फर्रुखाबाद के इस प्राचीन शिव मंदिर में एक साथ होते हैं बारह ज्योतिर्लिंगों के दर्शन, महाभारत काल से जुड़ा है गहरा इतिहासपुणे प्लांट में बनने लगी लैंड रोवर डिफेंडर, कीमतों में 34 लाख रुपये तक की भारी कटौतीसावन में बेलपत्र चढ़ाने का सही नियम क्या है, एक गलती से बेकार हो सकती है पूजाबायोलॉजी में क्रांतिकारी बदलाव के दावों पर एन्थ्रोपिक की नई रिपोर्टरिज़र्व बैंक ऑफ़ न्यूज़ीलैंड 3 प्रतिशत कर सकता है ब्याज दर, मुद्रास्फीति और वैश्विक दबावों के बीच नीतिगत समीक्षा पर टिकी नज़रेंक्विंस की मेरिनो वूल टी-शर्ट बाजार में क्यों मचा रही है धूमवियतनाम में आर्थिक रफ्तार 2027 तक रहेगी तेज, 11 फीसदी तक पहुंच सकती है विकास दरअमेरिकी डॉलर के मुकाबले थाई बात तीन महीने के निचले स्तर पर फिसला, बैंक ऑफ थाईलैंड की बैठक पर टिकी नजरेंयमन से मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद रियाद में धमाके, उधर होर्मुज में तेल टैंकर में लगी आगड्यून: पार्ट थ्री का फाइनल ट्रेलर रिलीज, पॉल अत्रेइदेस और चानी के बीच भयंकर टकराव की झलक
सेफ हार्बर पर मेटा को भारत सरकार की चेतावनी, एआई सामग्री पर लेबल लगाना अनिवार्यतकनीक
18 अग॰ 2026, 2:44 pm (71 दिन पहले)· 2

सेफ हार्बर पर मेटा को भारत सरकार की चेतावनी, एआई सामग्री पर लेबल लगाना अनिवार्य

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मेटा को स्पष्ट किया है कि भारतीय कानूनों का उल्लंघन होने पर उसे 'सेफ हार्बर' का संरक्षण नहीं मिलेगा।

बाल यौन शोषण सामग्री से जुड़े गंभीर मुद्दे पर भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मेटा को सख्त संदेश दिया है। मंत्रालय ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि फेसबुक भारतीय कानूनों का उल्लंघन करता है, तो उसे 'सेफ हार्बर' के तहत कानूनी सुरक्षा का अधिकार नहीं मिलेगा। सरकार ने इस बात पर विशेष जोर दिया है कि उसकी मंशा किसी भी तरह की सेंसरशिप लागू करना नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य डिजिटल क्षेत्र में भारतीय कानूनों का अनुपालन सुनिश्चित करना और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों से होने वाले संभावित नुकसान को नियंत्रित करना है।

एल्गोरिदम की पारदर्शिता और वैश्विक जिम्मेदारी

सरकार के साथ हुई बातचीत के दौरान मेटा की ओर से अपने तकनीकी तंत्र और एल्गोरिदम के काम करने के तरीके के बारे में जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही डिजिटल सामग्री पर निर्णय लेने की आंतरिक प्रक्रियाओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी दोनों पक्षों के बीच संवाद जारी है। बातचीत के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया से उत्पन्न होने वाले खतरों को लेकर चिंताएं केवल भारत तक सीमित नहीं हैं। ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और अन्य देशों में भी इस तरह के नुकसान से निपटने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार ने स्पष्ट किया कि इन खतरों को रोकने और उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की प्राथमिक जिम्मेदारी खुद प्लेटफॉर्मों की ही है।

ये भी पढ़ें

एआई सामग्री की लेबलिंग और व्हाट्सऐप यूजरनेम की जांच

कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI से तैयार होने वाली सामग्री के विषय में भी सरकार ने अपने स्पष्ट रुख की जानकारी दी है। मंत्रालय के अनुसार कानून में यह प्रावधान पूरी तरह साफ है कि एआई से तैयार की गई हर सामग्री पर स्पष्ट लेबल लगाना अनिवार्य है। देश में काम करने वाले सभी सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्मों को इस नियम का कड़ाई से पालन करना होगा।

इसके अतिरिक्त, व्हाट्सऐप यूजरनेम से जुड़े विवाद की भी व्यापक स्तर पर जांच की जा रही है। जांच प्रक्रिया का दायरा केवल व्हाट्सऐप तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य मैसेजिंग ऐप्स को भी इसमें शामिल किया गया है। वर्तमान में डिजिटल सुरक्षा, उपयोगकर्ताओं के अधिकारों की रक्षा और भारतीय विधिक ढांचे का पालन सुनिश्चित कराने के लिए नियामक स्तर पर व्यापक विचार-विमर्श का दौर जारी है।

सवाल-जवाब

भारत सरकार ने सेफ हार्बर को लेकर मेटा को क्या चेतावनी दी है?
सरकार ने स्पष्ट किया कि यदि फेसबुक या अन्य प्लेटफॉर्म भारतीय कानूनों का उल्लंघन करते हैं, तो उन्हें कानूनी सुरक्षा यानी सेफ हार्बर का संरक्षण नहीं मिलेगा।
क्या सरकार सोशल मीडिया पर सेंसरशिप लागू करना चाहती है?
नहीं, सरकार ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य सेंसरशिप लगाना नहीं, बल्कि भारतीय कानूनों का पालन और उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
क्या एआई से बनी सामग्री पर लेबल लगाना अनिवार्य है?
हाँ, भारतीय कानून के तहत कृत्रिम रूप से तैयार की गई सभी एआई सामग्री पर स्पष्ट लेबल लगाना अनिवार्य है।
व्हाट्सऐप यूजरनेम मामले में क्या कार्रवाई हो रही है?
सरकार व्हाट्सऐप यूजरनेम विवाद की जांच कर रही है और इस जांच का दायरा अन्य मैसेजिंग ऐप्स तक भी फैला हुआ है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp