ऑस्ट्रेलिया के 17 वर्षीय खिलाड़ी क्रूज हेविट ने विंबलडन के लड़कों के एकल फाइनल में जगह पक्की कर ली है। उन्होंने डच खिलाड़ी थिज बोगार्ड को 6-4, 6-4 के सीधे सेटों में हराकर अपनी शानदार लय जारी रखी है। यह उपलब्धि एक बड़े पारिवारिक इतिहास के साथ जुड़ी है, क्योंकि क्रूज के पिता लेटन हेविट ने 24 साल पहले इसी प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में पुरुषों के एकल खिताब पर कब्जा किया था। गौरतलब है कि क्रूज का जन्म लेटन के उस ऐतिहासिक विंबलडन जीत के छह साल बाद हुआ था।
टूर्नामेंट में दबदबा
इस साल के विंबलडन में क्रूज हेविट का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा है। उन्होंने अब तक लगातार पांच मैचों में सीधे सेटों में जीत हासिल की है। टूर्नामेंट के इस सफर के दौरान उन्हें केवल एक बार ही टाई-ब्रेक की स्थिति का सामना करना पड़ा है। इस पूरी प्रतियोगिता के दौरान उनके पिता लेटन हेविट कोर्ट के किनारे मौजूद रहकर उनका उत्साह बढ़ाते रहे हैं। लेटन खुद भी टेनिस के दिग्गज खिलाड़ी रहे हैं, जिन्होंने 2002 के विंबलडन फाइनल में डेविड नलबैंडियन को हराकर ट्रॉफी जीती थी।
करियर का पड़ाव और आगामी चुनौती
लेटन हेविट का करियर भी शानदार रहा है, जिसमें उन्होंने 2001 में यूएस ओपन का खिताब जीता था और 2005 के ऑस्ट्रेलियन ओपन में वे फाइनल तक पहुंचे थे। वहीं क्रूज ने 2025 के ऑस्ट्रेलियन ओपन के माध्यम से अपना सीनियर ग्रैंड स्लैम डेब्यू किया था। उन्हें क्वालीफाइंग के लिए वाइल्डकार्ड मिला था, लेकिन वे पहले ही दौर में हार गए थे। हालांकि, विंबलडन के इस फाइनल में पहुंचकर उन्होंने नई उम्मीदें जगा दी हैं। वे 2016 में एलेक्स डी मिनौर के बाद विंबलडन के लड़कों के एकल फाइनल में पहुंचने वाले पहले ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी बन गए हैं। रविवार को होने वाले खिताबी मुकाबले में उनका सामना अमेरिकी खिलाड़ी जॉर्डन ली से होगा, जिन्होंने सेमीफाइनल में जर्मनी के विंसेंट रीसाच को 6-3, 6-2 से शिकस्त दी थी।











