एडवेंचर के लिए हजारों-लाखों रुपए खर्च करके दूसरे राज्यों या देशों तक जाने की ज़रूरत नहीं, क्योंकि बिहार के जमुई जिले के खैरा प्रखंड में गिद्धेश्वर वन्य क्षेत्र में वो सब मौजूद है जो एक रोमांच के दीवाने को चाहिए। ट्रैकिंग, ऑफ रोडिंग, बाइकिंग और पिकनिक, सब एक ही जगह और वो भी बिना भीड़भाड़ के, चारों तरफ घनी हरियाली और ऊंचे पहाड़ों के बीच।
गिद्धेश्वर मंदिर से शुरू होती है असली यात्रा
जमुई जिले का एक बड़ा भूभाग वन्य क्षेत्र से ढका हुआ है और यहां घूमने-फिरने के कई ठिकाने हैं। गिद्धेश्वर वन्य क्षेत्र में गिद्धेश्वर मंदिर से करीब 5 किलोमीटर की दूरी पर योगेश्वर पहाड़ की तलहटी का इलाका है, जिसका प्राकृतिक वातावरण काफी रमणीक है। इस इलाके तक पहुंचने के लिए गिद्धेश्वर मंदिर से आगे बढ़ते हुए ललदैया काजवे पुल के पास से रास्ता शुरू होता है। यहीं से मुख्य सड़क को पीछे छोड़कर पथरीले रास्तों पर सफर की असली शुरुआत होती है।
पथरीले रास्तों पर बाइकिंग का अनोखा अनुभव
ललदैया काजवे पुल के पास से पहाड़ी की चढ़ाई शुरू होती है और इन ऊबड़-खाबड़ पथरीले रास्तों पर बाइक चलाने का मज़ा किसी पक्की सड़क पर नहीं मिल सकता। रास्ते के दोनों तरफ घनी झाड़ियां हैं, ऊंचे-ऊंचे पहाड़ और लंबे-लंबे पेड़ एक हरा-भरा माहौल बनाते हैं जो मन को एक अलग ही सुकून देता है। यह रास्ता कई जंगली गांवों को मुख्यालय से जोड़ता है और यहां इन गांवों के स्थानीय लोगों के अलावा बाहर से बहुत कम लोग आते हैं, इसीलिए यह जगह भीड़ और शोरगुल से पूरी तरह मुक्त है।
सात से अधिक पहाड़ियों के बीच बनी विशाल घाटी
इसी रास्ते पर आगे बढ़ते जाने पर आप गिद्धेश्वर के आसपास की पांच पहाड़ियों के बीच की तलहटी तक पहुंच जाते हैं। गिद्धेश्वर वन्य क्षेत्र में सात से भी अधिक छोटी-बड़ी पहाड़ियां हैं जो आपस में मिलकर एक विशाल घाटी का निर्माण करती हैं। इस घाटी में पहुंचने पर आप खुद को चारों तरफ से पहाड़ों से घिरा हुआ पाएंगे, नज़ारा देखने में काफी खूबसूरत लगता है। यहां स्थानीय युवा पिकनिक मनाने आते हैं। पहाड़ियों के बीच कई छोटे-छोटे झरने और बांध भी हैं जिनमें साल भर पानी रहता है।
पंचभूर झरना बन रहा है नया आकर्षण
इन्हीं झरनों में पंचभूर झरना आजकल लोगों के बीच काफी चर्चित हो रहा है। प्रकृति प्रेमी और एडवेंचर के दीवाने इस झरने की तरफ खिंचते चले आ रहे हैं। अगर आप जमुई आने की सोच रहे हैं और रोमांच के शौकीन हैं, तो दोस्तों के साथ गिद्धेश्वर वन्य क्षेत्र ज़रूर जाएं। ट्रैकिंग, ऑफ रोडिंग, बाइकिंग और पिकनिक, सब कुछ एक ही जगह मिलेगा, वो भी बिल्कुल शांत और प्राकृतिक माहौल में।













