घरों में इस्तेमाल होने वाला एलपीजी सिलेंडर दैनिक जीवन का एक अहम हिस्सा है, लेकिन सिलेंडर के अंदर अत्यधिक दबाव में भरी तरल पेट्रोलियम गैस सीधे चूल्हे की आग तक नहीं पहुंचती। सिलेंडर से निकलने के बाद गैस को सुरक्षित रूप से जलने योग्य बनाने के लिए एक पूरी वैज्ञानिक और यांत्रिक व्यवस्था काम करती है। इसके साथ ही, देश भर के रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए 31 अगस्त 2026 तक आधार e-KYC की प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य किया गया है ताकि कनेक्शन सुचारू रूप से चलता रहे।
सिलेंडर से चूल्हे की नीली लौ तक गैस का पूरा सफर
सिलेंडर के भीतर एलपीजी अत्यधिक दबाव में तरल रूप में संग्रहित रहती है। जब सिलेंडर का वॉल्व खोला जाता है, तो गैस रेगुलेटर में प्रवेश करती है। रेगुलेटर सिलेंडर के उच्च दबाव को घटाकर एक सुरक्षित और नियंत्रित स्तर पर लाता है। इसके बिना सिलेंडर का दबाव सीधे चूल्हे तक पहुंच जाएगा, जो अत्यंत खतरनाक हो सकता है।
नियंत्रित दबाव वाली गैस फिर एक मजबूत रबड़ पाइप के जरिए रसोई के चूल्हे तक पहुंचती है। चूल्हे के भीतर लगा बर्नर इस गैस को हवा में मौजूद ऑक्सीजन के साथ सही अनुपात में मिलाता है। बर्नर में मौजूद छोटे छिद्र गैस को समान रूप से फैलाते हैं, जिससे माचिस या लाइटर की चिंगारी मिलते ही यह नीली लौ के साथ कुशलतापूर्वक जलने लगती है। नीली लौ इस बात का संकेत है कि गैस का पूर्ण और सुरक्षित दहन हो रहा है।
31 अगस्त 2026 की समयसीमा और e-KYC की अनिवार्यता
इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस के सभी उपभोक्ताओं के लिए 31 अगस्त 2026 से पहले अपनी आधार e-KYC प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है। सरकार और तेल वितरण कंपनियों ने फर्जी गैस कनेक्शनों पर लगाम लगाने और वास्तविक उपभोक्ताओं तक सब्सिडी पहुंचाने के लिए यह कदम उठाया है।
यदि कोई उपभोक्ता तय तिथि तक e-KYC सत्यापन नहीं कराता है, तो उसका रसोई गैस कनेक्शन निलंबित हो सकता है या सिलेंडर की रीफिल बुकिंग रोकी जा सकती है। उपभोक्ता अपनी संबंधित गैस एजेंसी के कार्यालय जाकर अथवा मोबाइल ऐप के जरिए बायोमेट्रिक या चेहरे के सत्यापन से इस प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं।
पीएनजी कनेक्शन और नए एलपीजी नियमों पर स्थिति
पाइप प्राकृतिक गैस यानी पीएनजी की आपूर्ति वाले क्षेत्रों में भी एलपीजी सिलेंडरों के उपयोग को लेकर दिशानिर्देश लागू किए गए हैं। जिन क्षेत्रों में पीएनजी नेटवर्क पूरी तरह सक्रिय हो चुका है, वहां उपभोक्ताओं को व्यावसायिक या सुरक्षा कारणों से एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने या नियमों के तहत बदलाव करने की सलाह दी जा रही है।
नए एलपीजी कनेक्शन जारी करने पर लगाई गई अस्थायी रोक और संबंधित नीतिगत फैसलों का मुख्य उद्देश्य गैस वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाना है। तेल कंपनियां यह सुनिश्चित कर रही हैं कि केवल वैध और सत्यापित ग्राहकों को ही रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएं।



















