राजधानी दिल्ली में एक साइबर ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती कर एक महिला पुलिसकर्मी को भारी भरकम मुनाफे का लालच दिया गया। इस आपराधिक षड्यंत्र में पीड़िता को अपनी बचत गंवाने के साथ-साथ भारी कर्ज के दलदल में भी फंसना पड़ा। मामले की गंभीरता को देखते हुए कानून-व्यवस्था संभालने वाले महकमे ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक युवक को शिकंजे में लिया है, जिससे पूछताछ जारी है। इस पूरी घटना ने ऑनलाइन संपर्क के दौरान बरती जाने वाली सावधानी पर फिर से गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि शातिर अपराधियों द्वारा विश्वास जीतने के नए-नए तरीके अपनाए जा रहे हैं।
इंस्टाग्राम से हुई थी शुरुआत और व्हाट्सएप तक पहुंची बातचीत
इस धोखाधड़ी की पटकथा की शुरुआत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम से हुई थी। आरोपी ने संपर्क साधते समय एक बहाना बनाया और कहा कि उसे खेल कोटे के अंतर्गत दिल्ली पुलिस में चयन के संबंध में मार्गदर्शन चाहिए। मार्गदर्शन पाने के इस आवरण के पीछे उसकी मंशा कुछ और ही थी। धीरे-धीरे यह बातचीत आगे बढ़ी और दोनों के बीच संवाद का सिलसिला इंस्टाग्राम से स्थानांतरित होकर व्हाट्सएप पर आ गया। महिला का विश्वास पूरी तरह जीतने के लिए आरोपी ने खुद को क्रिकेट जगत का एक प्रतिष्ठित और जाना-पहचाना चेहरा बताया, जिससे पीड़िता को उसकी बातों पर आसानी से यकीन हो गया।
मोटे मुनाफे का प्रलोभन देकर निकलवाई जमा-पूंजी
आपसी संपर्क मजबूत होने के बाद आरोपी ने निवेश के जरिए भारी रिटर्न मिलने का सब्जबाग दिखाना शुरू कर दिया। इस सुनियोजित झांसे में आकर महिला कांस्टेबल अपनी सूझबूझ खो बैठी और धीरे-धीरे अपने पास मौजूद सारी पूंजी निवेश के नाम पर सौंपती चली गई। स्थिति यह हो गई कि अपनी बचत खत्म होने के बाद पीड़िता को एक निजी बैंक से बारह लाख रुपये का भारी-भरकम कर्ज लेना पड़ गया। बात यहीं नहीं रुकी, बल्कि जरूरत पूरी करने के लिए उसने अपने रिश्तेदारों और जानकारों से भी उधार लिया। इस प्रकार अपनी गाढ़ी कमाई, बैंक लोन और दोस्तों से ली गई रकम को मिलाकर उसने कुल चौबीस लाख रुपये गंवा दिए, और जब उसे अहसास हुआ तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
सट्टेबाजी मंच से जुड़े खातों में भेजी गई बड़ी रकम
इस पूरे मामले की जब पुलिसीय पड़ताल आगे बढ़ी, तो वित्तीय लेनदेन को लेकर कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में यह बात उजागर हुई कि आरोपी के निर्देशानुसार करीब आठ लाख रुपये ऐसे बैंक खातों में अंतरित किए गए थे, जिनका सीधा संबंध एक ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म से था। इस विशिष्ट लेनदेन के दस्तावेजों के सामने आने के बाद जांच का दायरा और अधिक विस्तृत हो गया है। अधिकारी इस बात की गहराई से तहकीकात कर रहे हैं कि ठगी गई इस विशाल राशि का अंतिम उपयोग कहां-कहां किया गया और इस काले कारोबार में किसी अन्य गिरोह या बाहरी व्यक्ति की संलिप्तता तो नहीं है।
व्यक्तिगत मुलाकात के दौरान बदसलूकी और मारपीट का आरोप
यह प्रकरण केवल आर्थिक धोखाधड़ी और धोखाधड़ी से उपजे वित्तीय नुकसान तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें शारीरिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप भी जुड़े हैं। पुलिस को दी गई औपचारिक शिकायत में यह बात भी रेखांकित की गई है कि आरोपी और पीड़िता की आपस में भौतिक रूप से भी मुलाकात हुई थी। आरोप है कि जब वे मिले, तो उस दौरान आरोपी ने महिला के साथ अनुचित हरकत की और उसके साथ मारपीट करने का भी प्रयास किया। इन तमाम गंभीर शिकायतों के आधार पर दिल्ली पुलिस के मध्य जिले की साइबर शाखा ने त्वरित कदम उठाते हुए छब्बीस वर्षीय विक्रांत कुमार उर्फ विक्की तोमर को धर दबोचा और आगे की वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।

















