गुजरात के सूरत में प्रीमियम हाई-स्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस को निशाना बनाने के मामले में तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए आरोपियों ने किसी विवाद, रंजिश या लूट के इरादे से नहीं बल्कि महज मौज-मस्ती और खुद का मनोरंजन करने के लिए चलती ट्रेन पर पत्थर बरसाए थे। इस गैरजिम्मेदाराना हरकत के कारण ट्रेन के शीशे टूट गए और कोच में बैठे यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई थी।
उत्राण और सूरत स्टेशन के बीच हुआ था पथराव
यह घटना 18 अक्टूबर की रात करीब साढ़े ग्यारह बजे सामने आई थी, जब ट्रेन उत्राण और सूरत रेलवे स्टेशनों के मध्य से गुजर रही थी। उदयपुर सिटी से चलकर सूरत की ओर आ रही वंदे भारत एक्सप्रेस जब इस ट्रैक से निकल रही थी, तभी उपद्रवियों ने उस पर पत्थरों की बौछार शुरू कर दी। यह पथराव मुख्य रूप से ट्रेन के कोच सी-6 और पेंट्री कार को निशाना बनाकर किया गया था। अचानक हुए इस हमले से कोच के भीतर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई थी।
खिड़कियों के तीन शीशे टूटे, यात्री रहे सुरक्षित
उपद्रवियों द्वारा फेंके गए पत्थरों के सीधे टकराने की वजह से ट्रेन की दो खिड़कियों के तीन शीशे बुरी तरह चकनाचूर हो गए। पत्थरों की गति इतनी तेज थी कि खिड़कियों के कांच पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। राहत की बात यह रही कि इस अप्रत्याशित पथराव में किसी भी रेलयात्री अथवा रेलवे के कर्मचारी को कोई शारीरिक चोट नहीं आई और सभी बाल-बाल बच गए। नुकसान केवल ट्रेन की सार्वजनिक संपत्ति तक ही सीमित रहा।
सीसीटीवी फुटेज से पकड़े गए तीनों आरोपी
हमले की सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस पूरी तरह सक्रिय हो गई और मामले की गहन तफ्तीश शुरू की गई। घटनास्थल और उसके आसपास के संवेदनशील इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए, जिससे पुलिस को आरोपियों की स्पष्ट पहचान करने में सफलता मिली। शुक्रवार की शाम पुलिस टीम ने घेराबंदी करते हुए तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
रेलवे पुलिस निरीक्षक दिनेश यादव के अनुसार, पकड़े गए व्यक्तियों की शिनाख्त गोलू कुमार चौधरी (उम्र 22 वर्ष), संदेश कुमार (उम्र 18 वर्ष) और मंतोष मुखिया (उम्र 18 वर्ष) के तौर पर हुई है। ये तीनों आरोपी मूल रूप से बिहार के निवासी हैं और पिछले दो वर्षों से रेलवे ट्रैक के समीप स्थित एक कारखाने में मजदूरी का काम कर रहे थे। पूछताछ के दौरान तीनों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उन्होंने केवल खेल-खेल में और मजे लेने के लिए ट्रेन पर पत्थर उछाले थे। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 153 के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है और कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा रहा है।



















