लिंडा नोस्कोवा ने अपनी ही हमवतन चेक खिलाड़ी कैरोलिना मुचोवा को हराकर विंबलडन 2026 महिला एकल का खिताब अपने नाम कर लिया है। बेहद रोमांचक उतार-चढ़ाव से भरे इस मैच में नोस्कोवा ने मुचोवा की मजबूत वापसी की कोशिशों को नाकाम कर दिया। चैंपियनशिप पॉइंट गंवाने के बावजूद नोस्कोवा ने अपना आपा नहीं खोया और सूझबूझ दिखाते हुए अपने करियर का पहला ग्रैंड स्लैम खिताब हासिल किया।
चेक खिलाड़ियों के बीच कांटे की टक्कर
इस खिताबी मुकाबले में दोनों चेक खिलाड़ियों ने असाधारण खेल का प्रदर्शन किया। कैरोलिना मुचोवा ने 9 जुलाई 2026 को कोको गॉफ के खिलाफ सेमीफाइनल में एक कड़ा टाई-ब्रेकर जीतकर फाइनल का टिकट कटाया था। उन्होंने उसी जज्बे के साथ फाइनल मैच में भी शानदार वापसी की। हालांकि, लिंडा नोस्कोवा ने दबाव को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया और पहली बार ग्रैंड स्लैम चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। पैट कैश, रसेल फुलर और जीजी साल्मन जैसे खेल विश्लेषकों ने इस खिताबी मुकाबले और नोस्कोवा के मानसिक संयम की जमकर तारीफ की।
पुरुष एकल और युगल वर्ग की बड़ी खिताबी जीत
महिला वर्ग के रोमांच के साथ ही फैंस की निगाहें रविवार को होने वाले पुरुष एकल के फाइनल मुकाबले पर भी टिक गई हैं, जहां जैनिक सिनर अपने खिताब का बचाव करने के लिए एलेक्जेंडर ज्वेरेव से भिड़ेंगे। वहीं, युगल वर्ग में भी बड़ा मुकाबला देखने को मिला। ब्रिटेन की दिग्गज जोड़ी गॉर्डन रीड और अल्फी हेवेट ने अपना सातवां विंबलडन डबल्स खिताब जीतकर नया इतिहास लिखा। इसके अलावा, हेनरी पैटन और फिनलैंड के हैरी हेलियोवारा ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने पुरुष डबल्स खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया।











