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टीनेजर्स के ग्रुप और चैनल पर नज़र रख सकेंगे अभिभावक, वॉट्सऐप ला रहा नए पैरेंटल कंट्रोल टूल्सतकनीक
1 अक्तू॰ 2026, 11:20 am (33 मिनट पहले)· 0

टीनेजर्स के ग्रुप और चैनल पर नज़र रख सकेंगे अभिभावक, वॉट्सऐप ला रहा नए पैरेंटल कंट्रोल टूल्स

वॉट्सऐप नए सुरक्षा फीचर्स पेश करने जा रहा है, जिससे टीनेज बच्चों के किसी ग्रुप में शामिल होते ही अभिभावकों को तुरंत अलर्ट मिलेगा और सेटिंग्स बदलने के लिए पिन की जरूरत होगी।

मैसेजिंग प्लेटफॉर्म वॉट्सऐप पर किशोर उम्र के यूजर्स की सुरक्षा को मजबूत करने के मकसद से नए पैरेंटल कंट्रोल फीचर्स तैयार किए जा रहे हैं। इन नए बदलावों के लागू होने के बाद अभिभावक अपने टीनेज बच्चों की डिजिटल गतिविधियों पर बेहतर निगरानी रख सकेंगे। अक्सर ऐसा देखा गया है कि कम उम्र के बच्चे जाने-अनजाने ऐसे चैट ग्रुप्स में जुड़ जाते हैं जो उनकी उम्र या सुरक्षा के लिहाज से उचित नहीं होते। नए सिस्टम के सक्रिय होने पर जैसे ही कोई टीनेजर किसी ग्रुप में शामिल होगा, उसके अभिभावक के फोन पर फौरन एक नोटिफिकेशन भेज दिया जाएगा। इसके अलावा अगर बच्चा पहले से किसी ऐसे ग्रुप में जुड़ा हुआ है जहां अचानक नए सदस्यों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ने लगती है, तो प्लेटफॉर्म इसका भी विशेष अलर्ट अभिभावकों तक पहुंचाएगा ताकि बच्चों को किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन नेटवर्क से बचाया जा सके।

प्राइवेसी सेटिंग्स और पिन लॉक का सुरक्षा कवच

नए सुरक्षा तंत्र के तहत बच्चे अपनी मर्जी से बुनियादी प्राइवेसी सेटिंग्स में फेरबदल नहीं कर सकेंगे। प्रोफाइल फोटो कौन देख सकता है, स्टेटस अपडेट किन संपर्कों को नजर आएंगे और यूजर को किसी नए ग्रुप में जोड़ने का अधिकार किसे होगा, इन तमाम बातों का निर्धारण अभिभावक और बच्चे आपसी सहमति से करेंगे। यदि कोई बच्चा इन निर्धारित सुरक्षा प्रतिबंधों को हटाने या बदलने की कोशिश करेगा, तो सिस्टम उससे अभिभावक द्वारा सेट किया गया पिन मांगेगा। इसका सीधा मतलब यह है कि घर के बड़ों की मंजूरी और गुप्त पिन के बिना बच्चा किसी भी नए ग्रुप का हिस्सा नहीं बन सकेगा और न ही अपनी दृश्यता से जुड़ी सेटिंग्स को ढीला कर पाएगा।

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चैनल्स, स्टेटस और मेटा एआई पर नियंत्रण

अभिभावकों को मिलने वाला यह प्रबंधन केवल साधारण ग्रुप बातचीत तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका दायरा सार्वजनिक वॉट्सऐप चैनल्स और मेटा एआई के इस्तेमाल तक फैला होगा। माता-पिता यह आसानी से तय कर पाएंगे कि उनका बच्चा किन चैनल्स को फॉलो कर सकता है और किन लोगों की ओर से लगाए गए स्टेटस देख सकता है। इसके साथ ही 13 वर्ष या उससे अधिक उम्र वाले किशोरों के लिए मेटा एआई के उपयोग को लेकर 'लिमिटेड कंटेंट' का विकल्प चुनने की सुविधा भी दी जाएगी। इस प्रतिबंधात्मक मोड से बच्चे केवल सुरक्षित, उपयुक्त और अपनी आयु वर्ग के अनुकूल जानकारियों तक ही पहुंच बना सकेंगे।

निजी संदेशों की गोपनीयता और एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन

सुरक्षा के इतने सख्त पहरे के बाद भी प्लेटफॉर्म ने बच्चों की व्यक्तिगत निजता का पूरा ध्यान रखा है। यह स्पष्ट किया गया है कि अभिभावक बच्चों के निजी टेक्स्ट संदेशों को नहीं पढ़ सकेंगे और न ही उनके द्वारा की जाने वाली वॉइस या वीडियो कॉल्स को सुन पाएंगे। सभी निजी चैट पहले की तरह पूरी तरह एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड बनी रहेंगी। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य बच्चों पर जासूसी करना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित और जिम्मेदार डिजिटल परिवेश उपलब्ध कराना है। माता-पिता अपनी सुविधानुसार इन नियंत्रणों और प्राथमिकताओं को कभी भी संशोधित या निष्क्रिय कर सकते हैं।

सवाल-जवाब

क्या नए फीचर्स के बाद माता-पिता बच्चों के पर्सनल मैसेज पढ़ सकेंगे?
नहीं, वॉट्सऐप पर सभी चैट एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड रहेंगी। अभिभावक न तो बच्चों के मैसेज पढ़ पाएंगे और न ही उनकी कॉल्स सुन सकेंगे।
बच्चे के किसी अनजान ग्रुप में जुड़ने पर क्या होगा?
जैसे ही बच्चा किसी नए ग्रुप में शामिल होगा, उसके अभिभावक के फोन पर तुरंत एक सुरक्षा नोटिफिकेशन पहुंच जाएगा।
अगर ग्रुप में अचानक बहुत सारे नए मेंबर्स जुड़ने लगें तो क्या अलर्ट मिलेगा?
हां, अगर किसी ग्रुप में अचानक सदस्यों की संख्या तेजी से बढ़ती है, तो सिस्टम अभिभावक को संभावित खतरे का अलर्ट भेजेगा।
क्या बच्चे अपनी मर्जी से प्राइवेसी सेटिंग्स बदल सकेंगे?
नहीं, प्रोफाइल फोटो, स्टेटस और ग्रुप इनविटेशन से जुड़ी सेटिंग्स को बदलने के लिए अभिभावक द्वारा तय किए गए पिन की जरूरत होगी।
मेटा एआई के इस्तेमाल पर अभिभावक कैसे नियंत्रण रख सकेंगे?
13 साल या उससे अधिक उम्र के बच्चों के लिए अभिभावक मेटा एआई पर 'लिमिटेड कंटेंट' का विकल्प चुन सकते हैं, जिससे सुरक्षित जानकारी ही मिलेगी।
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