डीपफेक और प्रोपेगैंडा कंटेंट पर लगाम कसने के लिए केंद्र सरकार ने मेटा पर बड़ी कार्रवाई की है। लगातार सामने आ रही अश्लील और भ्रामक विज्ञापनों तथा मॉर्फ्ड सामग्री की शिकायतों के बीच सरकार ने कंपनी को अपने एल्गोरिदम में तुरंत बदलाव करने के सख्त निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के साथ लगातार तीन दिनों तक चली उच्चस्तरीय बैठकों के बाद यह कदम उठाया गया है, जिसमें मेटा को सुरक्षा और नियमों के पालन के मोर्चे पर अपनी प्रणाली को पूरी तरह दुरुस्त करने को कहा गया है।
एल्गोरिदम में बदलाव और तकनीकी अपग्रेड
सरकार ने मेटा को स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वह अपने सिस्टम की कमियों को दूर करे और तकनीकी उपायों को और मजबूत बनाए। इसके तहत डीपफेक और मॉर्फ्ड कंटेंट की पहचान करने वाले टूल्स को अपग्रेड करना होगा। प्लेटफॉर्म पर दिखने वाले विज्ञापनों और सामग्री की सख्त मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी ताकि बच्चों के अश्लील वीडियो या अन्य आपत्तिजनक सामग्री को फैलने से पहले ही रोका जा सके।
त्वरित कार्रवाई और डेटा नियमों का पालन
नए निर्देशों के अनुसार, मेटा को हानिकारक, भ्रामक और गैरकानूनी सामग्री पर बेहद तेजी से कार्रवाई करनी होगी। इसके अलावा, डेटा लोकलाइजेशन नियमों का पूरी तरह से पालन करने के भी निर्देश दिए गए हैं। सरकारी स्तर से मिलने वाले कंटेंट हटाने के आदेशों पर भी अब बिना किसी देरी के तुरंत एक्शन लिया जाएगा, ताकि किसी भी आपत्तिजनक पोस्ट को तुरंत हटाया जा सके।
सरकार के साथ बेहतर तालमेल और आश्वासन
इस पूरी बैठक और वार्ताओं के दौरान सरकार और कंपनी के बीच समन्वय को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया। सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि इन बैठकों के दौरान मेटा के शीर्ष अधिकारियों ने व्यवस्था में रही कमियों को स्वीकार किया और भविष्य में ऐसी गलतियां दोबारा न दोहराने का भरोसा दिलाया है। सरकार ने कंपनी को चेतावनी दी है कि नियमों का पालन न होने पर आगे और भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।



















