पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष अचानक अत्यधिक गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। सऊदी अरब की राजधानी रियाद मंगलवार को उस समय कई तेज धमाकों से गूंज उठी, जब हवाई रक्षा प्रणाली ने यमन से दागी गईं दो बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया। इस घटना के दौरान शहर के आवासीय और वाणिज्यिक इलाकों में मिसाइलों के अवशेष गिरने से इमारतों और वाहनों को क्षति पहुंची। लगभग इसी समय रणनीतिक रूप से संवेदनशील होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरंग की चपेट में आने के बाद एक विशाल तेल टैंकर में भीषण आग लग गई। यमन के भीतर ताइज और तटीय क्षेत्रों में जमीनी व हवाई हमले तेज होने से पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।
सऊदी राजधानी में मिसाइल अवरोधन और शहर में हुआ नुकसान
मंगलवार को रियाद के नागरिकों ने कम से कम चार बड़े विस्फोटों की आवाजें सुनीं। इससे ठीक पहले सऊदी अधिकारियों ने राजधानी समेत देश के दक्षिणी और पूर्वी गवर्नरेट के लिए हवाई हमले की आपात चेतावनी जारी की थी। नागरिक सुरक्षा विभाग के अनुसार, रक्षा प्रणाली द्वारा नष्ट की गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों का मलबा रियाद के घने इलाकों में गिरा। मलबे की चपेट में आने से एक बहुमंजिला इमारत, एक निर्माणाधीन स्थल और वहां खड़ा एक वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी भी नागरिक की जान जाने की खबर सामने नहीं आई। शुरुआत में रियाद, अबहा, नजरान और खमीस मुशैत गवर्नरेट में हाई अलर्ट घोषित किया गया था, जिसे बाद में स्थिति सामान्य होने पर वापस ले लिया गया।
हूती विद्रोहियों के दावे और पूर्वी प्रांत में सैन्य अलर्ट
यमन के हूती विद्रोहियों के सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने सोशल मीडिया पर इस हमले की जिम्मेदारी ली। उनका दावा था कि विद्रोहियों ने रियाद स्थित सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइल दागी थी। इसके अतिरिक्त, हूतियों ने सऊदी अरब के पूर्वी हिस्से में स्थित प्रसिद्ध रास तनूरा तेल रिफाइनरी पर भी मिसाइल हमले का दावा किया। हालांकि सऊदी अरब के सैन्य अधिकारियों ने रिफाइनरी पर हमले के दावे पर तुरंत कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया।
सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि यमन की ओर से देश के पूर्वी हिस्से की तरफ भेजी गईं तीन अन्य बैलिस्टिक मिसाइलों को भी रक्षा प्रणालियों ने सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। इसके अलावा गठबंधन की वायुसेना ने सऊदी अरब के दक्षिणी इलाकों को निशाना बनाने की नीयत से भेजे गए चार हूती ड्रोन भी हवा में ही मार गिराए।
ताइज और तटीय इलाकों में ज़मीनी व हवाई संघर्ष तेज़
यमन के घरेलू मोर्चे पर भी हिंसा की गंभीर घटनाएं दर्ज की गई हैं। हूती नियंत्रित स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता अनीस अल-असबाही ने आरोप लगाया कि सऊदी समर्थित सरकारी सेना ने सोमवार रात ताइज शहर के समीप स्थित एक व्यस्त गैस स्टेशन पर हमला कर दिया। इस हमले में दो लोगों की मौके पर मौत हो गई और कई अन्य नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल में घायलों के इलाज और शवों की तस्वीरें प्रसारित की गईं।
दूसरी तरफ, यमन की सरकारी सेना ने हूती ठिकानों पर जवाबी हवाई हमले करने की पुष्टि की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बंदरगाह शहर मोखा और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के पास स्थित धुबाब जिले में हूती ठिकानों पर भारी बमबारी की गई। मोखा के स्थानीय निवासियों ने सुबह तड़के तेज धमाकों की आवाजें सुनने का दावा किया। ताइज शहर, जो यमन का तीसरा सबसे बड़ा शहर और रणनीतिक प्रांतीय राजधानी है, पिछले कई हफ्तों से हूती विद्रोहियों की सख्त घेराबंदी झेल रहा है। विद्रोहियों ने सरकार के नियंत्रण वाले हिस्सों की आपूर्ति लाइनें बंद कर रखी हैं, जिसका सरकारी सेना जोरदार जवाब दे रही है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंग से टैंकर में आग और ईरान की चेतावनी
समुद्री सुरक्षा के लिहाज से सबसे बड़ी चिंताजनक खबर होर्मुज जलडमरूमध्य से आई। ईरानी नौसेना ने पुष्टि की कि जलडमरूमध्य के पूर्वी हिस्से में एक तेल टैंकर गुप्त रूप से बिछाई गई समुद्री बारूदी सुरंग से टकरा गया, जिससे उसमें भीषण आग लग गई। ईरानी सैन्य सूत्रों का दावा है कि टैंकर ने अपना ऑटोमैटिक ट्रैकिंग सिस्टम बंद कर रखा था और वह प्रतिबंधित क्षेत्र से गुजरने का प्रयास कर रहा था। हादसे में जहाज का मुख्य हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, हालांकि चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित बताए गए हैं।
इस घटना के बाद ईरानी नौसेना ने सख्त चेतावनी जारी करते हुए घोषणा की कि होर्मुज जलडमरूमध्य फिलहाल असुरक्षित और बंद है। ईरान ने साफ किया कि बिना पूर्वानुमति के इस मार्ग का उपयोग करने वाले किसी भी वाणिज्यिक जहाज को गंभीर जोखिम का सामना करना पड़ सकता है। इस बीच मॉस्को में आयोजित गैस निर्यातक देशों के मंच के शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर अमेरिका को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि फारस की खाड़ी में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता पैदा हो रही है और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा है।
मिस्र को चेतावनी और क्षेत्रीय सुरक्षा पर बढ़ता संकट
यमन संघर्ष का दायरा अब अन्य अरब देशों तक फैलने की आशंका बढ़ गई है। हूती राजनीतिक ब्यूरो के वरिष्ठ सदस्य मोहम्मद अल-बुखैती ने मिस्र की संसद द्वारा सऊदी अरब के समर्थन में पारित किए गए प्रस्ताव पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यमन के खिलाफ सऊदी अरब के सैन्य अभियानों का समर्थन करना एक शत्रुतापूर्ण कदम माना जाएगा और इससे मिस्र इस युद्ध में सीधे घसीटा जा सकता है। मिस्र अरब दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश है, और हूतियों की इस सीधी चेतावनी ने क्षेत्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है।



















