारी दे सकती है। रोबोट ने बच्चों को समझाया कि उसके भीतर किस तरह की तकनीक का इस्तेमाल किया गया है और वह किस प्रकार काम करता है। इस जीवंत प्रदर्शन से बच्चों को रोबोटिक्स को बहुत करीब से देखने और समझने का बेहतरीन अवसर मिला।
स्क्रीन टाइम का सही उपयोग और भविष्य की तैयारी
कार्यक्रम के दौरान अंशत जायसवाल ने बच्चों को सलाह दी कि उन्हें मोबाइल और गैजेट्स पर मनोरंजन में बिताए जाने वाले स्क्रीन टाइम को कम करना चाहिए। इसकी बजाय उन्हें उस समय का उपयोग शैक्षणिक और तकनीकी गतिविधियों को सीखने में करना चाहिए। आने वाले समय में AI और रोबोटिक्स की भूमिका हमारे जीवन में बेहद महत्वपूर्ण होने वाली है। यही वजह है कि बच्चों को शुरुआती उम्र से ही इन आधुनिक तकनीकों से परिचित कराना बेहद जरूरी है। रोबोटिक्स, कोडिंग और AI ऐसे क्षेत्र हैं जो आपस में गहराई से जुड़े हुए हैं और इन्हें समय रहते सीखकर बच्चे भविष्य की तकनीकी दुनिया का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार हो सकते हैं।



















