तेलंगाना के सिद्दिपेट ज़िले में स्थित हुस्नाबाद कस्बे की ऐतिहासिक येल्लम्मा चेरुवु झील पर राज्य का पहला ग्लास ब्रिज बनकर लगभग तैयार हो चुका है। दिल के अनूठे आकार में निर्मित यह पारदर्शी पुल काकतीय राजवंश के समय की प्राचीन झील के सौंदर्यकरण और विकास परियोजना की मुख्य उपलब्धि है। लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से बने इस पुल की कुल लंबाई करीब 150 मीटर है, जबकि इसकी चौड़ाई 1.5 मीटर यानी लगभग 5 फीट रखी गई है। झील के जलस्तर से लगभग 20 फीट ऊपर स्थित इस ब्रिज में उच्च गुणवत्ता वाले पारदर्शी ग्लास पैनल लगाए गए हैं, जिससे पर्यटकों को पानी के ऊपर हवा में चहलकदमी करने जैसा अद्भुत और रोमांचक एहसास होगा।
आधुनिक सुविधाएं और मनोरंजन परिसर
हुस्नाबाद के विधायक और मंत्री पोन्नम प्रभाकर की विशेष पहल पर शुरू की गई इस परियोजना का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में आधुनिक पर्यटन सुविधाएं प्रदान करना है। इस पारदर्शी पुल के साथ-साथ झील के किनारे को भी एक वृहद मनोरंजन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए हैदराबाद के चर्चित टैंक बंड और सिद्दिपेट के कोमटी चेरुवु के तर्ज पर कई नागरिक सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं। परिसर में पर्यटकों के टहलने के लिए एक सुसज्जित वॉक-वे, सांस्कृतिक आयोजनों के लिए बथुकम्मा घाट, सुंदर लैंडस्केप पार्क, बच्चों के खेलने का क्षेत्र और एक ओपन जिम का निर्माण किया जा रहा है।
कड़े सुरक्षा परीक्षण और क्षेत्रीय टूरिज्म सर्किट
फिलहाल स्थानीय प्रशासन और सिविल इंजीनियरों की एक विशेषज्ञ टीम पुल के सभी सुरक्षा मानकों और भार सहने की क्षमता की बारीकी से जांच कर रही है। अंतिम चरण के निर्माण कार्य और सुरक्षा मंजूरी मिलते ही इसे आधिकारिक तौर पर आम जनता और सैलानियों के लिए खोल दिया जाएगा। केवल इतना ही नहीं, स्थानीय प्रशासन इस परियोजना के माध्यम से एक पूरा पर्यटन सर्किट तैयार कर रहा है। इसके तहत येल्लम्मा चेरुवु झील को निकटवर्ती दर्शनीय स्थलों जैसे ऐतिहासिक भैरव स्वामी मंदिर, प्राकृतिक रायकल जलप्रपात और ऐतिहासिक सरदार सर्वई पापन्ना गौड़ किले से जोड़ा जाएगा। इस एकीकृत पर्यटन योजना से स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलने और युवाओं के लिए रोज़गार के नए साधन बनने की उम्मीद है।



















