ग्रेट ब्रिटेन के हेनरी पैटन और उनके फिनिश जोड़ीदार हैरी हेलियोवारा ने विंबलडन में लगातार दूसरी बार पुरुष युगल का खिताब जीत लिया है। दुनिया की नंबर एक जोड़ी ने फाइनल में अल साल्वाडोर के मार्सेलो अरेवालो और क्रोएशिया के माटे पाविच को 7-6 (7-4), 7-6 (7-3) से हराया। यह जीत दोनों के लिए पिछले तीन साल में तीसरा ग्रैंड स्लैम खिताब है।
टाईब्रेक में दिखा दम
दोनों टीमों में से किसी को भी पूरे मैच में एक भी ब्रेक पॉइंट नहीं मिला, जो बताता है कि मुकाबला कितना कांटे का था। दोनों जोड़ियों ने अपनी सर्विस पर जबरदस्त खेल दिखाया, जिससे दोनों सेट टाईब्रेक तक पहुंचे। यह पैटन और हेलियोवारा के लिए कोई नई बात नहीं थी, क्योंकि इस सीजन में वे बार-बार ऐसे ही दबाव वाले पलों में शानदार खेल दिखाते आए हैं। फाइनल तक पहुंचने से पहले वे अपने पांच मैचों में से तीन में डिसाइडिंग सेट का टाईब्रेक जीत चुके थे, और इस सीजन में उन्होंने कुल सात में से छह टाईब्रेक अपने नाम किए थे। फाइनल में भी यही फॉर्म काम आई, पहले सेट के टाईब्रेक में उन्होंने शुरुआती पांच में से चार पॉइंट जीतकर बढ़त बना ली, और दूसरे सेट के टाईब्रेक में शुरुआती छह में से पांच पॉइंट जीतकर खिताब पर कब्जा कर लिया।
ऐस के साथ जमीन पर गिरे पैटन
मैच का अंत भी उतना ही रोमांचक रहा जितना पूरा मुकाबला था। पैटन ने दूसरे मैच पॉइंट पर ऐस लगाकर जीत पक्की की और जोश में जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद हेलियोवारा ने आगे की ओर रोल लगाकर जश्न मनाया और अपने जोड़ीदार को गले लगा लिया। सेंटर कोर्ट पर मौजूद दर्शकों के सामने यह दोनों की इस सीजन की पांचवीं खिताबी जीत थी, जो टूर में किसी भी जोड़ी से ज्यादा है।
हैरी की वजह से बना मेरा करियर
जीत के बाद हेलियोवारा ने पैटन को दुनिया का सबसे अच्छा पार्टनर बताया, वहीं पैटन ने दो साल पहले उन्हें मौका देने के लिए हेलियोवारा का शुक्रिया अदा किया। पैटन ने कहा, मैं अपना करियर वाकई हैरी का ऋणी हूं। जब मैंने शुरुआत की थी, तब उन्होंने मुझ पर भरोसा किया, और मुझे लगता है कि यह उनका अब तक का सबसे अच्छा फैसला साबित हुआ। उन्होंने आगे कहा, यह सब सपने जैसा लगता है। जब हमने पहली बार खिताब जीता था, तब हमें नहीं पता था कि दोबारा ऐसा मौका मिलेगा भी या नहीं। यहां फिर से पहुंचकर हम खुद को बहुत भाग्यशाली मानते हैं। दोनों की जोड़ी 2024 की शुरुआत में ही बनी थी, और उसी साल उन्होंने विंबलडन खिताब जीता। इसके बाद 2025 में उन्होंने ऑस्ट्रेलियन ओपन भी अपने नाम किया। इस तरह शनिवार की जीत तीन साल के भीतर दोनों का तीसरा ग्रैंड स्लैम खिताब है।
एटीपी की डबल्स कटौती पर पैटन का पलटवार
सेंटर कोर्ट पर ट्रॉफी लेने के बाद पैटन ने इसी महीने एटीपी टूर की ओर से पेश उन प्रस्तावों पर भी अपनी बात रखी, जो डबल्स खिलाड़ियों के मौके काफी कम कर सकते हैं। इन प्रस्तावों के मुताबिक एटीपी 1000 टूर्नामेंट्स में सिर्फ 16 टीमें और छोटे टूर्नामेंट्स में सिर्फ आठ टीमें ही हिस्सा ले पाएंगी, जबकि डबल्स खिलाड़ियों को मिलने वाली प्राइज मनी का हिस्सा 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किया जा सकता है। पैटन ने कहा, यह बताना जरूरी है कि एटीपी टूर ने डबल्स में कटौती के प्रस्ताव रखे हैं, और मेरा पक्का मानना है कि हम यहां इस खेल को बढ़ाने के लिए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस मुद्दे पर एटीपी के साथ सार्थक बातचीत हो सकेगी। उन्होंने कहा, डबल्स कितनी खुशी दे सकता है, इसकी यह एक शानदार मिसाल है। दर्शकों, उम्मीद है आपको यह मैच पसंद आया होगा। पैटन ने आगे कहा, मेरा मानना है कि हमें बच्चों के लिए टेनिस के मौके बढ़ाने चाहिए, चाहे वे डबल्स खेलें या सिंगल्स, ब्रिटेन से हों, फिनलैंड से, अल साल्वाडोर से या क्रोएशिया से, जहां से भी हों। हमें मौके छीनने के बजाय सहयोग बढ़ाना चाहिए। अंत में उन्होंने विंबलडन का शुक्रिया अदा करते हुए कहा, इन दो हफ्तों के लिए यह मंच देने के लिए विंबलडन का शुक्रिया, आप दुनिया का सबसे बेहतरीन टूर्नामेंट हैं।
फाइनल से पहले मिली थी दो हार
शनिवार की यह जीत आसानी से नहीं मिली। पैटन और हेलियोवारा जून में फ्रेंच ओपन का फाइनल हार गए थे, और विंबलडन से पहले क्वींस के फाइनल में भी उन्हें अरेवालो और पाविच के हाथों ही हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन दोनों हार का असर उस टूर्नामेंट पर नहीं पड़ा जो उनके लिए सबसे मायने रखता था, और उन्होंने ऑल इंग्लैंड क्लब में इतिहास को दोहराने नहीं दिया।
बॉब-माइक ब्रायन के बाद ऐसा करने वाली पहली जोड़ी
खिताब बरकरार रखकर पैटन और हेलियोवारा 2011 में अमेरिका के बॉब और माइक ब्रायन के बाद विंबलडन पुरुष युगल में एक से ज्यादा बार खिताब जीतने वाली पहली जोड़ी बन गए हैं। ओपन युग में एक से ज्यादा बार विंबलडन पुरुष युगल खिताब जीतने वाली यह अब तक की 11वीं जोड़ी है। इसी सीजन जून में दोनों पहली बार दुनिया की नंबर एक जोड़ी भी बने थे। पैटन के लिए यह जीत खास मायने रखती है, क्योंकि वे ओपन युग में एक से ज्यादा बार विंबलडन पुरुष युगल खिताब जीतने वाले पहले ब्रिटिश खिलाड़ी बन गए हैं। यह लगातार चौथा साल है जब किसी घरेलू खिलाड़ी ने विंबलडन पुरुष युगल खिताब जीता है।











