बुंदेलखंड का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल चित्रकूट जल्द ही एक और आकर्षक पर्यटन केंद्र का केंद्र बनने जा रहा है। सोनेपुर रोड पर स्थित एक शताब्दी से अधिक पुराने ऐतिहासिक राणा तालाब का स्वरूप बदलने के लिए व्यापक कायाकल्प कार्य शुरू किया गया है। जिला प्रशासन इस प्राचीन जलस्रोत को न केवल संरक्षित कर रहा है, बल्कि इसे आधुनिक नागरिक सुविधाओं और मनोरंजन के साधनों से सुसज्जित कर रहा है ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों को एक बेहतरीन वातावरण मिल सके।
आधुनिक सुविधाओं से सजेगा तालाब परिसर
राणा तालाब को आकर्षक स्वरूप देने के लिए विस्तृत योजना तैयार की गई है। इस परियोजना के अंतर्गत तालाब की तली से गाद और मिट्टी की सफाई के साथ-साथ कंकड़, मलबा, बेहया की झाड़ियों और जलकुंभी को हटाने का काम प्राथमिकता से किया जा रहा है। इसके साथ ही पानी तक सुगम पहुंच के लिए सुंदर घाटों का निर्माण किया जाएगा। परिसर की सुरक्षा और हरियाली बनाए रखने के लिए चारों तरफ बाउंड्री वॉल और इनर ग्रीन फेंसिंग लगाई जाएगी। प्रवेश मार्ग पर एक भव्य गेट का निर्माण होगा और पैदल चलने वालों के लिए इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाई जाएंगी।
खेलकूद, व्यायाम और जल संरक्षण पर ध्यान
पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों की सुविधा के लिए तालाब परिसर में ओपन जिम, बच्चों के लिए झूले और खेल उपकरण स्थापित किए जाएंगे। आगंतुकों के बैठने के लिए छायादार विजिटर शेड और आरामदायक बेंच लगाई जाएंगी। स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता और जल स्तर बनाए रखने के लिए सबमर्सिबल पंप और समर्पित पाइपलाइन नेटवर्क बिछाया जा रहा है। इसके अलावा, स्टोन पिचिंग, नालियों का निर्माण, हॉर्टिकल्चर के माध्यम से बागवानी, दिशा-सूचक बोर्ड, सोलर हाईमास्ट लाइट और सोलर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था की जाएगी। इन कार्यों से जल संरक्षण को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।
परियोजना की प्रगति और बजट आवंटन
इस कायाकल्प योजना के वित्तीय प्रबंधन के बारे में चित्रकूट के जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने स्पष्ट किया है कि पूरी परियोजना पर लगभग 2 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट के लिए अब तक 95.63 लाख रुपये की पहली किस्त प्राप्त हो चुकी है, और इस पूरी मिली हुई राशि का 100 प्रतिशत उपयोग निर्माण एवं सफाई कार्यों में सफलतापूर्वक किया जा चुका है। जिलाधिकारी के अनुसार, ऐतिहासिक पहचान को कायम रखते हुए इस स्थान को एक प्रमुख जनसुविधा और दर्शनीय स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है।


















