विद्यार्थियों और शिक्षण संस्थानों के लिए डिजिटल पढ़ाई तथा तकनीक का इस्तेमाल बेहद किफायती और सुगम बनाने की दिशा में रिलायंस जियो ने अपनी नई क्लाउड कंप्यूटिंग सेवा का ऐलान किया है। इस नई पेशकश के माध्यम से महंगे हार्डवेयर खरीदे बिना ही क्लाउड तकनीक के जरिए कंप्यूटर की संपूर्ण क्षमताओं का लाभ उठाया जा सकता है। यह तकनीक स्कूली बच्चों से लेकर उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे युवाओं को ऑनलाइन कक्षाओं, प्रोग्रामिंग, ग्राफिक डिजाइनिंग, रिसर्च और आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े कार्यों को अंजाम देने में सक्षम बनाती है।
कंप्यूटर और टीवी दोनों पर चलेगा सिस्टम
इस नई सेवा की मदद से उपयोगकर्ता अपने पहले से मौजूद सामान्य लैपटॉप या डेस्कटॉप को भी उच्च कंप्यूटिंग क्षमता वाले सिस्टम में बदल सकते हैं। इसके अलावा रिलायंस जियो सेट-टॉप बॉक्स के जरिए किसी भी साधारण मॉनिटर या टीवी स्क्रीन पर भी कंप्यूटर का पूरा अनुभव प्राप्त किया जा सकता है। खास बात यह है कि इसके लिए किसी विशेष ऐप की बाध्यता नहीं रहती, बल्कि सीधे वेब ब्राउजर के माध्यम से भी कंप्यूटिंग सुविधाओं का संचालन किया जा सकता है। अलग-अलग डिवाइस पर आसानी से लॉग-इन करने की सुविधा मिलने से कामकाज और पढ़ाई का सिलसिला बिना किसी रुकावट के जारी रहता है।
दूसरे इंटरनेट कनेक्शन पर भी काम करेगी सुविधा
इस सेवा का उपयोग करने के लिए रिलायंस का ही मोबाइल या ब्रॉडबैंड कनेक्शन होना अनिवार्य नहीं रखा गया है। यदि किसी यूजर के पास अन्य किसी इंटरनेट सेवा प्रदाता का कनेक्शन है, तब भी वह वैध जियोपीसी सब्सक्रिप्शन और वेब ब्राउजर के जरिए इस तकनीक का पूरा लाभ ले सकता है। शिक्षण संस्थान, स्कूल, कॉलेज और कौशल विकास केंद्र इस तकनीक की मदद से अपनी पुरानी कंप्यूटर लैब को बिना ज्यादा पैसे खर्च किए अपग्रेड कर सकते हैं। इससे संस्थानों को नए हार्डवेयर खरीदने में भारी-भरकम राशि खर्च करने से राहत मिलती है और छात्र आधुनिक तकनीक का आसानी से इस्तेमाल कर पाते हैं।
विभिन्न जरूरतों के लिए तय किए गए हैं प्लान
उपयोगकर्ताओं की अलग-अलग क्षमताओं और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जियोपीसी के कई तरह के सब्सक्रिप्शन प्लान बाजार में उतारे गए हैं। सामान्य जरूरतों के लिए 8 जीबी रैम और 500 जीबी स्टोरेज वाला विकल्प मौजूद है, जिसके तहत दो महीने के सब्सक्रिप्शन की कीमत 1,000 रुपये, पांच महीने के लिए 2,000 रुपये और 10+2 महीने यानी कुल 12 महीने के लिए 4,000 रुपये तय की गई है। इसके अलावा अधिक पावर चाहने वाले प्रोफेशनल्स के लिए 16 जीबी रैम और 1 टीबी स्टोरेज वाला जियोपीसी अल्ट्रा प्लान भी उपलब्ध कराया गया है। इस अल्ट्रा प्लान के लिए क्रमशः 1,200 रुपये (दो महीने), 2,500 रुपये (पांच महीने) और 5,000 रुपये (10+2 महीने) की दरें निर्धारित की गई हैं। जो ग्राहक जियोहोम सेवा का इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें प्रति माह 100 रुपये का विशेष वाउचर भी दिया जा रहा है जिसका उपयोग वे अपने ब्रॉडबैंड बिल में रियायत पाने के लिए कर सकते हैं.
सुरक्षा और सॉफ्टवेयर की मिलती है सुविधा
इस क्लाउड आधारित सिस्टम में उबंटू ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ लिब्रेऑफिस और आधुनिक वेब ब्राउजर जैसी जरूरी सुविधाएं पहले से मिलती हैं। इसके जरिए माइक्रोसॉफ्ट 365 और एडोबी एक्सप्रेस जैसे लोकप्रिय ऑनलाइन टूल्स का भी सुगमता से उपयोग किया जा सकता है। पारंपरिक कंप्यूटरों के उलट इसमें सारा डेटा लोकल डिवाइस में स्टोर होने के बजाय सुरक्षित क्लाउड स्टोरेज पर रखा जाता है। कंपनी के अनुसार सुरक्षा को मजबूत करने के लिए इसमें जीरो ट्रस्ट मॉडल अपनाया गया है और किसी भी आपात स्थिति के लिए डेटा रिकवरी का पुख्ता इंतजाम भी किया गया है।
हार्डवेयर खराब होने का नहीं रहता डर
इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यदि आपका फिजिकल डिवाइस कभी खराब हो जाए या चोरी हो जाए, तब भी क्लाउड पर मौजूद आपका सारा डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहता है। सब्सक्रिप्शन आधारित मॉडल होने के कारण उपभोक्ताओं को एकमुश्त बड़ी रकम निवेश करने की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे वे बेहद किफायती मासिक या मौसमी खर्च पर आधुनिक तकनीक का लाभ उठाते रहते हैं।



















